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Houthi-Saudi War: हूती हमलों के बीच खाड़ी में बड़ा सैन्य फैसला, सऊदी अरब में जल्द तैनात होंगे पाकिस्तान-तुर्की के सैनिक

Houthi-Saudi War: यमन के हूती विद्रोहियों के बढ़ते हमलों का सामना कर रहे सऊदी अरब में 'मक्का संयुक्त रक्षा समझौते' के तहत पाकिस्तान और तुर्की तेजी से सैनिक तैनात करने की दिशा में आगे बढ़ेंगे। यह फैसला सोमवार 5 अक्टूबर को रियाद में हुई एक इमरजेंसी बैठक के बाद लिया गया

Akhilesh Nath Tripathiअपडेटेड Oct 06, 2026 पर 7:35 AM
Houthi-Saudi War: हूती हमलों के बीच खाड़ी में बड़ा सैन्य फैसला, सऊदी अरब में जल्द तैनात होंगे पाकिस्तान-तुर्की के सैनिक
Houthi-Saudi War: हूती हमलों के बीच सऊदी अरब में जल्द तैनात होंगे पाकिस्तान-तुर्की के सैनिक

Houthi-Saudi War: यमन के हूती विद्रोहियों के लगातार हमलों के बीच सऊदी अरब की सुरक्षा को लेकर पाकिस्तान और तुर्की ने बड़ा ऐलान किया है। 'मक्का संयुक्त रक्षा समझौते' के तहत दोनों देश सऊदी अरब में अपने सैनिकों और सैन्य क्षमताओं की जल्द तैनाती की दिशा में आगे बढ़ेंगे। तीनों देशों ने सऊदी की सुरक्षा और क्षेत्रीय अखंडता के खिलाफ किसी भी हमले या खतरे को स्पष्ट रूप से खारिज किया है। पाकिस्तान, तुर्की और सऊदी अरब के बीच हुए त्रिपक्षीय मक्का रक्षा गठबंधन की एक उच्चस्तरीय समिति रियाद में बैठक की, जिसके बाद ये फैसला लिया गया।

क्या है पूरा मामला?

सोमवार को रियाद में सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्की के वरिष्ठ अधिकारियों की आपात बैठक हुई। इसमें पाकिस्तान के चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज और सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर, उप प्रधानमंत्री एवं विदेश मंत्री इशाक डार और रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ समेत कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। बैठक के बाद जारी एक संयुक्त बयान में तीनों देशों ने कहा कि वे सऊदी अरब की सुरक्षा और क्षेत्रीय अखंडता के खिलाफ किसी भी हमले या धमकी को स्वीकार नहीं करेंगे। साथ ही, सामूहिक रक्षा से जुड़ी प्रतिबद्धताओं को व्यावहारिक रूप से लागू करने और जरूरी सैन्य बल व क्षमताएं उपलब्ध कराने पर सहमति बनी है।

क्या है मक्का संयुक्त रक्षा समझौता?

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