जानिए शनि की साढ़ेसाती में कर्ज क्यों बढ़ता है? राहत के लिए आजमाएं ये सरल 3 उपाय

ज्योतिष में शनि की साढ़ेसाती को जीवन का ऐसा समय माना जाता है, जब व्यक्ति को आर्थिक और मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। कई मान्यताओं के अनुसार इस दौरान अचानक खर्च बढ़ना, धन की कमी या गलत आर्थिक फैसलों के कारण कर्ज का बोझ बढ़ सकता है। खासकर साढ़ेसाती के दूसरे चरण को आर्थिक दबाव से जोड़कर देखा जाता है। लेकिन इसके लिए कुछ आसान उपाय करने से कर्ज से मुक्त हुआ जा सकता है।

अपडेटेड Sep 15, 2026 पर 3:20 PM
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ज्योतिषशास्त्र में पैसों से जुड़ी दिक्कतों को शनि की साढ़ेसाती से भी जोड़कर देखा जाता है। यह किसी के लिए भी परेशानी और चिंता की वजह बन सकता है। मान्यता है कि साढ़ेसाती के दौरान व्यक्ति को अपने खर्च, फैसलों और पुराने आर्थिक मामलों को लेकर सावधान रहना चाहिए। खासकर इस समय गलत वित्तीय फैसले स्थिति को और मुश्किल बना सकते हैं। ऐसे में कर्ज और साढ़ेसाती के बीच क्या संबंध माना जाता है और कर्ज से राहत के लिए कौन से सरल उपाय किए जाते हैं, यह जानना बहुत जरुरी है।

कर्ज और साढ़ेसाती का कनेक्शन

फाइनेंशियल प्रेशर बढ़ना

ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार साढ़ेसाती के दौरान व्यक्ति के सामने अचानक ऐसे खर्च आ सकते हैं, जिनकी उसने पहले से तैयारी नहीं की होती। कारोबार में नुकसान, नौकरी से जुड़ी परेशानी या आमदनी और खर्च के बीच तालमेल नहीं बनने से फाइनेंशियल प्रेशर बढ़ सकता है। ऐसी सिचुएशन में जरूरतें पूरी करने के लिए व्यक्ति को कर्ज लेने की जरूरत पड़ सकती है।


डिसीजन लेने में रखें सावधानी

साढ़ेसाती को मेन्टल स्ट्रेस और जिम्मेदारियों से जुड़ा समय भी माना जाता है। ऐसे में जल्दबाजी में लिया गया आर्थिक फैसला आगे चलकर परेशानी बढ़ा सकता है। बार-बार कर्ज लेना या पुराने कर्ज को चुकाने के लिए नया कर्ज लेना व्यक्ति को धीरे-धीरे कर्ज के जाल में फंसा सकता है।

पुरानी जिम्मेदारियां और जरूरतें

मान्यता है कि शनि व्यक्ति को उसके कर्मों के अनुसार परिणाम देते हैं। ज्योतिष में शनि को कर्मों का फल देने वाला ग्रह माना जाता है। इसी वजह से साढ़ेसाती को पुराने कर्मों और जिम्मेदारियों से जोड़कर देखा जाता है। यदि किसी व्यक्ति पर पहले से कर्ज है, तो इस टाइम में उसे उसे चुकाने का प्रेशर ज्यादा महसूस हो सकता है।

क्या है साढ़ेसाती का दूसरा चरण

साढ़ेसाती को तीन चरणों में बांटकर देखा जाता है। ज्योतिषीय मान्यताओं में इसके दूसरे चरण को कई बार सबसे चुनौतीपूर्ण माना जाता है। इस दौरान स्ट्रेस, फाइनेंशियल प्रेशर और जिम्मेदारियां बढ़ने की बात कही जाती है।

कर्ज से राहत पाने के लिए करें ये आसान उपाय

1. हनुमान चालीसा का पाठ

कर्ज और शनि की परेशानी से राहत के लिए हनुमान जी की पूजा को काफी प्रभावी माना जाता है। मान्यता के अनुसार मंगलवार और शनिवार को हनुमान चालीसा का पाठ करने से मन को शांति मिलती है और शनि से जुड़ी परेशानियों को कम करने में मदद मिल सकती है।

2. शनिवार को तेल का दीपक

शनिवार का दिन शनि देव को समर्पित माना जाता है। इस दिन शनि मंदिर में सरसों के तेल का दीपक जलाने और श्रद्धा से पूजा करने की मान्यता है। कुछ लोग शनि देव को सरसों का तेल अर्पित भी करते हैं।

3. पीपल के पेड़ की पूजा

धार्मिक मान्यताओं में शनिवार की शाम पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाने का भी महत्व बताया गया है। माना जाता है कि इस उपाय से शनि से जुड़ी परेशानियां कम होती हैं और आर्थिक स्थिति में धीरे-धीरे सुधार आने का रास्ता बन सकता है।

4. जरूरतमंदों को दान

शनि से जुड़े उपायों में दान-पुण्य को भी खास माना जाता है। शनिवार के दिन जरूरतमंद लोगों को काले तिल, छाता, जूते-चप्पल जैसी उपयोगी चीजें दान करने की मान्यता है। इसका उद्देश्य केवल धार्मिक उपाय करना नहीं, बल्कि जरूरतमंद व्यक्ति की मदद करना भी है।

Disclaimer: ये उपाय ज्योतिषीय और धार्मिक मान्यताओं पर आधारित हैं। कर्ज से जुड़ी वास्तविक समस्या में बजट बनाना, खर्चों पर कंट्रोल रखना और समय पर कर्ज चुकाने की सही प्लानिंग बनाना भी जरूरी है।

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