Bihar Budget 2025-26: बिहार विधानसभा में बुधवार (3 दिसंबर) को वित्त विभाग की ओर से 91,717.11 करोड़ रुपये का सेकंड सप्लीमेंट्री बजट पेश किया गया। इसमें नीतीश सरकार ने सामाजिक सुरक्षा, इंफ्रास्ट्रक्चर, युवाओं को नौकरी, किसान और महिलाओं पर विशेष जोर दिया है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में बिहार सरकार 91,717.1135 करोड़ रुपये खर्च करेगी।
वित्त मंत्री विजेंद्र यादव ने कहा कि इस सप्लीमेंट्री बजट में शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला रोजगार, पेयजल, सड़क, ऊर्जा, पेंशन, सिंचाई, स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड, मेट्रो रेल और अन्य सामाजिक कल्याण योजनाओं पर विशेष ध्यान दिया गया है। उन्होंने कहा कि यह प्रावधान राज्य को विकास की गति देने के उद्देश्य से किया गया है।
बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने कहा कि नीतीश कुमार सरकार अगले पांच वर्ष में एक करोड़ नौकरियां सृजित करने के लिए प्रतिबद्ध है। वह राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की नई सरकार बनने के बाद राज्य विधानमंडल के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को संबोधित कर रहे थे। राज्यपाल ने कहा, "अब तक राज्य में 50 लाख रोजगार सृजित किए जा चुके हैं। सरकार ने आने वाले पांच वर्ष में एक करोड़ रोजगार सृजित करने का लक्ष्य निर्धारित किया है।"
उन्होंने मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना का भी उल्लेख किया। इसे विधानसभा चुनाव की घोषणा से एक माह पहले शुरू किया गया था। कहा जा रहा है इस योजना का राजग को फायदा मिला। राज्यपाल ने कहा, "मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत 1.56 करोड़ महिलाओं के खातों में 10-10 हजार रुपये की राशि भेजी जा चुकी है। जल्द ही यह लाभ उन तक भी पहुंचाया जाएगा जिन्हें अभी तक राशि नहीं मिली है।"
अपने अभिभाषण के अंत में खान ने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को राज्य के विकास में उदार सहयोग देने के लिए धन्यवाद दिया। राज्यपाल ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने बिहार का कई बार दौरा किया और अनेक परियोजनाओं की आधारशिला रखी, जिन पर तेजी से काम जारी है। हम प्रधानमंत्री का धन्यवाद करते हैं कि उन्होंने राज्य पर विशेष ध्यान दिया।
अपने भाषण में खान ने हाल में घोषित 125 यूनिट तक मुफ्त बिजली जैसी जनोन्मुखी योजनाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पूजा स्थलों और कब्रिस्तानों के चारों ओर समुचित घेराबंदी करके सरकार ने साम्प्रदायिक तनाव रोकने के प्रयास किए हैं।
उन्होंने महिलाओं, विशेषकर बालिकाओं के उत्थान के प्रति NDA सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित करते हुए कहा कि 2005 में नीतीश कुमार के सत्ता में आने के तुरंत बाद शुरू की गई फ्री ड्रेस और साइकिल योजना जैसी पहल अब भी सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल हैं।
राज्यपाल ने अपने अभिभाषण में शिक्षा और बुनियादी ढांचे में हुए बदलावों को रेखांकित करते हुए कहा कि बिहार में मेडिकल और इंजीनियरिंग शिक्षा का तेजी से विस्तार हुआ है। उन्होंने बताया कि राज्य में 27 नए मेडिकल कॉलेजों के निर्माण का कार्य प्रगति पर है। अब प्रत्येक जिले में इंजीनियरिंग की पढ़ाई उपलब्ध है।
उन्होंने दावा किया कि आज कई राज्यों से छात्र बिहार में पढ़ाई करने आ रहे हैं। बिहार शिक्षा केंद्र के रूप में उभर रहा है। सड़क और ट्रैफिक ढांचे में हुई प्रगति का उल्लेख करते हुए राज्यपाल ने कहा कि राज्य में बाईपास, रेल पुल और नई सड़कों का निर्माण तेज गति से हुआ है। अब राज्य के किसी भी सुदूर इलाके से पटना पहुंचने में केवल पांच घंटे लगते हैं, जो कनेक्टिविटी में बड़े बदलाव का प्रतीक है।
उन्होंने कहा कि नई सरकार के गठन के बाद राजनीतिक स्थिरता और विकास की दिशा में नया अध्याय शुरू हुआ है। आने वाले समय में शिक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक सशक्तीकरण पर विशेष जोर दिया जाएगा। सप्लीमेंट्री बजट में मुख्यमंत्री वृद्धजन पेंशन योजना के लिए सर्वाधिक 1,885 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
वहीं, ग्रामीण एवं शहरी संपर्कता को मजबूत करने के लिए 861 करोड़ रुपये पथ निर्माण विभाग को दिए गए हैं। राशि से कई प्रमुख सड़कों का निर्माण और मरम्मत कार्य गति पकड़ेंगे। इसमें युवाओं की उच्च शिक्षा और रोजगार तैयारी को समर्थन देने के उद्देश्य से स्टूडेंट्स क्रेडिट कार्ड योजना के लिए 800 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।