Pakistan Missile Test over Balochistan: बुधवार रात पाकिस्तान के बलूचिस्तान के आसमान में एक रहस्यमयी रोशनी के साथ धुएं की लंबी लकीर देखी गई। इसके बाद से ही यह अटकलें तेज हो गई हैं कि पाकिस्तानी सेना ने बलूचिस्तान के आसमान में किसी सीक्रेट मिसाइल का परीक्षण किया है।
यह नजारा बुधवार रात करीब 8 बजे बलूचिस्तान के नुश्की और खारान जैसे इलाकों में देखा गया। देखते ही देखते स्थानीय लोगों ने इसके फोटो और वीडियो बना लिए, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। इस घटना के बाद से ही बलूचिस्तान के इलाकों में हड़कंप मच गया है।
पाकिस्तानी अधिकारियों या सेना (ISPR) की तरफ से अभी तक इस पर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं आई है, लेकिन रक्षा विशेषज्ञों और रक्षा विश्लेषकों के बीच इसे लेकर बहस छिड़ गई है।
हाइपरसोनिक और लॉन्ग-रेंज मिसाइल की टेस्टिंग कर रहा पाक?
आसमान में बने विजुअल्स और उसके उड़ने के तरीके को देखकर कुछ रक्षा जानकारों का मानना है कि यह किसी हाई-अल्टीट्यूड बैलिस्टिक मिसाइल का टेस्ट हो सकता है।
वायरल वीडियो में दिख रहे पैटर्न को देखकर दावा किया जा रहा है कि यह मिसाइल का री-एंट्री फेज यानी जब मिसाइल अंतरिक्ष से वापस वायुमंडल में प्रवेश करती है उसके जैसा लग रहा है।
आसमान में बनी विशेष आकृतियों को कुछ ऑनलाइन रिपोर्ट्स में 'हाइपरसोनिक बैलिस्टिक क्लाउड्स' कहा जा रहा है, जो आवाज की रफ्तार से 5 गुना तेज उड़ने वाली मिसाइलों के परीक्षण के दौरान बनते हैं। हालांकि, इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
हाल के दिनों में पाकिस्तान ने कौन-कौन से टेस्ट किए हैं?
यह अटकलें ऐसे समय में सामने आई हैं जब पाकिस्तान लगातार अपनी मिसाइल क्षमताओं का परीक्षण कर रहा है:
28 अप्रैल: पाकिस्तानी सेना के 'रॉकेट फोर्स कमांड' ने स्वदेशी रूप से विकसित फतेह-II मिसाइल सिस्टम का ट्रेनिंग लॉन्च किया था।
14 मई: पाकिस्तान ने अपनी क्रूज मिसाइल फतेह-4 का सफल परीक्षण किया था, जो एडवांस्ड एवियोनिक्स और लॉन्ग-रेंज टार्गेटिंग क्षमता से लैस है।
पिछले साल भी बलूचिस्तान में दिखा था ऐसा ही रहस्यमयी नजारा
बलूचिस्तान में इस तरह के आकाशीय नजारे को लेकर सीक्रेट मिसाइल टेस्ट की चर्चा पहली बार नहीं हुई है। पिछले साल अक्टूबर में भी क्वेटा और बलूचिस्तान के आसमान में ऐसी ही अजीबोगरीब रोशनी और धुएं का गुबार दिखा था, जिसे लेकर हाइपरसोनिक मिसाइल टेस्ट का दावा किया गया था। उस समय पाकिस्तान मौसम विज्ञान विभाग ने इसे एक दुर्लभ प्राकृतिक घटना बताते हुए 'लेंटिकुलर क्लाउड' करार दिया था।
जब उस समय पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ से मीडिया ने पूछा था कि क्या यह हाइपरसोनिक मिसाइल टेस्ट था, तो उन्होंने सीधे जवाब देने से इनकार कर दिया था। एक टीवी इंटरव्यू में उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा था, 'अब ऐसे सवाल मत पूछिए, ये सब बातें प्राइवेट में पूछा कीजिए।' रक्षा मंत्री के इस बयान ने संदेह को और गहरा कर दिया था।
बलूचिस्तान में जारी है भयंकर तनाव
एक तरफ जहां मिसाइल टेस्ट की चर्चा गर्म है, वहीं दूसरी तरफ बलूचिस्तान में स्थानीय बलूच समुदाय पर पाकिस्तानी सेना के जुल्म और सैन्य अभियानों को लेकर तनाव बढ़ता जा रहा है। हाल ही में बलूच नागरिक अधिकार कार्यकर्ता गुलजादी बलूच को पाकिस्तानी अदालत द्वारा आजीवन कारावास की सजा सुनाए जाने के बाद 'बलूच यकजेहती कमेटी' (BYC) और अन्य संगठनों का विरोध प्रदर्शन तेज हो गया है।