France Protests Violent: फ्रांस में हिंसक प्रदर्शन से मचा हड़कंप! Apple से लेकर Louis Vuitton तक लग्जरी स्टोर में लूटपाट, आग में खाक हुआ 143 साल पुराना टाउन हॉल
France Protests Violent: शनिवार (17 अक्टूबर) को पूरे फ्रांस में हिंसक घटनाएं हुईं। लोग स्कूलों में आ रही दिक्कतों और बढ़ती महंगाई के विरोध में प्रदर्शन कर रहे थे। लगभग 5,50,000 लोग सड़कों पर उतरे थे। पेरिस में शाम तक पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी झड़पें हुईं। पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस और वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया
France Protests Violent: फ्रांस में महंगाई और सरकारी खर्च के खिलाफ प्रदर्शन अब बेकाबू हो गया है
France Protests Violent: फ्रांस में महंगाई, सरकारी खर्च और सार्वजनिक सेवाओं में कटौती के विरोध में शुरू हुए प्रदर्शन हिंसक हो गए। देश के कई शहरों में प्रदर्शनकारियों ने जमकर उत्पात मचाया। Apple, Louis Vuitton और Hermes जैसे बड़े लग्जरी ब्रांड के स्टोर को निशाना बनाया गया। कई दुकानों में तोड़फोड़ और लूटपाट की घटनाएं सामने आई हैं। जबकि दर्जनों कारों को आग के हवाले कर दिया गया। प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच कई जगहों पर झड़पें भी हुईं।
BBC के मुताबिक, देशभर में करीब 5,50,000 लोगों ने प्रदर्शनों में हिस्सा लिया, जिनमें अकेले पेरिस में लगभग 1.10 लाख प्रदर्शनकारी शामिल थे। शुरुआत में छात्रों के नेतृत्व में शिक्षा और कामकाजी परिस्थितियों को लेकर शुरू हुआ आंदोलन धीरे-धीरे व्यापक विरोध प्रदर्शन में बदल गया। इसके बाद कई शहरों में सार्वजनिक संपत्तियों, दुकानों और सरकारी इमारतों पर हमले की घटनाएं सामने आईं।
Apple, Louis Vuitton और Hermes के स्टोर में तोड़फोड़
फ्रांस के बोर्डो शहर में उपद्रवियों ने कई महंगे ब्रांड के स्टोर के शीशे तोड़ दिए। इनमें Apple के साथ लग्जरी फैशन ब्रांड Louis Vuitton और Hermes के आउटलेट भी शामिल बताए गए हैं। पेरिस में नकाबपोश प्रदर्शनकारियों ने दुकानों और रेस्तरां को निशाना बनाया। कई स्थानों पर बैरिकेड में आग लगा दी गई और सुरक्षा बलों के साथ झड़पें हुईं। हिंसा का असर केवल बोर्डो और पेरिस तक सीमित नहीं रहा। ल्योन, मार्सिले, लिले, रूएन, नांतेस और टूलूज समेत कई शहरों में भी आगजनी, तोड़फोड़ और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की घटनाएं सामने आईं।
सरकारी इमारतों को भी बनाया निशाना
प्रदर्शनकारियों ने कई शहरों में सरकारी और सार्वजनिक भवनों को भी निशाना बनाया। ल्योन में शहर के पर्यटन केंद्र में आग लगाए जाने की खबर सामने आई। वहीं, मार्सिले और लिले में प्रदर्शनकारियों के नगर निगम की इमारतों में घुसने की खबरें आईं। फ्रांसीसी न्यूज चैनल BFMTV की रिपोर्ट के मुताबिक, मार्सिले स्थित नगर निगम मुख्यालय के भीतर उपद्रवियों ने फ्रांस के राष्ट्रीय प्रतीक मैरिएन की प्रतिमा को गिरा दिया। उन्होंने टीवी सेट भी तोड़ दिए। फिर दीवार पर अराजकतावादी प्रतीक भी बना दिया।
कई शहरों में कारों को आग के हवाले किया गया। सरकारी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया गया। नकाब पहने कुछ प्रदर्शनकारियों ने आंसू गैस से बचने के लिए चश्मे और हुड पहन रखे थे। दूसरी ओर पुलिस ने आंसू गैस और वाटर कैनन की मदद से भीड़ को नियंत्रित करने की कोशिश की। प्रदर्शन के दौरान कुछ लोगों की ओर से राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के आधिकारिक आवास एलिसी पैलेस में घुसने की धमकी दिए जाने की भी खबरें सामने आईं।
छात्रों से लेकर किसानों और पेंशनभोगियों तक ने लिया हिस्सा
इन प्रदर्शनों में छात्र, शिक्षक, ट्रेड यूनियन, कर्मचारी, किसान, रिटायर्ड लोग और येलो वेस्ट आंदोलन के समर्थक शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगों में बढ़ती महंगाई से राहत, उच्च शिक्षा के लिए अधिक बजट, शिक्षकों की सैलरी में वृद्धि, पेंशन की सुरक्षा और सार्वजनिक सेवाओं में कटौती का विरोध शामिल था। प्रदर्शनकारियों की नाराजगी सरकार की आर्थिक नीतियों और आम लोगों पर बढ़ते वित्तीय दबाव को लेकर थी। हालांकि, कई जगहों पर आंदोलन के हिंसक रूप लेने से हालात बिगड़ गए और आम जनजीवन प्रभावित हुआ।
करीब 1200 लोग गिरफ्तार, सरकार ने चरमपंथी समूहों पर लगाया आरोप
फ्रांस के गृह मंत्री लॉरेंट नुनेज के मुताबिक, देशभर में लगभग 1200 लोगों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें सैकड़ों लोग पेरिस से पकड़े गए हैं। उन्होंने कहा कि कुछ प्रदर्शनकारियों का इरादा सार्वजनिक इमारतों को निशाना बनाना था। गृह मंत्री ने हिंसा और तोड़फोड़ की कई घटनाओं के लिए वामपंथी चरमपंथी समूहों से जुड़े लोगों को जिम्मेदार ठहराया।
नुनेज ने यह भी कहा कि अधिकांश प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहे। लेकिन उनके बीच सक्रिय हिंसक समूहों ने कुछ जगहों पर हालात बिगाड़ दिए। प्रधानमंत्री सेबास्टियन लेकोर्नू ने भी वामपंथी संगठनों पर हिंसा को बढ़ावा देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कुछ अवसरवादी समूहों ने छात्रों के आंदोलन का फायदा उठाकर दुकानों में लूटपाट की और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाया।
पूरे देश में हुआ हिंसक प्रदर्शन
BBC के मुताबिक, शनिवार को पूरे फ्रांस में हिंसक घटनाएं हुईं। लोग स्कूलों में आ रही दिक्कतों और बढ़ती महंगाई के विरोध में प्रदर्शन कर रहे थे। लगभग 5,50,000 लोग सड़कों पर उतरे थे। पेरिस में शाम तक पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी झड़पें होती रहीं। पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस और वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया।
राजधानी और अन्य इलाकों में कई इमारतों में आग लगा दी गई। लिमोजेस शहर में टाउन हॉल में लगी भीषण आग के कारण उसकी छत का कुछ हिस्सा ढह गया। कई शहरों में लूटपाट की घटनाएं हुईं। इसके अलावा, टाउन हॉल और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में बड़े पैमाने पर तोड़फोड़ की खबरें भी सामने आई हैं।
फ्रांस के लिमोज शहर में प्रदर्शनकारियों ने 143 साल पुराने ऐतिहासिक टाउन हॉल में आग लगा दी। आग इतनी भीषण थी कि इमारत की छत ढह गई। बिल्डिंग का बड़ा हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। स्थानीय अधिकारियों ने इसे ऐतिहासिक धरोहर के लिए बड़ी त्रासदी बताया है। लिमोज का टाउन हॉल वर्ष 1883 में बनकर तैयार हुआ था। इसे 1975 में ऐतिहासिक स्मारक के रूप में सूचीबद्ध किया गया था। 17 अक्टूबर 2026 को प्रदर्शन के दौरान नकाबपोश लोगों ने इमारत की खिड़कियां तोड़कर अंदर एंट्री किया और आग लगा दी। आग ने देखते ही देखते विकराल रूप ले लिया।
This is the moment a town hall collapsed as protests sweep across France.
The 140-year-old town hall in the French city of Limoges caught fire during protests in the city Read the latest on the Sky News website and app: https://t.co/oaLTf7aDbP https://t.co/3OC3eU3Hf7 — Sky News (@SkyNews) October 17, 2026
मैक्रों की चेतावनी- हिंसा करने वालों को मिलेगी सजा
हिंसा और तोड़फोड़ की घटनाओं पर राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, हमले करने और लूटपाट में शामिल लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कानून-व्यवस्था बनाए रखने में जुटे सुरक्षा बलों का समर्थन भी किया।
Paris....... no comment. https://t.co/CmZrf4EqZk — Open Source Intel (@Osint613) October 17, 2026
फ्रांस में इन घटनाओं ने एक बार फिर बढ़ती महंगाई, स्कूलों में आ रही दिक्कतों, सरकारी खर्च और सार्वजनिक सेवाओं को लेकर लोगों के असंतोष को सामने ला दिया है। हालांकि, विरोध प्रदर्शनों के दौरान हुई हिंसा और लूटपाट के कारण शांतिपूर्ण प्रदर्शन के अधिकार और सार्वजनिक सुरक्षा को लेकर बहस तेज हो गई है।
ROLEX & LOUIS VUITTON STORES SWEPT CLEAN in MARSEILLE as FRENCH PROTESTS TURN TO LOOTING https://t.co/qzpw5MnLCv — RT (@RT_com) October 18, 2026