जिस तरह आजकल की लाइफस्टाइल और दिनचर्या बन रही है, उसमें स्पाइन की परेशानी होना नार्मल है
स्पाइन हमारे ब्रेन को बॉडी से कनेक्ट करता है. अगर यह डिस्टर्ब हुआ तो चलना-फिरना भी दूभर हो सकता है
इस समस्या को Spinal Cord Compression कहा जाता है. आम बोलचाल में लोग इसे रीढ़ की हड्डी का दबना कहते हैं
Johns Hopkins Medicine के मुताबिक स्पाइनल कॉर्ड कंप्रेशन दिमाग से लेकर निचली कमर तक कहीं भी हो सकता है
स्पाइनल कॉर्ड कंप्रेशन के लक्षण गर्दन, पीठ और निचली कमर में दर्द व अकड़न, हाथ-कूल्हे और पैरों तक जाने वाली जलन व दर्द, हाथ-पैर में सुन्नपन आदि शामिल है
स्पाइनल कॉर्ड कंप्रेशन का कारण रीढ़ की हड्डी में चोट लगना, स्पाइनल ट्यूमर, हड्डियों की बीमारी, रुमेटॉयड आर्थराइटिस, इंफेक्शन आदि
स्पाइन एक्सरे, सीटी स्कैन, MRI आदि टेस्ट के जरिए स्पाइनल कॉर्ड कंप्रेशन का पता किया जाता है
रेगुलर एक्सरसाइज करें, पोस्चर सही रखें, वजन कंट्रोल रखें, बैलेंस्ड डाइट लें, स्मोकिंग ना करें. ऐसे काम स्पाइनल कॉर्ड को हेल्दी रखने में मदद करते हैं
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