Smit Machchhar: पीएम मोदी से लेकर ट्रंप और नेतन्याहू तक...पूरी दुनिया कैप्टन स्मित मच्छार को कर रही 'सैल्यूट', भारतीय पायलट ने बचाई 174 लोगों की जान
Indian Captain Smit Machchhar: दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाइट में कॉकपिट के अंदर हुए हमले ने विमान सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस घटना में भारतीय कैप्टन स्मित मच्छर गंभीर रूप से घायल हो गए। लेकिन उन्होंने हमलावर को रोकने और कॉकपिट का दरवाजा खोलने में अहम भूमिका निभाई। पीएम नरेंद्र मोदी, इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कैप्टन की जमकर तारीफ की है
Indian Captain Smit Machchhar: इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भारतीय पायलट को 'सच्चा हीरो' बताया है
Indian Captain Smit Machchhar: इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने बुधवार (30 सितंबर) को कहा कि दुबई-तेल अवीव फ्लाईदुबई उड़ान के भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार ने विमान को कथित तौर पर गिराने की कोशिश कर रहे अपने सह-पायलट का डटकर मुकाबला किया। मच्छार को 'सच्चा नायक' बताते हुए नेतन्याहू ने कहा, "चाकू से हमला किए जाने और गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद उन्होंने सह-पायलट का मुकाबला किया। उनकी वजह से एक भयावह हादसा टल गया।" प्रधानमंत्री ने कहा, "मच्छार ने इजरायली नागरिकों और अन्य देशों के नागरिकों समेत 174 लोगों की जान बचाई। मैं कैप्टन मच्छर के शीघ्र और पूरी तरह स्वस्थ होने की कामना करता हूं। वह सच्चे नायक हैं।"
उन्होंने कहा, "असाधारण बहादुरी दिखाने वाले भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छर को मेरा सलाम।" नेतन्याहू ने इससे पहले कहा था कि एक पायलट ने दूसरे पायलट पर चाकू से हमला किया और कथित तौर पर यात्रियों से भरे विमान को गिराने की कोशिश की।
My salute to the Indian pilot Captain Smit Machchhar for his extraordinary bravery.
Despite being stabbed and seriously injured, he fought back, resisted, opened the cockpit door, and enabled passengers and crew to overpower the attacker — preventing a catastrophic mid-air… — Benjamin Netanyahu - בנימין נתניהו (@netanyahu) September 30, 2026
पीएम मोदी ने भी की तारीफ
Flydubai की दुबई-तेल अवीव फ्लाइट में कथित हमले के दौरान बहादुरी दिखाने वाले भारतीय कैप्टन स्मित मच्छर की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी तारीफ की है। पीएम मोदी ने कहा कि गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन मच्छर ने दूसरों की जान बचाने के लिए अद्भुत साहस और अटूट संकल्प का परिचय दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पोस्ट में कैप्टन स्मित मच्छर को ‘हीरो’ बताते हुए उनकी बहादुरी को सलाम किया।
पीएम मोदी ने गुरुवार सुबह X पर लिखा, "कैप्टन स्मित मच्छार एक हीरो हैं। सबसे बड़े खतरे का सामना करते हुए और गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद उन्होंने बहुत हिम्मत दिखाई और दूसरों की जान बचाने का पक्का इरादा दिखाया। उनकी हिम्मत ने सैकड़ों जानें बचाने और एक बड़ी त्रासदी को टालने में मदद की। भारत को कैप्टन मच्छर पर गर्व है। उनके जल्दी ठीक होने, नई ताकत और अच्छी सेहत के लिए प्रार्थना कर रहे हैं।"
Captain Smit Machchhar is a HERO. In the face of the gravest danger and despite being seriously injured, he showed immense courage and an unwavering resolve to protect the lives of others. His valour helped save hundreds of lives and avert a great tragedy. India is proud of… — Narendra Modi (@narendramodi) October 1, 2026
ट्रंप बोले- 'को-पायलट आतंकी या सनकी हो सकता है'
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उन्होंने इस घटना को लेकर नेतन्याहू से विस्तार से बात की है। ट्रंप ने गुरुवार को व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान फ्लाईदुबई की इस घटना का जिक्र किया। ट्रंप ने कहा कि उन्होंने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से इस मामले पर विस्तार से बात की है।
ट्रंप के मुताबिक, शुरुआती जानकारी में ऐसा सामने आया कि विमान के को-पायलट ने कैप्टन पर चाकू से हमला किया। उन्होंने कहा कि को-पायलट शायद आतंकवादी या शायद सनकी हो सकता है। हालांकि ट्रंप ने खुद यह भी स्पष्ट किया कि उन्हें जो जानकारी मिली है, उन्होंने उसकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की है।
ट्रंप ने कहा कि हमले में पायलट गंभीर रूप से घायल हो गए थे। लेकिन इसके बावजूद उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा खोलने में कामयाबी हासिल की। इसके बाद यात्रियों को अंदर पहुंचने और स्थिति को नियंत्रित करने का मौका मिला। इस दौरान ट्रंप भारतीय पायलट की तारीख करते हुए उन्हें असली हीरो बताया।
इजरायली मीडिया के अनुसार, फ्लाईदुबई की दुबई-तेल अवीव उड़ान के भारतीय कैप्टन मच्छार ने तब एक बड़ी त्रासदी को टाल दिया जब वह विमान को कथित तौर पर गिराने की कोशिश कर रहे सह-पायलट से भिड़ गये। इस घटना के चलते विमान को सऊदी अरब में आपात स्थिति में उतरना पड़ा। हालांकि इस घटना के कुछ घंटों के बाद यात्री फ्लाईदुबई के दूसरे विमान से तेल अवीव लौट गए।
न्यूज वेबसाइट वाईनेट ने इज़रायली अधिकारियों के हवाले से बताया कि सह-पायलट ओमान का नागरिक है। उस पर विमान को गिराने की कोशिश करने का संदेह था। रिपोर्ट के मुताबिक, विमान को दुर्घटनाग्रस्त होने से बचाने के लिए भारतीय कैप्टन अपने सह-पायलट से भिड़ गए। बाद में इज़रायली यात्रियों ने सह-पायलट को काबू करने में मदद की। इज़रायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने एक बयान में कहा कि एक पायलट ने दूसरे पायलट को चाकू घोंप दिया। पीएम ने कहा कि ऐसा लगता है कि उसने (हमलावर पायलट) ने यात्रियों को ले जा रहे विमान को गिराने की कोशिश की।
नेतन्याहू ने कहा, "उड़ान के दौरान, जब वे इजरायल की तरफ आ रहे थे, तो एक पायलट ने दूसरे पायलट पर चाकू से हमला कर दिया और ज़ाहिर तौर पर यात्रियों को ले जा रहे विमान को गिराने की कोशिश की।" उन्होंने बताया कि एक इज़रायली यात्री ने उन्हें जानकारी दी कि विमान घूमने लगा और नीचे की ओर जाने लगा। इसके बाद यात्री और चालक दल का एक सदस्य कॉकपिट में घुसने और उस पायलट को काबू करने में सफल रहे जिसने चाकू मारा था, और जो विमान की संचालन प्रणाली को नष्ट करने की कोशिश कर रहा था।
नेतान्याहू के अनुसार, इसके बाद चालक दल का एक और सदस्य कॉकपिट में घुसा और उसने विमान को स्थिर करने में मदद की। दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान एफजेड1073 ने सऊदी अरब के तबुक की ओर मुड़ने से पहले आपातकालीन सिग्नल भेजे और तेज़ी से नीचे की ओर जाने लगी।
तबुक हवाई अड्डे के अधिकारियों ने बताया कि दोनों पायलट घायल हो गए और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। फ्लाईदुबई ने पुष्टि की है कि उड़ान के दौरान विमान में एक घटना हुई और यह तबुक में सुरक्षित रूप से उतर गया। एयरलाइन ने कहा कि वह संबंधित अधिकारियों के साथ सहयोग कर रही है और सभी यात्री सुरक्षित हैं। हालांकि, एयरलाइन ने अपनी ओर से पायलटों की पहचान या राष्ट्रीयता का खुलासा नहीं किया है।
विमान के अपहरण की थी आशंका
इज़राइली अधिकारियों को विमान के अपहरण की आशंका हुई और उन्होंने लड़ाकू विमान भेजे। घटना की जांच जारी है। इस घटना के बारे में यात्रियों के बयान भी इज़रायली मीडिया में सामने आए। ज़्विका मेनेस नाम के एक यात्री ने कथित हमलावर को काबू करने में मदद करने का दावा किया। उसने इज़रायल के अखबार 'कैल्केलिस्ट' को बताया कि उनके और दूसरों के दखल देने से पहले उनकी पत्नी ने कॉकपिट के पास चिल्लाने और चीखने की आवाजें सुनी थीं।
वहीं, एक और यात्री डेलिया श्पिगेल ने इज़राइली अख़बार 'हारेत्ज' को बताया कि तीन से पांच लोगों के कॉकपिट में घुसने और हमलावर को काबू करने से पहले पूरे विमान में ज़ोर-ज़ोर से चीखने-चिल्लाने की आवाज़ें आ रही थीं। वाईनेट के अनुसार, उड़ान में 27 बच्चों सहित 174 यात्री सवार थे।
'बीबीसीवैरिफाई' के उड़ान-ट्रैकिंग डेटा के विश्लेषण से पता चला कि विमान लगभग 34,000 फुट की ऊंचाई पर उड़ रहा था। फिर अचानक लगभग 17,000 फुट नीचे आ गया, 5,000 फुट ऊपर गया। फिर 7,000 फुट नीचे आकर लगभग 15,000 फुट की ऊंचाई पर स्थिर हो गया। यह सब पांच मिनट से भी कम समय में हुआ।