Shani Nakshtra Gochar 2026: शनि को ज्योतिष शास्त्र में कर्मों के आधार पर फल देने वाला ग्रह माना जाता है। राशि चक्र की किसी भी राशि में शनि लगभग ढाई साल तक रहते हैं, यानी ये ग्रह सबसे धीमी चाल से चलता है। सूर्य पुत्र शनि को ज्योतिष के सबसे क्रूर ग्रहों में से एक माना जाता है। शनि व्यक्ति को अनुशासन, आत्म मंथन आदि सिखाते हैं। शनि इस समय मीन राशि में वक्री अवस्था में विराजमान है और 17 अप्रैल को रेवती नक्षत्र में प्रवेश कर गए थे। शनि राशि के साथ एक निश्चित अवधि के बाद नक्षत्र परिवर्तन करते हैं। आज यह ग्रह रेवती नक्षत्र के पहले पद में प्रवेश करने वाले हैं। शनि के नक्षत्र पद परिवर्तन का असर सभी 12 राशियों के साथ-साथ देश-दुनिया की घटनाओं पर भी होगा। शनि के रेवती नक्षत्र के पहले पद में जाने से वृषभ, मिथुन और मकर राशि के जातकों को लाभ मिल सकता है।
बुध के नक्षत्र में आज शाम शनि का प्रवेश
रेवती नक्षत्र के स्वामी बुध ग्रह हैं। वैदिक ज्योतिष में बुध और शनि को परस्पर मित्र ग्रह माना गया है। जहां बुध बुद्धि, वाणी, व्यापार और चंचलता का कारक है, वहीं शनि अनुशासन, गंभीरता, न्याय और धैर्य का प्रतीक है। आज बुध के नक्षत्र में शनि शाम 7.35 बजे प्रवेश करेंगे और 9 अक्टूबर तक यहीं रहेंगे। इस नक्षत्र पद से 9 अक्टूबर को निकलकर चौथे पद में प्रवेश कर जाएंगे। इस समय मीन राशि में वक्री शनि रेवती नक्षत्र के दूसरे पद से निकलकर इसके पहले पद में प्रवेश करेंगे। यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि शनि नक्षत्र नहीं बदल रहे, बल्कि वक्री चाल चलते हुए रेवती नक्षत्र के पिछले चरण में लौट रहे हैं। ऐसे में शनि के नक्षत्र परिवर्तन का वृषभ, मिथुन और मकर राशियों पर सकारात्मक असर होगा।
वृषभ राशि : रेवती नक्षत्र में शनि का गोचर आपके ग्यारहवें भाव यानी लाभ भाव में हो रहा है। ऐसे में आपके आय के नए स्त्रोत खुल सकते हैं। लंबे समय से रुका काम या फिर पैसा मिल सकता है। आर्थिक स्थिति धीरे-धीरे अच्छी हो सकती है। नौकरीपेशा जातकों को इस अवधि में अच्छा लाभ मिल सकता है।
मिथुन राशि : मिथुन राशि के जातकों के लिए भी शनि का रेवती नक्षत्र के पहले पद में जाना अनुकूल हो सकता है। इस राशि के दशम भाव में शनि संचरण कर रहे हैं। ऐसे में इस राशि के जातकों को कई क्षेत्रों में सफलता हासिल हो सकती है। नौकरीपेशा जातकों के लिए ये समय अनुकूल हो सकता है।