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Nobel Prize Medicine: 'कैंसर से लेकर ब्रेन डिसऑर्डर तक!' इस दवा की खोज के लिए 3 वैज्ञानिकों को मिला नोबेल

वर्ष 2026 के चिकित्सा नोबेल पुरस्कार की घोषणा हो चुकी है। इस बार यह सर्वोच्च सम्मान कार्ल डीसेरोथ, पीटर हेगमैन और जॉर्ज नागेल को दिया गया है। इन वैज्ञानिकों ने 'ऑप्टोजेनेटिक्स' नाम की एक ऐसी क्रांतिकारी तकनीक खोजी है, जो बिना किसी पारंपरिक दवा के केवल लाइट की मदद से दिमाग की तंत्रिकाओं को नियंत्रित कर सकती है। डिप्रेशन और पार्किंसंस जैसी बीमारियों के इलाज का तरीका बदलने वाले इस आविष्कार का सच क्या है? जानने के लिए पढ़ें पूरी रिपोर्ट

Curated By: Abhishek Guptaअपडेटेड Oct 05, 2026 पर 4:28 PM
Nobel Prize Medicine: 'कैंसर से लेकर ब्रेन डिसऑर्डर तक!' इस दवा की खोज के लिए 3 वैज्ञानिकों को मिला नोबेल
इनकी इस खोज ने आधुनिक मस्तिष्क अनुसंधान को एक ऐसा हथियार दिया है, जो भविष्य में तंत्रिका तंत्र और मानसिक बीमारियों के इलाज में नई दिशा दिखाएगा

Nobel Prize in Medicine 2026: साल 2026 के लिए 'फिजियोलॉजी या मेडिसिन' क्षेत्र के नोबेल पुरस्कार की घोषणा कर दी गई है। इस बार यह प्रतिष्ठित सम्मान वैज्ञानिक कार्ल डीसेरोथ, पीटर हेगमैन और जॉर्ज नागेल को संयुक्त रूप से दिया गया है। इन तीनों वैज्ञानिकों को 'लाइट-गेटेड आयन चैनलों' और 'ऑप्टोजेनेटिक्स' तकनीक से जुड़ी अभूतपूर्व खोजों के लिए चुना गया है। इस तकनीक ने मस्तिष्क के अध्ययन और तंत्रिका विज्ञान की दुनिया में एक क्रांतिकारी बदलाव ला दिया है।

स्टॉकहोम स्थित करोलिंस्का इंस्टीट्यूट की नोबेल असेंबली ने सोमवार को इस पुरस्कार का ऐलान किया। असेंबली ने तीनों वैज्ञानिकों के योगदान को रेखांकित करते हुए कहा कि इनकी खोजों के कारण ही प्रकाश के जरिए मस्तिष्क की विशेष तंत्रिका कोशिकाओं को नियंत्रित और अध्ययन करना संभव हो पाया है।

इनके इस ऐतिहासिक कार्य ने वैज्ञानिकों को यह समझने का एक बेहद शक्तिशाली जरिया दिया है कि जीवित मस्तिष्क में अलग-अलग न्यूरॉन्स की गतिविधियां स्मृति, भावनाओं और व्यवहार को कैसे प्रभावित करती हैं।

कैसे काम करती है यह नोबेल पुरस्कार विजेता खोज?

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