Eiffel Tower Director Resigns: फ्रांस के पेरिस में स्थित मशहूर एफिल टावर का संचालन करने वाली कंपनी Société d’Exploitation de la tour Eiffel (SETE) के डायरेक्टर जनरल पैट्रिक ब्रांको रुवो साल के अंत तक अपने पद से इस्तीफा दे देंगे। यह फैसला उस विवाद के बाद आया है, जिसमें हिंदू धार्मिक संगठन बोचासनवासी अक्षर पुरुषोत्तम स्वामीनारायण संस्था (BAPS) के प्रतिनिधिमंडल के दौरे के दौरान महिला कर्मचारियों को कथित तौर पर वहां से हटाने का मामला सामने आया था। न्यूज एजेंसी AFP के मुताबिक, SETE ने कहा कि आंतरिक जांच में दौरे के आयोजन के दौरान संचालन संबंधी खामियां और कमियां सामने आईं। कंपनी ने माना कि इन खामियों के कारण उस दिन महिला कर्मचारियों को दौरे से अलग रखा गया, जिसे उसने अस्वीकार्य स्थिति बताया। रुवो वर्ष 2018 के अंत से SETE के प्रमुख हैं।
महिला कर्मचारियों को हटाने पर हुआ था विवाद
यह विवाद 7 सितंबर को सामने आया था। उस दिन एफिल टावर के कर्मचारियों ने हड़ताल कर दी थी, जिसके कारण दुनिया के इस प्रसिद्ध स्मारक को एक दिन के लिए बंद करना पड़ा था। हड़ताल की वजह BAPS प्रतिनिधिमंडल के दौरे के दौरान महिला कर्मचारियों को परिसर में उनके कामकाजी स्थानों से कथित तौर पर हटाया जाना था। BAPS फ्रांस की राजधानी में एक पारंपरिक पत्थर के मंदिर के उद्घाटन के अवसर पर आयोजित कार्यक्रमों के सिलसिले में करीब 100 लोगों के प्रतिनिधिमंडल के साथ एफिल टावर पहुंचा था।
SETE ने उस समय कहा था कि BAPS प्रतिनिधिमंडल की ओर से महिलाओं के साथ बातचीत सीमित करने का अनुरोध किया गया था। हालांकि, कंपनी ने स्पष्ट किया था कि उसे इस तरह के अनुरोध को स्वीकार नहीं करना चाहिए था। SETE के प्रमुख एरियल वेइल ने AFP से कहा था कि एफिल टावर गणतांत्रिक मूल्यों और महिला-पुरुष समानता के प्रति प्रतिबद्ध है।
महिला कर्मचारियों ने जताई थी नाराजगी
हड़ताल के दौरान कर्मचारी यूनियन की प्रतिनिधि डायने दावोएन ने न्यूज एजेंसी Reuters को बताया था कि प्रतिनिधिमंडल के दौरे के दौरान कुछ महिला कर्मचारियों को उनके कामकाजी स्थानों से हटाकर वहां पुरुष कर्मचारियों को तैनात किया गया। उन्होंने कहा कि कुछ महिला कर्मचारियों को अपनी पोस्ट छोड़कर दूसरे इलाकों में जाने को कहा गया। इसके अलावा, कुछ स्थानों पर उनकी जगह पुरुष कर्मचारियों को लगाया गया। महिला कर्मचारियों को प्रतिनिधिमंडल के मौजूद रहने के दौरान कुछ क्षेत्रों से गुजरने से भी मना किया गया। दावोएन के मुताबिक, इस घटनाक्रम से महिला कर्मचारियों को अपमानित महसूस हुआ।
विवाद के बाद BAPS ने इन आरोपों पर सफाई दी। संगठन ने न्यूज एजेंसी AP को दिए बयान में कहा कि करीब 100 लोगों के प्रतिनिधिमंडल के दौरे से पहले उसने एफिल टावर प्रबंधन के साथ कर्मचारियों और अन्य विजिटर्स को होने वाली असुविधा को कम करने के लिए समन्वय किया था। BAPS ने कहा कि यह समन्वय किसी भी समय लैंगिक आधार पर अनुरोध के रूप में नहीं किया गया था। इसके विपरीत कोई भी दावा संगठन या प्रतिनिधिमंडल की भावना और मूल्यों को नहीं दर्शाता। संगठन ने कहा कि वह जेंडर समानता, आपसी सम्मान और सभी लोगों की सेवा के सिद्धांतों के प्रति प्रतिबद्ध है, चाहे उनका जेंडर, पृष्ठभूमि या आस्था कुछ भी हो।
पेरिस मेयर ने भी दिए जांच के आदेश
इस मामले में पेरिस की मेयर ऐन हिदाल्गो ने भी महिला कर्मचारियों को हटाए जाने की परिस्थितियों की अलग से जांच के आदेश दिए हैं। इस बीच SETE की आंतरिक जांच में सामने आई संचालन संबंधी खामियों के बाद कंपनी के महानिदेशक पैट्रिक ब्रांको रुवो के साल के अंत तक पद छोड़ने की घोषणा की गई है।
भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने 8 सितंबर को इस मामले पर प्रतिक्रिया दी थी। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा था कि एफिल टावर से जुड़ा यह विशेष मामला संबंधित पक्षों के बीच का विषय है। उन्होंने कहा कि सरकार को पेरिस क्षेत्र में BAPS द्वारा मंदिर के उद्घाटन की जानकारी है। लेकिन एफिल टावर से जुड़ा मुद्दा विशुद्ध रूप से संबंधित संस्थाओं के बीच का मामला है।