बच्चों के नाम तक याद नहीं! 70 बच्चों को जन्म देने वाले इस पिता के पास क्यों नहीं है दो जून की रोटी?

अफगान पिता का 58 बच्चों का परिवार गरीबी से जूझ रहा है। घर में खाने और जरूरी चीजों की कमी है। इस मामले के सामने आने के बाद बाल विवाह और बच्चों की देखभाल को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।

अपडेटेड Oct 22, 2026 पर 4:00 PM
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अफगानिस्तान (Afghanistan) से एक ऐसे परिवार की कहानी सामने आई है, जहां रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करना भी मुश्किल है। परिवार की आर्थिक हालत इतनी खराब है कि बच्चों को खाना, कपड़े और जूते दिलाना भी आसान नहीं है।

BBC को दिए इंटरव्यू में मोहम्मद सादिक (Mohammad Sadiq) ने बताया कि उनके 70 से ज्यादा बच्चे हैं, जिनमें से 58 जीवित हैं। वह अपनी चार पत्नियों और बच्चों के साथ रहते हैं। परिवार इतना बड़ा है कि उन्हें सभी बच्चों के नाम भी याद नहीं रहते। कई बार वह उन्हें नाम से बुलाने के बजाय ‘बेटा’ या ‘बच्चा’ कहकर पुकारते हैं। परिवार की हालत ऐसी है कि कुछ बच्चे भूखे पेट सो जाते हैं और कई के पास जूते तक नहीं हैं। सादिक का सबसे छोटा बच्चा अभी सिर्फ तीन महीने का है।

गरीबी में इस तरह गुजर रही परिवार की जिंदगी


BBC ग्लोबल विमेन के वीडियो में सादिक के घर की हालत दिखाई गई है। घर में ठीक से दरवाजे और खिड़कियां नहीं हैं। लकड़ी खरीदने के पैसे न होने पर परिवार को कई बार आग जलाने के लिए कागज का इस्तेमाल करना पड़ता है।

सादिक एक कार डीलरशिप में काम करते हैं, जहां उन्हें हर कार बेचने पर 1,000 अफगानी यानी करीब 1,469 रुपये मिलते हैं। इतनी कम कमाई में बड़े परिवार का खर्च चलाना मुश्किल है। उन्होंने माना कि अगर उन्हें पहले पता होता कि बच्चों को पालना इतना कठिन होगा, तो वह इतने सारे बच्चों के पिता नहीं बनते।

कम उम्र में शादी और बच्चों की देखभाल में सामने आयी ये चुनौती

सादिक ने बताया कि उनकी चारों पत्नियों की शादी कम उम्र में हुई थी। उन्होंने कहा कि उनके कई बच्चों की मृत्यु हो गई, क्योंकि उनकी पत्नियों को छोटे बच्चों की देखभाल करने और उन्हें स्तनपान कराने की सही जानकारी नहीं थी।

इस मामले ने अफगानिस्तान में कम उम्र में लड़कियों की शादी और कम उम्र में मां बनने से जुड़ी परेशानियों पर भी ध्यान खींचा है। द गार्जियन की एक रिपोर्ट के मुताबिक, देश में कम उम्र में होने वाली शादियों को लेकर चिंता बढ़ रही है। रिपोर्ट में एक दाई ने बताया कि अब कम उम्र में मां बनने वाली लड़कियां पहले के मुकाबले ज्यादा संख्या में अस्पताल पहुंच रही हैं।

सोशल मीडिया पर लोगों का रहा ये रिएक्शन

BBC ग्लोबल विमेन के इंस्टाग्राम वीडियो पर कई लोगों ने परिवार की हालत देखकर चिंता जताई। कुछ लोगों ने सवाल किया कि जब बच्चों को खाना, कपड़े और जूते तक देना मुश्किल है, तो इतने बड़े परिवार का खर्च कैसे उठाया जा रहा है।

कुछ लोगों ने उनकी पत्नियों और बच्चों के लिए दुख जताया। गरीबी, कम उम्र में शादी और इलाज की सुविधा न मिलने से महिलाओं और बच्चों को सबसे ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ती है।

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