अंक ज्योतिष एक प्राचीन और रहस्यमयी विद्या है, जो संख्याओं के माध्यम से किसी व्यक्ति के स्वभाव, भाग्य और जीवन की दिशा को समझने में मदद करती है। इसमें 1 से 9 तक की संख्याओं को मूलांक कहा जाता है, जो व्यक्ति की जन्मतिथि के आधार पर तय होते हैं। हर मूलांक का संबंध एक विशिष्ट ग्रह से होता है, और उसी ग्रह के प्रभाव से उस व्यक्ति के जीवन में कई सकारात्मक या नकारात्मक प्रभाव देखने को मिल सकते हैं। यही नहीं, हर मूलांक के अनुसार एक शुभ रत्न भी निर्धारित किया गया है, जो यदि सही ढंग से धारण किया जाए तो जीवन में भाग्य, सफलता, मानसिक शांति और आर्थिक समृद्धि ला सकता है।
हालांकि, किसी भी रत्न को धारण करने से पहले किसी योग्य और अनुभवी ज्योतिषाचार्य से सलाह अवश्य लेनी चाहिए, ताकि वह आपकी कुंडली और ग्रह स्थिति को देखकर सही मार्गदर्शन दे सके।
अगर किसी व्यक्ति का जन्म 6, 15 या 24 तारीख को हुआ है, तो उसका मूलांक 6 होता है। इस मूलांक का स्वामी शुक्र ग्रह है। ज्योतिष में शुक्र को प्रेम, सुंदरता, कला, विलासिता और सुख-सुविधाओं का कारक माना गया है। इस मूलांक वालों पर मां लक्ष्मी की विशेष कृपा मानी जाती है, जिससे उन्हें भौतिक वैभव और आर्थिक सफलता की प्राप्ति होती है।
मां लक्ष्मी को कैसे करें प्रसन्न?
मूलांक 6 के जातकों को जीवन में आराम और सुविधाएं प्राप्त होती हैं। ये लोग मेहनती होते हैं और अपने दम पर धन अर्जित करते हैं। मां लक्ष्मी की कृपा पाने के लिए इन्हें सफेद वस्तुओं का दान करना चाहिए जैसे—खीर, चावल या कौड़ी। पूजा में देवी को कमल का फूल, श्रीफल और कौड़ी अर्पित करें। इससे मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं और धनवर्षा करती हैं।
मूलांक 6 वालों के व्यक्तित्व की खासियतें
मूलांक 6 के लोग बेहद व्यवस्थित, शांत और भरोसेमंद होते हैं। इनका आकर्षक व्यक्तित्व लोगों को सहज ही अपनी ओर खींचता है। ये जल्दी मित्र बना लेते हैं और दिल के उदार होते हैं। शुक्र ग्रह के प्रभाव से इनमें कला, संगीत, नृत्य और चित्रकला जैसी चीजों में खास रुचि पाई जाती है।