Ganesh Chaturthi 2026: गणेश जी के आगमन पर मोदक के साथ-साथ इन चीजों का लगाएं भोग, बप्पा को हैं बेहद प्रिय

Ganesh Chaturthi 2026: बप्पा का कल यानी 14 सितंबर को धूमधाम से आगमन हो जाएगा। ऐसे में उनके पसंदीदा पकवानों का बनना तो लाजमी हैं। मोदक से साथ-साथ ऐसी कई चीजें हैं जो गणेश जी को बेहद प्रिय हैं। इस बार आप भोग की थाली में इनको शामिल करिए।

अपडेटेड Sep 13, 2026 पर 6:00 PM
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ध्यान रहे भोग लगाते समय दूर्वा यानी दूब घास थाली में जरूर रखें। गणेश जी की पूजा में तुलसी नहीं प्रयोग की जाती है।

Ganesh Chaturthi 2026: गणेश चतुर्थी का पर्व भगवान गणेश के जन्मदिन के रूप में मनाया जाता है। गणेशोत्सव बप्पा की पूजा के साथ ही उनकी पसंदीदा चीजों के भोग के बिना बिल्कुल अधूरा है। इस साल गणेश उत्सव 14 सितंबर से शुरू होकर 25 सितंबर 2026 तक मनाया जाने वाला है। इस खास मौके पर आप भी बप्पा के पसंदीदा प्रसाद का भोग लगाना मत भूलिएगा।

भोग में शामिल करें ये चीजें

मोदक

भगवान गणेश जी को सबसे ज्यादा प्रिय भोग मोदक है। चावल के आटे में गुड़ और नारियल की स्टफिंग से बने मोदक बप्पा को अर्पित करें। मावे से तैयार मोदक भी भोग की थाली में रख सकते हैं।


बेसन लड्डू

गणपति पूजा में लड्डू का भी विशेष महत्व होता है। शुद्ध घी से तैयार बेसन के लड्डू या बूंदी के लड्डू का भोग लगाने से भगवान गणेश प्रसन्न होते हैं।

हलवा

सूजी, घी और ड्राई फ्रूट्स से तैयार हलवा भी बप्पा को बेहद प्रिय है। इसका भी भोग आप लगा सकते हैं।

मावा पेड़ा

आप केसर और इलायची के साथ बने हुए मावे के पेड़े को भी बप्पा को चढ़ा सकते हैं।

पूरण पोली

महाराष्ट्र की फेमस पूरण पोली भी गणेश उत्सव के भोग में खास जगह रकती है। चने की दाल और गुड़ से तैयार यह डिश स्वाद के साथ त्योहार की खासियत को बढ़ाती है।

नारियल

नारियल से बने प्रसाद भगवान गणेश को बेहद पसंद आते हैं। ताजा या फिर सूखे नारियल से बने लड्डू बप्पा के भोग में जरूर शामिल करें।

खीर

दूध, चावल या मखाने और ड्राई फ्रूट्स से बनी खीर भी बप्पा की प्रिय है। आप इसे भोग की थाली में शामिल कर सकते हैं।

मालपुआ

आटे या मैदा से तैयार मालपुआ भी गणपति पूजा में भोग के रूप में शामिल किए जाते हैं। इसे भी बप्पा का पसंदीदा भोग माना गया है।

विधि विधान से करें पूजा

ध्यान रहे भोग लगाते समय दूर्वा यानी दूब घास थाली में जरूर रखें। गणेश जी की पूजा में तुलसी नहीं प्रयोग की जाती है। धार्मिक मान्यता के मुताबिक गणेश पूजा में दूर्वा का बहुत महत्व होता है। अगर आप पूरा नैवेद्य तैयार करते हैं तो घर के बने सात्विक भोजन को ही थाली में शामिल करें। पूरी, सब्जी, दाल, चावल, खीर और अन्य पारंपरिक व्यंजन बनाएं। भोग बनाते समय साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें।

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