डोनाल्ड ट्रंप को ये क्या हो गया है? ब्राजील को समझ लिया भारत! राष्ट्रपति चुनाव पर कर बैठे बड़ी गलती

Donald Trump India: भारत में नहीं बल्कि 4 अक्टूबर को ब्राजील में राष्ट्रपति चुनाव का पहला दौर आयोजित हुआ था। इसी राष्ट्रपति चुनाव को लेकर टिप्पणी करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ब्राजील की जगह भारत का नाम लिख दिया। उन्होंने दावा किया कि भारत के राष्ट्रपति चुनाव में 12.5 करोड़ लोगों ने वोट किया

अपडेटेड Oct 05, 2026 पर 11:43 AM
  • Follow Us On Google
  • Add as a Preferred Source on Google
Donald Trump India: अमेरिकी चुनाव प्रणाली की आलोचना करते हुए हुई ट्रंप के इस गलती का ऑनलाइन मजाक उड़ाया गया

Donald Trump India: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप आज यानी 5 अक्टूबर को एक सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर दुनियाभर में चर्चा में हैं। राष्ट्रपति चुनाव को लेकर टिप्पणी करते हुए ट्रंप ने ब्राजील की जगह गलती से भारत का नाम लिख दिया। उन्होंने दावा किया कि भारत के राष्ट्रपति चुनाव में 12.5 करोड़ लोगों ने वोट किया। फिर मतदान खत्म होने के कुछ ही समय बाद इसके नतीजे भी आ गए। इसके बाद उन्होंने अमेरिका की चुनावी प्रक्रिया और वोटों की गिनती पर सवाल उठाते हुए उसे भ्रष्ट बताया। यानी ट्रंप की पोस्ट में जिस चुनाव को भारत का बताया गया, वह वास्तव में ब्राजील का राष्ट्रपति चुनाव था।

ब्राजील में पहले चरण का रिजल्ट लगभग पूरी तरह आ चुका है। लेकिन ब्राजील के राष्ट्रपति का फाइनल चुनावी नतीजा अभी नहीं आया है। 4 अक्टूबर 2026 को पहले चरण की वोटिंग हुई थी। अब मुकाबला दूसरे चरण में पहुंच गया है। अमेरिकी चुनाव प्रणाली की आलोचना करते हुए हुई इस गलती का ऑनलाइन मजाक उड़ाया गया। इससे उनके पहले भी नाम या देश को लेकर हुई गलतियों पर फिर से चर्चा शुरू हो गई है।

ट्रंप ने क्या लिखा?


ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर लिखा कि भारत के राष्ट्रपति चुनाव के पहले चरण में 125 मिलियन लोगों ने आज वोट किया और मतदान खत्म होते ही उसी दिन नतीजे आ गए। इसके बाद उन्होंने अमेरिका की चुनावी प्रक्रिया की तुलना करते हुए दावा किया कि डेट्रॉयट, फिलाडेल्फिया, कैलिफोर्निया और अमेरिका के कई अन्य शहरों और राज्यों में इससे काफी कम वोट होने के बावजूद नतीजे आने में कई सप्ताह लग सकते हैं। ट्रंप ने इसी पोस्ट में अमेरिकी वोटिंग सिस्टम को भ्रष्ट करार दिया। साथ ही इस पोस्ट के अंत में ट्रंप अपने नाम के साथ 'President DJT' लिखा।

ब्राजील में हुआ था चुनाव

ट्रंप जिस चुनाव का जिक्र कर रहे थे, वह दरअसल भारत का नहीं बल्कि ब्राजीली राष्ट्रपति चुनाव था। ब्राजील में हुए राष्ट्रपति चुनाव के पहले दौर में दक्षिणपंथी सीनेटर फ्लावियो बोल्सोनारो ने मौजूदा राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा से बढ़त बनाई। न्यूज एजेंसी 'रॉयटर्स' के मुताबिक, फ्लावियो बोल्सोनारो को करीब 47 फीसदी वोट, जबकि लूला को करीब 45 फीसदी वोट मिले। पहले दौर में किसी उम्मीदवार को जरूरी बहुमत नहीं मिलने के कारण दोनों अब 25 अक्टूबर को होने वाले रनऑफ चुनाव में आमने-सामने होंगे।

फ्लावियो बोल्सोनारो ने सर्वेक्षणों को भी चौंकाया

फ्लावियो बोल्सोनारो पूर्व दक्षिणपंथी राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो के सबसे बड़े बेटे हैं। उनका प्रदर्शन चुनाव से पहले जारी कई निजी सर्वेक्षणों के अनुमान से बेहतर रहा। 'रॉयटर्स' के मुताबिक, चुनाव से पहले के सर्वेक्षणों में लूला को करीब तीन प्रतिशत अंकों की बढ़त दिखाई जा रही थी। इगारापे इंस्टीट्यूट के सह-संस्थापक रॉबर्ट मुगाह के मुताबिक, सर्वेकर्ताओं का अनुमान काफी हद तक गलत साबित हुआ।

महंगाई, अपराध और कर्ज बने बड़े मुद्दे

ब्राजील के चुनाव में महंगाई, भ्रष्टाचार और अपराध प्रमुख मुद्दे रहे। बेरोजगारी और असमानता में कमी के बावजूद लूला सरकार को महंगाई, घरेलू कर्ज और अपराध एवं गैंग गतिविधियों को लेकर लोगों की चिंताओं का सामना करना पड़ा। फ्लावियो बोल्सोनारो ने इन्हीं मुद्दों को अपने चुनाव अभियान का प्रमुख हिस्सा बनाया। दूसरी ओर, लूला ने कल्याणकारी योजनाओं के विस्तार और परिवारों के लिए नए कर्ज राहत उपायों का प्रस्ताव रखा। देश की आर्थिक स्थिति भी चुनाव में अहम मुद्दा रही। ब्राजील का सार्वजनिक कर्ज जीडीपी के 82 फीसदी से ऊपर बताया गया है। देश में आर्थिक विकास की धीमी रफ्तार को लेकर भी चिंता बनी हुई है।

बोल्सोनारो परिवार को भी मिली बड़ी कामयाबी

राष्ट्रपति चुनाव के साथ-साथ बोल्सोनारो परिवार और उसकी लिबरल पार्टी को दूसरे चुनावों में भी मजबूत सफलता मिली है। न्यूज एजेंसी AFP के मुताबिक, लिबरल पार्टी ब्राजील की सीनेट में सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरी है। चुनाव में खाली हुई 54 सीनेट सीटों में से 19 सीटें जीत ली है। हालांकि, पार्टी को पूर्ण बहुमत नहीं मिला। चैंबर ऑफ डेप्युटीज में भी लिबरल पार्टी सबसे बड़ी पार्टी बनने में सफल रही। जायर बोल्सोनारो की पत्नी मिशेल बोल्सोनारो ने ब्रासीलिया के फेडरल डिस्ट्रिक्ट में सीनेट उम्मीदवारों के बीच सबसे ज्यादा वोट हासिल किए।

ये भी पढ़ें- Heavy Rain Today: आज इन 4 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट! उत्तराखंड-तेलंगाना में आंधी का खतरा, मौसम को लेकर IMD ने दी ये चेतावनी

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि वह 2030 में राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव लड़ने पर विचार कर सकती हैं। जायर बोल्सोनारो के दूसरे बेटे कार्लोस बोल्सोनारो सांता कैटरीना राज्य में सीनेट के लिए दूसरे सबसे ज्यादा वोट पाने वाले उम्मीदवार रहे। वही, उनके सबसे छोटे बेटे 28 वर्षीय जायर रेनान बोल्सोनारो इसी राज्य से सांसद चुने गए।

हिंदी में शेयर बाजार,  स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।