Kharmas Panchak kaal 2025 Rashifal: हिंदू धर्म में शुभ काम में ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति देखने के बाद किसी नए और शुभ या मांगलिक काम के लिए मुहूर्त निकाला जाता है। लेकिन, इसके अलावा भी कुछ खास योग या समय ऐसे बताए गए हैं, जिनमें शुभ काम नहीं किए जाते हैं। इनमें से एक खरमास है और दूसरा पंचक। सूर्य जब धनु या मीन राशि में प्रवेश करते हैं, तब लगभग एक मास की अवधि को खरमास कहा जाता है और इस अवधि में अगर पंचक लग जाए तो यब बेहद अशुभ माना जाता है। ज्योतिष विशेषज्ञों के अनुसार, साल का अंतिम पंचक खरमास में 24 दिसंबर दिन बुधवार से 29 दिसंबर दिन सोमवार तक लगने वाला है। खरमास का समय लगभग एक माह का होता है, जबकि पंचक सिर्फ पांच दिनों के लिए होता है। लेकिन खरमास में पंचक लगाने पर द्विगुण दोष काल माना जाता है। यही दोष इस समय भी चल रहा है। इस अवधि में वृषभ, कर्क समेत 4 राशियों को बेहद सावधानी बरतने की आवश्यकता है।
वृषभ राशि : वृषभ राशि वालों को इस दौरान काफी सावधानी बरतने की जरूरत है। इस दौरान किसी भी तरह के विवाद से दूर रहें और मन को शांत रखें। नौकरी पेशा जातकों पर ऑफिस में काम का दबाव बढ़ सकता है और साथ काम करने वालों से भी सहयोग नहीं मिलेगा। पर्सनल लाइफ में जीवनसाथी के साथ सतर्कता बरतनी होगी क्योंकि मतभेद हो सकते हैं और आपको समझौता करना पड़ सकता है।
कर्क राशि : खरमास में लग रहे पंचक से चंद्रमा की राशि कर्क वाले किसी भी तरह का धन का लेन-देन करने से बचें। इन 5 दिनों में अपनी वाणी और व्यवहार पर नियंत्रण रखें। अन्यथा कई तरह की समस्याओं में फंस सकते हैं। कर्क राशि वालों के लिए इन 5 दिनों में पारिवारिक समस्याएं और खर्चे बढ़ सकते हैं, खासकर जब आप समस्याओं को सुलझाने के लिए कर्ज लेते हैं।
धनु राशि : द्विगुण दोष काल धनु राशि वालों के लिए काफी उतार-चढ़ाव वाला रहेगा। धनु राशि वालों को परिवार में कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। इस अवधि में कई तरह के नकारात्मक विचार मन में आ सकते हैं, ऐसी स्थिति में ईश्वर पर भरोसा रखें। धनु राशि वालों को नौकरी बदलनी पड़ सकती है या ज्यादा यात्रा करनी पड़ सकती है।
मीन राशि : इस अवधि में मीन राशि वाले जातक अपने साथ-साथ पूरे परिवार की सेहत का ध्यान रखें और यात्रा करते समय अपने सामान पर पूरी नजर रखें। इस अशुभ योग के कारण इन 5 दिनों की अवधि में परिवार में समस्याएं, रोजमर्रा के कामों में रुकावट और पैसों की कमी जैसी दिक्कतें एकसाथ आ सकती हैं। पारिवारिक समस्याओं के कारण जीवनसाथी के साथ खुश रहना मुश्किल हो सकता है।