इजराइल में आम चुनाव के बाद वोटों की गिनती का काम लगभग पूरा होने की कगार पर है, लेकिन देश में सत्ता की तस्वीर अब भी पूरी तरह साफ नहीं हो सकी है। एक तरफ जहां प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की पार्टी को चुनाव में तगड़ा झटका लगा है, वहीं विपक्षी दल उन्हें सत्ता से बाहर करने के लिए लामबंद हो रहे हैं। इस चुनाव में सबसे चौंकाने वाला प्रदर्शन अरब-नेतृत्व वाली पार्टियों का रहा है। इन्होंने ऐतिहासिक सफलता हासिल की है। अब बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि क्या इजराइल में पहली बार विरोधी दल मिलकर अरब पार्टियों के समर्थन से नई सरकार बनाएंगे?
