Houthi-Saudi War: सऊदी अरब में ड्रोन अटैक से हड़कंप! Aramco ऑयल फील्ड में नेपाली समेत 2 की मौत, एक भारतीय घायल
Houthi-Saudi War: सऊदी अरब में तेल ठिकानों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर चिंता बढ़ गई है। दक्षिण-पूर्वी सऊदी अरब स्थित सऊदी अरामको के शायबाह ऑयल फील्ड को निशाना बनाकर ड्रोन हमला करने की कोशिश की गई। ड्रोन को बीच में ही रोक लिया गया। लेकिन उसके गिरते मलबे की चपेट में आने से फिलीपींस और नेपाल के एक-एक नागरिक की मौत हो गई।
Houthi-Saudi War: सऊदी में हुए ताजा हमले में एक भारतीय और एक पाकिस्तानी नागरिक घायल हुए हैं
Saudi Arabia Drone Attack: सऊदी अरब में तेल ठिकानों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। दक्षिण-पूर्वी सऊदी अरब में स्थित सऊदी अरामको (Saudi Aramco) के शायबाह ऑयल फील्ड को निशाना बनाकर ड्रोन हमला करने की कोशिश की गई। हालांकि, ड्रोन को बीच में ही रोक लिया गया। लेकिन उसके मलबे की चपेट में आने से दो विदेशी नागरिकों की मौत हो गई। मृतकों में फिलीपींस और नेपाल के एक-एक नागरिक शामिल हैं। वहीं, इस घटना में एक भारतीय और एक पाकिस्तानी नागरिक घायल हो गए। सऊदी अरब के ऊर्जा मंत्रालय ने बुधवार को इस घटना की जानकारी दी।
ड्रोन का मलबा गिरने से दो लोगों की मौत
सऊदी अरब के ऊर्जा मंत्रालय के मुताबिक, ड्रोन शायबाह ऑयल फील्ड को निशाना बनाने की कोशिश कर रहा था। यह तेल क्षेत्र संयुक्त अरब अमीरात (UAE) की सीमा के पास स्थित है। सुरक्षा बलों ने ड्रोन को रोक लिया, लेकिन इसके बाद गिरने वाले मलबे की चपेट में आने से दो लोगों की जान चली गई। मंत्रालय की ओर से जारी बयान में बताया गया कि मृतकों में एक फिलीपींस और दूसरा नेपाल का नागरिक था। इस घटना में पाकिस्तान और भारत के एक-एक नागरिक घायल हुए हैं। हालांकि, मंत्रालय ने यह स्पष्ट नहीं किया कि ड्रोन किसने लॉन्च किया था।
तेल ठिकाने पर वाहन में लगी आग
ड्रोन को रोकने के बाद उसका मलबा तेल सुविधा परिसर में गिरा, जिससे एक ठेकेदार के वाहन में आग लग गई। घटना के बाद तेल प्रतिष्ठान की सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे हैं। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में तेल उत्पादन को हुए किसी नुकसान या उसके बंद होने की पुष्टि नहीं की गई है। शायबाह ऑयल फील्ड सऊदी अरब के प्रमुख तेल क्षेत्रों में से एक है। ऐसे में इस तरह की घटना ऊर्जा प्रतिष्ठानों की सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
सऊदी अरब के तेल ठिकानों पर लगातार हमलों की घटनाएं
सऊदी अरब में यह घटना ऐसे समय हुई है, जब देश के एयरपोर्ट और ऊर्जा ढांचे को निशाना बनाए जाने की कई घटनाएं सामने आई हैं। इन हमलों के लिए यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों को जिम्मेदार ठहराया जाता रहा है। रिपोर्टों के मुताबिक, पिछले महीने सऊदी अरब में एक हूती ड्रोन को रोके जाने के बाद उसका मलबा गिरने से यमन के एक निवासी की मौत हो गई थी।
बताया गया कि हूती विद्रोहियों की ओर से हमले तेज किए जाने के बाद यह सऊदी अरब में किसी नागरिक की पहली मौत थी। इस महीने की शुरुआत में भी सऊदी अरब के पूर्वी प्रांत में स्थित अरामको की एक सुविधा के प्रशासनिक भवन में हमले के बाद सीमित स्तर पर आग लगने की घटना सामने आई थी। उस समय भी सऊदी ऊर्जा मंत्रालय ने इसकी जानकारी दी थी।
यमन में संघर्ष तेज होने से बढ़ा तनाव
सऊदी अरब में लगातार हो रही इन घटनाओं के बीच यमन में भी संघर्ष तेज हुआ है। हूती विद्रोहियों और सऊदी समर्थित सरकारी बलों के बीच दोबारा लड़ाई बढ़ने से क्षेत्रीय तनाव गहरा गया है। बताया जाता है कि यमन में करीब चार साल तक चली युद्धविराम की स्थिति समाप्त होने के बाद संघर्ष ने फिर जोर पकड़ लिया है। इसका असर सऊदी अरब की सुरक्षा व्यवस्था पर भी दिखाई दे रहा है।
रियाद एयरपोर्ट पर घरेलू उड़ानें फिर शुरू
सऊदी अरब की राजधानी रियाद स्थित किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर घरेलू उड़ानें बुधवार को दोबारा शुरू हो गईं। रिपोर्ट के अनुसार, इस एयरपोर्ट को कई बार निशाना बनाया गया था। इसके बाद 10 अक्टूबर को इसे बंद कर दिया गया था। हालांकि, घरेलू उड़ानें बहाल होने के बावजूद क्षेत्र की स्थिति का असर इंटरनेशनल विमान सेवाओं पर बना हुआ है। कई इंटरनेशनल एयरलाइंस ने इस क्षेत्र के लिए अपनी उड़ानें रद्द कर दी हैं।
भारतीय नागरिक के घायल होने से बढ़ी चिंता
शायबाह ऑयल फील्ड की घटना में एक भारतीय नागरिक के घायल होने की खबर भारत के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है। इस हमले में दो विदेशी नागरिकों की मौत हुई है। जबकि भारतीय और पाकिस्तानी नागरिक घायल हुए हैं। फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार, ड्रोन को रोक लिया गया था। लेकिन उसके मलबे से जान-माल का नुकसान हुआ। सऊदी अधिकारियों ने ड्रोन लॉन्च करने वाले पक्ष की पहचान सार्वजनिक नहीं की है। क्षेत्र में जारी तनाव और ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर हमलों की घटनाओं के बीच सुरक्षा व्यवस्था पर निगरानी बढ़ाए जाने की संभावना है।
अमेरिका ने अपने कुछ राजनयिकों और परिवारों को सऊदी छोड़ने का दिया आदेश
सऊदी अरब में सुरक्षा की स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है। हूती हमलों में तेजी आने के बाद अमेरिका के विदेश विभाग ने अपने कुछ राजनयिकों और उनके परिवारों को सऊदी अरब छोड़ने का निर्देश दिया है। यह कदम ऐसे समय उठाया गया है, जब खाड़ी देश के एयरपोर्ट, तेल प्रतिष्ठानों और अन्य महत्वपूर्ण ठिकानों को निशाना बनाए जाने की घटनाएं सामने आ रही हैं। अमेरिका का यह फैसला क्षेत्र में बढ़ते तनाव और वहां तैनात अपने कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर बढ़ती चिंताओं को दर्शाता है।
अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता टॉमी पिगॉट के अनुसार, यह फैसला सऊदी अरब में हूती विद्रोहियों के हमलों, खासकर एयरपोर्ट को निशाना बनाए जाने की घटनाओं को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। पिगॉट ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा कि विदेश विभाग के कर्मचारियों और उनके परिवारों की सुरक्षा उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी सुरक्षा और सहायता के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जाते रहेंगे।