संयुक्त अरब अमीरात (UAE) फ्लाईदुबई फ्लाइट के कॉकपिट पर हमला करने वाले ओमानी नागरिक हमाम अल-हमामी के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई कर सकती है। न्यूयॉर्क पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, फ्लाईदुबई विमान को हाईजैक करने के आरोपी को संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में मौत की सजा का सामना करना पड़ सकता है। हमाम अल-हमामी ने इजराइल जा रहे यात्रियों से भरे विमान को तेल अवीव के बेन-गुरियन एयरपोर्ट पर क्रैश कराने की कोशिश की थी। इसी बीच आरोपी ने पुछताछ में कई खुलासे किए हैं। अल-हम्मामी ने जांच के दौरान कथित तौर पर बताया कि उसने इजराइल के एक एयरपोर्ट से विमान को टकराने का सपना देखा था।
कर चुका है इजराइल की यात्रा
जेरूसलम पोस्ट के अनुसार, ओमान के 29 वर्षीय नागरिक हमाम अल-हम्मामी ने इजराइल जाने वाली एयरलाइनों के बारे में पहले से जानकारी जुटाई थी। जांच में ये भी सामने आया कि कॉकपिट पर हमला करने से कुछ महीने पहले वह इजराइल की यात्रा कर चुका था। कथित तौर पर हमाम अल-हम्मामी ने जांचकर्ताओं से कहा, “मैंने कई एयरलाइनों में नौकरी पाने की कोशिश की थी। मैंने यह भी पता लगाया कि कौन-कौन सी एयरलाइंस तेल अवीव के लिए उड़ान भरती हैं। इसी वजह से मैंने फ्लाईदुबई को चुना। नौकरी मिलने से पहले ही मैंने इस पूरी योजना के बारे में सोच लिया था।”
जेरूसलम पोस्ट के अनुसार, हमाम अल-हम्मामी ने फ्लाईदुबई में करीब आठ महीने तक काम किया था। बताया जा रहा कि उसने जुलाई में विमान को क्रैश कराने की योजना बनाई थी, लेकिन उस समय एक क्रू मेंबर के पास होने के कारण उसने अपना इरादा बदल दिया। इसके बाद भी इजराइल की जमीन पर विमान गिराने की कथित योजना उसने नहीं छोड़ी। जांच के दौरान उसने कथित तौर पर कहा, “सपना था बेन-गुरियन (तेल अवीव) एयरपोर्ट से टकराना।”
रिपोर्ट के अनुसार, अल-हम्मामी की कथित योजना थी कि हमला इतनी तेजी से किया जाए कि इजराइली सेना को लड़ाकू विमान भेजकर कार्रवाई करने का पर्याप्त समय न मिल सके। पोस्ट के एक सूत्र के मुताबिक, जांचकर्ताओं को फिलहाल आशंका है कि उसने किसी आतंकी संगठन के निर्देश पर नहीं, बल्कि अपने स्तर पर अकेले यह योजना बनाई थी। उसे ‘लोन वुल्फ’ के तौर पर देखा जा रहा है और UAE में उससे पूछताछ अभी जारी है।
फ्लाइट को क्रैश कराने की थी साजिश
एक वरिष्ठ अमीराती अधिकारी के हवाले से Ynet ने बताया कि फ्लाईदुबई के को-पायलट हमाम अल-हम्मामी को इस मामले में मौत की सजा मिल सकती है। आरोप है कि उसने विमान के कैप्टन स्मित मच्छर पर क्रैश एक्स से हमला किया था। इसके बाद सरकारी वकील आरोपी के खिलाफ सबसे सख्त सजा की मांग कर रहे हैं। फ्लाईदुबई फ्लाइट को-पायलट ने भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार पर हमला करने के बाद विमान का कंट्रोल अपने हाथ में लेने की कोशिश की। विमान में करीब 180 लोग सवार थे। कैप्टन मच्छार ने किसी तरह कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया, जिसके बाद यात्रियों और अन्य लोगों ने मिलकर हमलावर को काबू में करने में मदद की।