जब नील आर्मस्ट्रांग (Neil Armstrong) ने चांद पर कदम रखा था, तब केन श्राइबर (Ken Schreiber) सिर्फ 9 साल के थे। इस घटना ने उन्हें इतना प्रभावित किया कि बड़े होकर उन्होंने भी पायलट बनने का सपना पूरा किया। अब कई साल बाद वे अपने आदर्श से जुड़ी एक खास जगह को बचाने के लिए आगे आए हैं।
