दाऊद इब्राहिम उसी पाकिस्तान में छिपा है जहां ओसामा मारा गया था... UN में पाकिस्तान और यूएन रिपोर्टर पर भारत का कड़ा प्रहार

संयुक्त राष्ट्र में भारत ने यूएन रिपोर्टर की रिपोर्ट पर कड़ा एतराज जताते हुए स्पष्ट किया कि दाऊद इब्राहिम पाकिस्तान में ही छिपा हुआ है और जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है।

अपडेटेड Oct 22, 2026 पर 11:50 AM
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मामला तब गरमाया जब यूएन रिपोर्टर बेन सॉल ने अपनी एक रिपोर्ट में डी-कंपनी के सरगना दाऊद इब्राहिम को भारत-आधारित आपराधिक गिरोह का नेता बता दिया। इस पर भारत ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में कड़ा विरोध दर्ज कराया।

संयुक्त राष्ट्र (UN) में आतंकवाद के मुद्दों और मानवाधिकार रिपोर्टों को लेकर भारत ने एक बार फिर दोहरे मानदंडों और पक्षपातपूर्ण रवैये की बात कहते हुए तीखा प्रहार किया है। संयुक्त राष्ट्र में भारतीय राजनयिक रघु पुरी ने यूएन रिपोर्टर (स्पेशल मैंडेट होल्डर) की एंटि टेररिज्म रिपोर्ट में फैलाई गई गलतियों और इसमें दिए गए पूर्वाग्रहों पर तीखी आपत्ति जताई है। भारत ने दोटूक शब्दों में स्पष्ट किया कि वांटेड आतंकवादी दाऊद इब्राहिम और उसका डी गैंग भारत में नहीं बल्कि उसी पाकिस्तान में है, जहां कुख्यात आतंकी ओसामा बिन लादेन को ढूंढा गया था और ढेर किया गया था।

यूएन रिपोर्टर की रिपोर्ट पर भारत की कड़ी आपत्ति

मामला तब गरमाया जब यूएन रिपोर्टर बेन सॉल ने अपनी एक रिपोर्ट में डी-कंपनी के सरगना दाऊद इब्राहिम को भारत-आधारित आपराधिक गिरोह का नेता बता दिया। इस पर भारत ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में कड़ा विरोध दर्ज कराया। भारतीय राजनयिक रघु पुरी ने यूएन में कहा कि स्पेशल मैंडेट होल्डर्स द्वारा तथ्यात्मक अशुद्धियों वाली रिपोर्ट जारी किया जाना और इसके लिए उनकी जवाबदेही तय न होनाकाफी चिंताजनक है।


भारत ने सुधारवाया रिकॉर्ड: दाऊद भारत में नहीं, पाकिस्तान में है मौजूद

भारतीय राजनयिक ने यूएन के रिकॉर्ड को दुरुस्त करते हुए कहा कि रिपोर्ट में जिस तरह से 2003 में सुरक्षा परिषद द्वारा डी-कंपनी और उसके सरगना को अल-कायदा से जोड़े जाने का जिक्र किया गया है, वह सच्चाई से परे है। भारत ने अपने जवाब में एकदम साफ तौर पर कहा कि दाऊद इब्राहिम 1993 के मुंबई बम धमाकों के बाद से भारत में वॉन्टेड अपराधी है और वह 2003 की लिस्टिंग से बहुत पहले ही भारत से फरार हो चुका था। देश से बाहर रहने के दौरान ही उसे अल-कायदा और ओसामा बिन लादेन के साथ संबंधों के कारण यूएन की 1267 प्रतिबंध सूची में डाला गया था। आज भी वह भारत में एक वॉन्टेड क्रिमिनल है और संयुक्त राष्ट्र की आधिकारिक लिस्टिंग के मुताबिक वह उसी देश में रह रहा है जहां ओसामा बिन लादेन पाया गया था और मारा गया था।

'आतंकवादियों के लिए मानवाधिकार नहीं बन सकता शरणस्थली'

भारत ने ऐसी रिपोर्ट्स में में मानवाधिकारों के दुरुपयोग और पक्षपात पर भी गंभीर चिंता जताई। भारतीय प्रतिनिधि ने कहा कि यह आतंकवाद के प्रायोजकों के लिए अपनी काली करतूतों को सही ठहराने का एक हथकंडा बन गया है। मानवाधिकारों का फ्रेमवर्क आतंकवाद, कट्टरपंथ और उग्रवाद फैलाने वालों की शरणस्थली नहीं बन सकता। आतंकवाद को किसी भी परिस्थिति में सही नहीं ठहराया जा सकता है।

पाकिस्तान के दुष्प्रचार पर भी साधा निशाना

संयुक्त राष्ट्र मंच पर पाकिस्तान के प्रतिनिधि द्वारा दिए गए बयान पर पलटवार करते हुए भारत ने दोटूक कहा कि पाकिस्तान की ओर से केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को लेकर जो भी बातें कही गईं, वे पूरी तरह से शुद्ध प्रोपेगेंडा हैं। भारत ने कहा कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख भारत का अभिन्न हिस्सा हैं, हमेशा रहे हैं और हमेशा रहेंगे। भारत ने कहा कि पाकिस्तान के इन बयानों को और अधिक तवज्जो देने की जरूरत नहीं है।

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