NEET Paper Leak 2026: हूबहू सवालों वाला ‘गेस पेपर’ 5 राज्यों में लाखों में बिका, एनटीए का दावा पेपर नहीं हुआ था लीक

NEET Paper Leak 2026: नीट यूजी की परीक्षा देने वाले देशभर के लाखों छात्रों को एनटीए के अधिकारिकयों की इस बात से गहरा धक्का लगा है। अधिकारियों ने संसदीय समिति की बैठक में दावा किया कि पेपर लीक नहीं हुआ था। पेपर को ट्रांसलेट करने वाले शिक्षकों ने सवाल रट कर बनाया था गेस पेपर

अपडेटेड May 22, 2026 पर 12:15 PM
  • Follow Us On Google
  • Add as a Preferred Source on Google
नीट यूजी 2026 में पूरे देश से लगभग 23 लाख छात्रों ने 03 मई 2026 को हिस्सा लिया था।

NEET UG 2026 Paper Leak 2026: नीट यूजी 2026 पेपर लीक मामले की जांच के लिए बनी संसदीय समिति के सामने पेश हुए नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के अधिकारियों ने दावा किया 3 मई 2026 को पेपर लीक नहीं हुआ था। नेशनल एलिजिबिलिटी कम ऐंट्रेंस टेस्ट (NEET) स्नातक (UG) की परीक्षा देने वाले लाखों छात्रों को इस दावे से गहरा धक्का लगा है। शिक्षा मंत्रालय से जुड़ी संसदीय स्थायी समिति नीट यूजी 2026 पेपर लीक मामले की जांच कर रही है। एनटीए निदेशक सहित तमाम बड़े अधिकारी गुरुवार, 21 मई, 2026 को इस समिति के सामने पेश हुए थे।

एनटीए अधिकारियों ने संसदीय पैनल को बताया कि प्रश्न पत्र के मराठी अनुवाद के लिए स्थानीय शिक्षकों को जिम्मेदारी दी गई थी। उन्होंने प्रश्न रट लिए और बाद में उन्हें कागज पर उतारकर ‘गेस पेपर’ के रूप में छात्रों में बांट दिया। हालांकि, समिति ने उनकी इस दलील को खारिज करते हुए एनटीए महानिदेशक को घेरा कि जब हूबहू सवाल बाहर आ गए तो इसे पेपर लीक क्यों नहीं माना जाना चाहिए। मगर एनटीए अधिकारियों ने स्थायी समिति को बताया कि विवादित नीट यूजी 2026 परीक्षा में पूरा पेपर लीक नहीं हुआ था। उन्होंने जोर देकर कहा कि "सिर्फ कुछ खास सवाल ही आए थे"। सूत्रों ने बताया कि एग्जाम कराने वाली सेंट्रल एजेंसी ने दावा किया कि गड़बड़ी की वजह से एग्जाम कैंसिल किया गया।

बता दें, नीट यूजी 2026 में पूरे देश से लगभग 23 लाख छात्रों ने 03 मई 2026 को हिस्सा लिया था। एक बड़े पेपर लीक और एक "गेस पेपर" के सर्कुलेशन के आरोपों के बीच कैंसिल कर दिया गया था। शुरुआती जांच के बाद मामला सीबीआई को सौंप दिया गया है। सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक इस परीक्षा का पेपर देश के कई राज्यों में 25 से 30 लाख रुपये तक की भारी कीमत के खरीदा और बेचा गया था। अब तक इस मामले में कई गिरफ्तारियां हो चुकी हैं और मामले की जांच अब भी जारी है। इस बीच, केंद्रीय परीक्षा एजेंसी ने 21 जून को दोबारा नीट यूजी कराने का ऐलान किया है।

मामले पर गठित स्थायी संसदीय समिति के सामने एनटीए चीफ अभिषेक सिंह सहित अन्य अधिकारियों ने कहा कि गड़बड़ी और अनियमितताओं के मामले सामने आए हैं। लेकिन ये परीक्षा के पेपर में पूरी तरह से गड़बड़ी नहीं हैं। एजेंसी ने इस बात पर जोर दिया कि सवालों में थोड़ी भी गड़बड़ी सिस्टम पर से भरोसा कम कर सकती है, इसलिए "जीरो-टॉलरेंस" पॉलिसी के तहत परीक्षा रद्द करने का फैसला किया गया। एनटीए प्रमुख और शिक्षा सचिव विनीत जोशी ने दावा किया कि अधिकारी सही दिशा में काम कर रहे हैं। उन्होंने कमेटी को बताया कि परीक्षा रद्द करने का फैसला इसलिए लिया गया क्योंकि एजेंसी अनियमितताओं के प्रति "जीरो-टॉलरेंस" का तरीका अपनाती है, और तर्क दिया कि सवालों में थोड़ी भी गड़बड़ी परीक्षा प्रक्रिया में भरोसा कम कर सकती है।

NEET UG 2026 Refund: आज ही होगा नीट यूजी 2026 फीस रीफंड पोर्टल का लिंक एक्टिव, जानें कितनी फीस होगी वापस

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।