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Indus Waters Treaty: पाकिस्तान में पानी के लिए मचेगा हाहाकार, सिंधु बेसिन में 22% पानी की कमी से 2026-27 खरीफ सीजन पर संकट

Indus Waters Treaty: पाकिस्तान में 2026-27 का खरीफ सीजन काफी मुश्किल रहने वाला है। पाकिस्तान की ओर से जारी किए गए आधिकारिक अनुमानों को मुताबिक भारत और पाकिस्तान के बीच सिंधु जल समझौता रद्द होने के बाद सिंधु बेसिन में पानी के बहाव में 22% की कमी आएगी।

MoneyControl Newsअपडेटेड Oct 13, 2026 पर 1:27 PM
Indus Waters Treaty: पाकिस्तान में पानी के लिए मचेगा हाहाकार, सिंधु बेसिन में 22% पानी की कमी से 2026-27 खरीफ सीजन पर संकट
पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय फोरम पर सिंधु जल संधि स्थगित करने का मुद्दा उठा रहा है।

भारत के पड़ोसी देश पाकिस्तान के लिए 2026-27 का खरीफ सीजन काफी मुश्किलों भरा हो सकता है। पड़ोसी देश से मिल रही आधिकारिक रिपोर्ट में सिंधु बेसिन में पानी का बहाव कम होने की वजह से देश में पानी के लिए हाहाकार मचने की आशंका जताई जा रही है। पानी की कमी देश के कृषि सीजन को गहरी चोट पहुंचा सकती है। सिंध बेसिन में पानी की कमी अप्रैल 2025 में पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत द्वारा सिंधु जल संधि (IWT) पर रोक लगाने के बाद हुई है।

CNN-News18 को मिले एक आधिकारिक पाकिस्तानी बयान के मुताबिक, आने वाले खरीफ सीजन 2026-27 के लिए सिंधु बेसिन में पानी के बहाव में 22% की कमी आएगी। पाकिस्तान ने ऑफिशियली अनुमान लगाया है, "पंजाब और सिंध दोनों के लिए कुल सिस्टम में 22% की कमी आई है।" यह अनुमान ऐसे समय में आया है जब अप्रैल 2025 में पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद सिंधु जल संधि (IWT) पर रोक लगी हुई है।

पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय फोरम पर सिंधु जल संधि स्थगित करने का मुद्दा उठा रहा है। इसे भारत द्वारा उसके खिलाफ छेड़ा गया "वॉटर वॉर" कहा जा रहा है। लेकिन नरेंद्र मोदी सरकार ने कहा है कि 'पानी और खून एक साथ नहीं बह सकते' और पाकिस्तान को पहले आतंक छोड़ना होगा। पाकिस्तानी अधिकारियों को पिछले साल भी सिंचाई के बड़े संकट का डर था, जब अप्रैल 2025 में पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने सिंधु जल संधि को रोक दिया था। पाकिस्तान के सरकारी रिकॉर्ड बताते हैं कि पिछले साल मई में खरीफ फसल के मौसम की शुरुआत में 21% तक पानी की कमी होने का अनुमान था।

लेकिन हिमालय के ऊपरी इलाकों में बाढ़ और बर्फ पिघलने से तब हालात ठीक हो गए थे। पाकिस्तानी दस्तावेजों में जलाशयों के घटते लेवल, नदी में पानी के बहाव को लेकर अनिश्चितता और झेलम-चिनाब सिस्टम में पानी के कम बहाव को लेकर बढ़ती चिंता के बारे में बताया गया है। अधिकारियों ने झेलम-चिनाब नदी सिस्टम में पानी के कम बहाव पर बार-बार चिंता जताई है और "चिनाब नदी में भारत की कम सप्लाई से पैदा हुए संकट" का जिक्र किया है।

पाकिस्तान की सिंचाई वाली खेती का ज्यादातर हिस्सा पंजाब और सिंध में होता है। रिकॉर्ड से पता चलता है कि अधिकारी साफ तौर पर एक मुश्किल मौसम की तैयारी कर रहे हैं और पश्चिमी नदी सिस्टम के कुछ हिस्सों में पानी के कम बहाव को लेकर बार-बार चिंता जताई है। इंडस बेसिन के बहाव में किसी भी बदलाव का फूड सिक्योरिटी पर बड़ा असर पड़ता है, क्योंकि 90% खेती का उत्पादन इंडस बेसिन सिंचाई सिस्टम पर निर्भर करता है।

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