Tata Motors July 2026 Sales: टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स लिमिटेड ने जुलाई 2026 में शानदार प्रदर्शन किया है। कंपनी की घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कुल बिक्री सालाना आधार पर 59% बढ़कर 63,760 यूनिट हो गई है। बता दें कि ये नतीजे टाटा की पैसेंजर गाड़ियों की लगातार बनी हुई मांग को दिखाते हैं, जिसमें इलेक्ट्रिक गाड़ियां एक बार फिर ग्रोथ को बढ़ाने में अहम भूमिका निभा रही हैं।
भारत की बात करें तो, जुलाई 2026 में घरेलू पैसेंजर गाड़ियों की बिक्री 62,611 यूनिट रही, जो पिछले साल इसी महीने की 39,521 यूनिट से 58% ज्यादा है। यह आंकड़ा जून 2026 की 62,076 घरेलू यूनिट से भी थोड़ा ज्यादा है, जिससे पता चलता है कि टाटा मोटर्स पूरे महीने अपनी रफ्तार बनाए रखने में कामयाब रही।
वहीं, टाटा मोटर्स के अंतरराष्ट्रीय कारोबार (एक्सपोर्ट) में भी अच्छी बढ़त देखने को मिली। जुलाई 2026 में कंपनी ने 1,149 यूनिट्स बेचीं, जबकि एक साल पहले इसी महीने यह आंकड़ा 654 यूनिट्स था। जून 2026 की 1,007 यूनिट्स बिक्री के मुकाबले भी यह बेहतर प्रदर्शन रहा, जिससे पता चलता है कि विदेशी बाजारों में भी टाटा मोटर्स की पकड़ धीरे-धीरे मजबूत हो रही है।
एक महीने में बिकीं 15,217 इलेक्ट्रिक कारें
जुलाई महीने की सबसे खास बातों में से एक टाटा मोटर्स की इलेक्ट्रिक गाड़ियों (EV) की परफॉर्मेंस रही। घरेलू और इंटरनेशनल मार्केट में EV की बिक्री 15,217 यूनिट तक पहुंच गई, जो जुलाई 2025 में हुई 7,124 यूनिट की बिक्री के मुकाबले 114% ज्यादा है। यह जून में भेजी गई 14,800 EV से भी ज्यादा थी, जो कंपनी के EV बिजनेस के लिए एक और महीने की बढ़त को दिखाता है।
बता दें कि टाटा मोटर्स के लिए यह एक अहम संकेत है, क्योंकि इससे पता चलता है कि इलेक्ट्रिक गाड़ियों की मांग न सिर्फ बनी हुई है, बल्कि ऐसी रफ्तार से बढ़ रही है जो कंपनी की पैसेंजर गाड़ियों से जुड़ी बड़ी स्ट्रैटेजी को सपोर्ट करती है।
रिपोर्ट के मुताबिक, जुलाई के ये आंकड़े जून की मजबूत परफॉर्मेंस के बाद आए हैं, जब टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स ने 63,083 यूनिट बेची थीं, जो पिछले साल के मुकाबले 69% ज्यादा थीं। उस महीने, कंपनी ने बताया था कि लोकल सप्लाई की दिक्कतों की वजह से Sierra SUV के प्रोडक्शन और डिलीवरी पर असर पड़ रहा था, जबकि इसकी बुकिंग की मांग मजबूत बनी हुई थी।
कंपनी ने कहा था कि दूसरी तिमाही से पार्ट्स की उपलब्धता सुधारने और डिलीवरी की रफ्तार बढ़ाने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं, ताकि आने वाले समय में ग्राहकों तक गाड़ियों की पहुंच और बेहतर हो सके।