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चीन ने रेगिस्तान को बना दिया गेहूं का लहलहाता खेत! इसके लिए उसने गोल खेत क्यों बनाए? समझिए उसकी पूरी ट्रिक

China Taklimakan Desert Wheat Circles: चीन ने टकला मकान रेगिस्तान की तपती रेत को 23 वर्ग किलोमीटर से बड़े हरे-भरे खेतों में बदल दिया है। लेकिन चौंकाने वाली बात यह है कि अंतरिक्ष से देखने पर ये खेत चौकोर नहीं, बल्कि बिल्कुल गोल नजर आते हैं। कुनलुन पहाड़ की पिघलती बर्फ, चीनी बेईदोऊ सैटेलाइट से चलने वाले ट्रैक्टर्स और सिंचाई की एक अनोखी सीक्रेट ट्रिक से चीन ने यह करिश्मा किया है

Curated By: Abhishek Guptaअपडेटेड Oct 06, 2026 पर 1:00 PM
चीन ने रेगिस्तान को बना दिया गेहूं का लहलहाता खेत! इसके लिए उसने गोल खेत क्यों बनाए? समझिए उसकी पूरी ट्रिक
अंतरिक्ष या उपग्रह से देखने पर ये खेत चौकोर नहीं, बल्कि एकदम सटीक गोलाकार दिखाई देते हैं

China Taklimakan Desert: चीन ने अपनी तकनीक और वैज्ञानिक सोच के दम पर एक ऐसा कारनामा कर दिखाया है, जिसे कभी नामुमकिन माना जाता था। चीन ने अपने सबसे बेरहम और सूखे टकला मकान रेगिस्तान के दक्षिणी किनारे पर रेत के टीलों को गेहूं के लहलहाते खेतों में बदल दिया है। इस रेगिस्तानी इलाके में करीब 23 वर्ग किलोमीटर से अधिक क्षेत्र में गेहूं की बुआई की जा रही है।

लेकिन इस पूरे प्रोजेक्ट में सबसे ज्यादा ध्यान खींच रही है इन खेतों की बनावट। अंतरिक्ष या उपग्रह से देखने पर ये खेत चौकोर नहीं, बल्कि एकदम सटीक गोलाकार दिखाई देते हैं। आइए समझते हैं कि चीन ने रेगिस्तान में गेहूं उगाने के लिए ये गोल खेत क्यों बनाए और इसके पीछे क्या ट्रिक है।

आखिर क्यों बनाए गए बिल्कुल गोल खेत?

रेगिस्तान की रेतीली जमीन पर पारंपरिक तरीके से चौकोर खेतों में खेती करना और पानी देना नामुमकिन जैसा होता है। इसलिए चीन ने यहां सेंटर-पिवट इरिगेशन टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया है।

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