Shani-Chandra Vish Yog: ज्योतिष शास्त्र में मन के कारक चंद्रमा और कर्मफलदाता शनि का साथ आना अहम घटना माना जाता है। शनि इस समय मीन राशि में वक्री चाल से गोचर कर रहे हैं और जून 2027 तक यहीं रहेंगे। वहीं, चंद्रमा ने 11 सितंबर 2026 को इस राशि में गोचर किया है और शनि के साथ विष योग का निर्माण किया है। एक तरफ जहां चंद्रमा अत्यंत तीव्र गति से चलने वाले और मानसिक भावनाओं के प्रतीक ग्रह हैं, वहीं दूसरी तरफ शनि देव अत्यंत धीमी गति, अनुशासन और गंभीरता का प्रतिनिधित्व करते हैं।
शनि-चंद्रमा की युति से बने विष योग का प्रभाव सभी राशियों पर अलग-अलग रूप में देखने को मिलेगा। जब इन दो विपरीत स्वभाव वाले ग्रहों का मिलन होता है, तो व्यक्ति का मन बेवजह की चिंताओं और विचारों के भंवर में उलझने लगता है। इस अवधि में प्रभावित जातकों को मानसिक रूप से अस्थिरता या उत्साह में कमी महसूस हो सकती है। ऐसे समय में जल्दबाजी में कोई भी बड़ा वित्तीय या पैसों से जुड़ा फैसला लेने से बचना चाहिए और बातचीत में संयम रखना चाहिए। आइए जानें शनि-चंद्रमा की युति से किसे मिलेगी राहत और किसे रहना होगा सावधान?
इन राशियों के लिए शुभ होगी युति
कर्क राशि : चंद्रमा आपकी राशि का स्वामी है। भले ही विषयोग का सामान्य प्रभाव रहे, लेकिन आत्मबल और आध्यात्मिक झुकाव के कारण आप इस समय का सामना मजबूती से कर लेंगे।
वृश्चिक राशि : आपके लिए यह समय शोध, अध्ययन और आत्म-मंथन के लिए बेहतर रहेगा। यदि आप शांति से अपने काम पर केंद्रित रहेंगे, तो कोई बड़ा नुकसान नहीं होगा।
मीन राशि : वक्री शनि आपकी ही राशि में विराजमान हैं और चंद्रमा का प्रवेश सीधे आपके मन को प्रभावित करेगा। अत्यधिक सोच-विचार से बचें और सेहत का ध्यान रखते हुए खुद को पर्याप्त आराम दें।
मिथुन राशि : पारिवारिक जीवन और आपसी संबंधों में तनातनी हो सकती है। घर के सदस्यों के साथ किसी भी मुद्दे पर बात करते समय अपनी वाणी पर संयम रखें और शांतिपूर्वक स्थिति को संभालें।
धनु राशि: कार्यस्थल पर काम का दबाव और डेडलाइन आपको मानसिक रूप से परेशान कर सकती है। इस समय बिना विचलित हुए धैर्य, लगन और पूर्ण समर्पण के साथ अपना काम पूरा करें।