इजरायल की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के नेतृत्व वाला गठबंधन संसद में बहुमत हासिल करने में नाकाम रहा है। इसके बाद राष्ट्रपति आइजैक हर्जोग ने विपक्षी नेता गादी आइजेनकोट को अगली सरकार बनाने का मौका दिया है। 27 अक्टूबर को हुए चुनाव के बाद यह पहली बार है जब किसी नेता को सरकार बनाने के लिए औपचारिक रूप से आमंत्रित किया गया है। पूर्व प्रधानमंत्री नेतन्याहू की लिकुड पार्टी संसद में सबसे बड़ी अकेली पार्टी बनकर उभरी है लेकिन उनके नेतृत्व वाला दक्षिणपंथी और धार्मिक दलों का गठबंधन बहुमत के जरूरी आंकड़े तक नहीं पहुंच सका। दूसरी ओर आइजेनकोट के नेतृत्व वाले विपक्षी गठबंधन के पास भी अपने दम पर सरकार बनाने के लिए पर्याप्त सीटें नहीं हैं। ऐसे में अरब नेतृत्व वाली पार्टियों के 19 सांसदों का समर्थन बेहद अहम हो गया है।
