India Pakistan UNGA 2026: संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के 81वें सत्र के दौरान पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने 'सिंधु जल संधि' को रोकने की भारत की कार्रवाई को 'युद्ध की कार्रवाई' करार दिया और कश्मीर का राग अलापा। इसके जवाब में संयुक्त राष्ट्र में भारत की प्रथम सचिव पेटल गहलोत ने 'राइट ऑफ रिप्लाई' का इस्तेमाल करते हुए पाकिस्तान के झूठ, आतंकवाद और दोहरे रवैये की धज्जियां उड़ा दीं। जानिए उनके भाषण की 5 मुख्य बातें।
1. 'दिन में सुरक्षा की बात और रात में आतंकवाद'
पेटल गहलोत ने पाकिस्तान के दोहरे चरित्र पर हमला बोलते हुए कहा कि ओसामा बिन लादेन जैसे दुर्दांत आतंकवादी को पाकिस्तान ने अपनी सैन्य अकादमी के ठीक बगल में शरण दी थी और आज वही देश अपनी सेना की तारीफ कर रहा है। उन्होंने कहा कि 'पाकिस्तान दिन में सुरक्षा की बात करता है और रात में आतंकवाद फैलाता है'।
2. 'सिंधु जल संधि' और युद्ध की धमकी का जवाब
शहबाज शरीफ ने यूएन में धमकी दी थी कि भारत द्वारा सिंधु जल संधि को निलंबित करने का कोई कानूनी आधार नहीं है और पानी रोकने या मोड़ने के प्रयास को युद्ध की कार्रवाई माना जाएगा। इस पर भारत ने साफ चेतावनी दी कि अगर पाकिस्तान की ओर से सीमा पार आतंकवाद जारी रहता है, तो भारत अपने आत्मरक्षा के अधिकार का प्रयोग करेगा और पाकिस्तान को इसके नतीजे भुगतने होंगे।
3. जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न अंग; PoK के अत्याचार उजागर
भारत ने जम्मू-कश्मीर पर पाकिस्तान के दावों को पूरी तरह खारिज करते हुए दोहराया कि 'जम्मू और कश्मीर भारत का अभिन्न और अविभाज्य अंग है और हमेशा रहेगा'। भारत ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में हो रहे विरोध प्रदर्शनों का जिक्र करते हुए कहा कि अगर कश्मीर पर चर्चा करनी ही है, तो रावलकोट के लोगों से पूछिए कि वे वर्षों से कितनी हिंसा, हत्याएं और मौलिक अधिकारों का हनन झेल रहे हैं।
4. 'आतंकवादियों के छिपने के लिए कोई सुरक्षित जगह नहीं'
भारत की प्रतिनिधि ने याद दिलाया कि भारत ने हाल के वर्षों में यह साबित कर दिया है कि आतंकवादियों के लिए अब कोई भी सुरक्षित ठिकाना या छिपने की जगह नहीं बची है। अगर सीमा पार से आतंकवाद को बढ़ावा देना बंद नहीं किया गया, तो दोनों देशों के बीच बचे-कुचे संबंधों पर भी इसका गहरा असर पड़ेगा।
5. 'बार-बार झूठ दोहराने से वह सच नहीं बन जाता'
भारत ने कहा कि हमें पूरा भरोसा है कि संयुक्त राष्ट्र महासभा पाकिस्तान का मूल्यांकन उसके प्रतिनिधि के झूठे बयानों से नहीं, बल्कि उसकी वास्तविक हरकतों से करेगी। पेटल गहलोत ने कहा, 'हर साल एक ही झूठ को दोहराने से वह सच में तब्दील नहीं हो जाता। पाकिस्तान का आतंकवाद, धोखा और दोहरा रवैया न तो उसके अपने हित में है और न ही दुनिया के।'