Get App

Pakistan bomb blast: पाकिस्तान के डेरा इस्माइल खान में बम धमाका, 11 की मौत और 30 घायल

Pakistan bomb blast: पाकिस्तान के डेरा इस्माइल खान में एक धमाके में 11 लोगों के मरने की खबर है। इस हमले में 30 लोग घायल हुए हैं। यह धमाका जिले के दराजिंदा इलाके में अमन मेला के पास हुआ। शनिवार को हुए हमले की जिम्मेदारी तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान ने ली है।

MoneyControl Newsअपडेटेड Sep 26, 2026 पर 8:22 PM
Pakistan bomb blast: पाकिस्तान के डेरा इस्माइल खान में बम धमाका, 11 की मौत और 30 घायल
धमाका जिले के दराजिंदा इलाके में अमन मेला के पास हुआ। Photo-x.com

Pakistan bomb blast: पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा के डेरा इस्माइल खान में शनिवार को एक जबरदस्त धमाका हुआ। यह धमाका जिले के दाराजिंडा इलाके में अमन मेला पुलिस चेकपॉइंट को निशाना बनाकर किया गया था। इस हमले में कम से कम 11 लोगों के मारे जाने और 30 लोगों के घायल होने की खबर है। इस जबरदस्त धमाके ने सिक्योरिटी इंस्टॉलेशन को तबाह कर दिया, जिससे कई कर्मचारी और आम लोग मलबे के नीचे दब गए।

ब्लास्ट के तुरंत बाद आपात बचाव दल और सैन्यबल ने राहत और बचाव अभियान शुरू किया। इस हमले की जिम्मेदारी तहरीक ए तालिबान ने ली है। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स की खबर के अनुसार, हमलावर ने विस्फोटकों से भरी गाड़ी अमन मेला चेकपॉइंट की बाहरी दीवार से टकरा दी। धमाका इतना जोरदार था कि इसके असर से मेला चेकपॉइंट पूरी तरह से मलबे में बदल गया। धमाके के झटके से आस-पास की इमारतें टूट गईं और ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर के किनारे खड़ी कई गाड़ियों को नुकसान पहुंचा।

अफगानिस्तान की सीमा से लगे इलाके में हुआ धमाका

अफगानिस्तान की सीमा के पास खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में स्थित डेरा इस्माइल खान में अक्सर इस्लामी चरमपंथियों की हिंसा होती रही है, जिसमें पुलिस और सुरक्षा बलों को निशाना बनाया जाता है। शनिवार को हुए हमले की जिम्मेदारी तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान ने ली है।

'रेस्क्यू 1122' ने एक बयान में कहा कि धमाका जिले के दराजिंदा इलाके में अमन मेला के पास हुआ। सर्विस ने बताया कि दराजिंदा स्टेशन की रेस्क्यू टीमें घटनास्थल पर पहुंचीं और राहत कार्य शुरू किया। उन्होंने घायलों को मेडिकल मदद दी और उन्हें अस्पताल पहुंचाया। इस महीने जिले में सुरक्षा से जुड़ी घटनाएं होती रही हैं, जिनमें पाकिस्तानी तालिबान के हमले भी शामिल हैं।

हालांकि किसी भी मिलिटेंट ग्रुप ने ऑफिशियली हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है, लेकिन जॉइंट काउंटर-टेररिज्म टीमों ने हमले को ऑर्गनाइज करने में शामिल संभावित मददगारों का पता लगाने के लिए दराजिंदा की आस-पास की पहाड़ियों में बड़े पैमाने पर सर्च और स्वीप ऑपरेशन शुरू किए हैं।

सब समाचार

+ और भी पढ़ें