Fuel Prices: तेल की कीमतों में बंपर उछाल! बांग्लादेश में पेट्रोल-डीजल और केरोसिन सब महंगे, सरकार ने इतना बढ़ा दिया दाम

Fuel Prices: रिपोर्ट के मुताबिक सोमवार 21 सितंबर से लागू हुई नई दरों से बांग्लादेश की आयात पर टिकी अर्थव्यवस्था में सामान की ढुलाई और उत्पादन का खर्च बढ़ जाएगा। इससे देश में महंगाई और बढ़ेगी। यह झटका ऐसे समय में लगा है जब देश के गारमेंट एक्सपोर्ट सेक्टर समेत प्रमुख उद्योग-धंधे पहले से ही बड़ी एनर्जी क्राइसिस का सामना कर रहे हैं

अपडेटेड Sep 21, 2026 पर 9:19 AM
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Fuel Prices: घाटे को कम करने के लिए बंग्लादेश की सरकार ने यह कदम उठाया है

Fuel Prices: बिजली और गैस की किल्लत से पहले से जूझ रहे बांग्लादेश के लोगों और कारोबारियों की मुसीबतें और बढ़ गई हैं। बांग्लादेश सरकार ने तेल की कीमतों में 17.4 प्रतिशत तक की भारी बढ़ोतरी कर दी है। दुनिया भर में कच्चे तेल के बढ़ते दामों और मिडिल ईस्ट के तनाव की वजह से शिपिंग का खर्च बढ़ने से सरकार को काफी नुकसान हो रहा था। इसी घाटे को कम करने के लिए सरकार ने यह कदम उठाया है।

रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक सोमवार से लागू हुई इन नई दरों से बांग्लादेश की आयात पर टिकी अर्थव्यवस्था में सामान की ढुलाई और उत्पादन का खर्च बढ़ जाएगा। इससे देश में महंगाई और बढ़ेगी। यह झटका ऐसे समय में लगा है जब देश के गारमेंट एक्सपोर्ट सेक्टर समेत प्रमुख उद्योग-धंधे पहले से ही बड़ी एनर्जी क्राइसिस का सामना कर रहे हैं।

जानिए क्या हैं पेट्रोल, डीजल और केरोसिन के नए दाम


बांग्लादेश के ऊर्जा मंत्रालय के मुताबिक नई दरों के लागू होने के बाद डीजल की कीमत में सबसे ज्यादा 17.4 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। अब डीजल 115 टका प्रति लीटर से बढ़कर 135 टका प्रति लीटर हो गया है। इसी तरह पेट्रोल की कीमत 140 टका से बढ़कर 160 टका प्रति लीटर पहुंच गई है। ऑक्टेन गैसोलिन के दाम 145 टका से बढ़कर 165 टका प्रति लीटर हो गए हैं, जबकि केरोसिन का दाम 135 टका से बढ़ाकर 155 टका प्रति लीटर कर दिया गया है।

इससे पहले सरकार ने इसी साल अप्रैल और जून के महीनों में भी तेल की दरें बढ़ाई थीं ताकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़े दामों की भरपाई की जा सके। बांग्लादेश टका की कीमत का हिसाब लगाने के लिए आप ये भी जान लीजिए कि अभी एक रुपये करीब 1.28 बांग्लादेशी टका के बराबर है।

सरकार ने क्यों बढ़ाए तेल के दाम?

ऊर्जा मंत्रालय ने बताया कि मार्च 2026 के बाद से अंतरराष्ट्रीय बाजार में ईंधन की कीमतें दोगुनी से भी ज्यादा हो चुकी हैं। इसके अलावा इलाके में चल रही उथल-पुथल की वजह से फ्रेट चार्ज भी काफी बढ़ गया है। मंत्रालय के मुताबिक सरकारी कंपनी बांग्लादेश पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन को मार्च से अगस्त के बीच 228.76 अरब टका (लगभग 1.9 अरब डॉलर) का भारी घाटा हुआ है। सरकार का मानना है कि कीमतों में इस ताजा बढ़ोतरी से सालाना घाटे में करीब 100 अरब टका की कमी आएगी। इसके साथ ही देश का विदेशी मुद्रा भंडार बचेगा और पड़ोसी देशों में तेल की तस्करी पर भी रोक लगेगी, जहां कीमतें बांग्लादेश से ज्यादा हैं।

गैस और बिजली की सप्लाई पर असर

मंत्रालय ने लिक्विफाइड नेचुरल गैस (एलएनजी) पर दी जाने वाली भारी सब्सिडी का भी जिक्र किया। सरकार ने कहा कि क्षेत्र में जारी ऊर्जा संकट और महंगे आयात के बावजूद उसने देश में बिजली और गैस की सप्लाई चालू रखने के लिए लगातार सब्सिडी दी है।

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