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UAE ने इजराइल के साथ शेयर की थी Flydubai क्रू लिस्ट, फिर ओमानी को-पायलट को कैसे मिला क्लियरेंस?

फ्लाईदुबई की फ्लाइट में कॉकपिट के अंदर हुए हमले की जांच जारी है। रिपोर्ट के मुताबिक, उड़ान से पहले यूएई ने फ्लाइट के पायलट और क्रू की पूरी जानकारी इजराइल के साथ शेयर की थी। अब सवाल उठ रहा कि ओमानी को-पायलट को तेल अवीव जाने वाली फ्लाइट उड़ाने की अनुमति कैसे मिली। संयुक्त अरब अमीरात इस मामले की जांच कर रहा है

Edited By: Ankita Pandeyअपडेटेड Oct 04, 2026 पर 9:42 PM
UAE ने इजराइल के साथ शेयर की थी Flydubai क्रू लिस्ट, फिर ओमानी को-पायलट को कैसे मिला क्लियरेंस?
अब जांच एजेंसियां इसी पूरे मामले की कड़ियों को जोड़ने में जुटी हैं

फ्लाईदुबई की फ्लाइट में बीच हवा में कॉकपिट के अंदर हुए हमले की जांच अभी जारी है। इस मामले में अब सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ी कुछ अहम जानकारियां सामने आई हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, उड़ान से पहले यूएई ने फ्लाइट के पायलट और अन्य क्रू मेंबर्स की पूरी सूची इजरायल के साथ शेयर की थी। इस खुलासे के बाद अब सवाल उठ रहा कि ओमानी को-पायलट हम्माम अल-हम्मामी को तेल अवीव जाने वाली फ्लाइट उड़ाने की अनुमति कैसे मिली। कॉकपिट में हुए हमले की जांच संयुक्त अरब अमीरात कर रहा है।

आतंकी हमले की थी साजिश

अधिकारियों के मुताबिक, ओमानी को-पायलट को कथित तौर पर उसके चरमपंथी विचारों से जुड़ी चिंताओं के चलते ओमान में विमान उड़ाने से रोक दिया गया था। ओमान के इजराइल के साथ राजनयिक संबंध नहीं हैं। इसके बावजूद उसे इजराइली यात्रियों को तेल अवीव ले जाने वाली फ्लाइट को उड़ाने की अनुमति कैसे मिली। इसे सुरक्षा में बड़ी चूक माना जा रहा है।

यूएई के अधिकारियों के मुताबिक, को-पायलट ने भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार पर हमला करने के बाद विमान का कंट्रोल अपने हाथ में लेने की कोशिश की। अधिकारियों ने इस घटना को संभावित आतंकी हमला बताया। विमान में करीब 180 लोग सवार थे। कैप्टन मच्छार ने किसी तरह कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया, जिसके बाद यात्रियों और अन्य लोगों ने मिलकर हमलावर को काबू में करने में मदद की।

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