Amitabh Bachchan: अमिताभ बच्चन ने शेयर किया मजेदार किस्सा, बोले- इटली में आधी रात को 2000 लोगों ने देखी थी 'शोले'

Amitabh Bachchan: 'शोले' 15 अगस्त 1975 को रिलीज हुई थी। रमेश सिप्पी के निर्देशन में बनी ये भारतीय सिनेमा के इतिहास की सबसे प्रभावशाली और मशहूर फिल्मों में से एक है।

अपडेटेड Aug 15, 2026 पर 10:49 AM
83 वर्षीय सिने आइकन ने कहा, "हाल ही में, उन्हें जब शोले फिर से, उसका निर्धारण हुआ, अच्छे प्रिंट में पता चलेगा, तो वो फिल्म हेरिटेज में शिवेंद्र सिंह जी हैं जो इसका काम कर रहे हैं।

Amitabh Bachchan: मेगास्टार अमिताभ बच्चन ने अपनी मशहूर फिल्म 'शोले' की ज़बरदस्त ग्लोबल लोकप्रियता को याद करते हुए इटली में हुई एक हैरान करने वाली घटना का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि बोलोग्ना में एक ओपन-एयर स्क्वेयर पर करीब 2,000 इटैलियन लोग जमा हुए और उन्होंने रात 11 बजे से सुबह 3 बजे तक हिंदी क्लासिक फिल्म 'शोले' का रिस्टोर किया हुआ वर्शन देखा।

'कौन बनेगा करोड़पति' सीजन 18 के हालिया एपिसोड में हॉट सीट पर बैठे डॉ. गणेश बारैया के साथ बातचीत के दौरान, होस्ट ने अपनी 1975 की मशहूर फ़िल्म के रिस्टोरेशन और इटली में उसे मिले जबरदस्त रिस्पॉन्स के बारे में बात की।

हालिया रिलीज एनिवर्सरी के बारे में बोलते हुए, बिग बी ने याद किया कि कैसे इटली के बोलोग्ना में ऐतिहासिक केंद्रीय चौराहे पर शोले का एक नया पुनर्स्थापित प्रिंट प्रदर्शित किया गया था। फिल्म का विश्व प्रीमियर 27 जून, 2025 को बोलोग्ना में अपनी 50वीं वर्षगांठ के जश्न के हिस्से के रूप में किया गया था।


83 वर्षीय सिने आइकन ने कहा, "हाल ही में, उन्हें जब शोले फिर से, उसका निर्धारण हुआ, अच्छे प्रिंट में पता चलेगा, तो वो फिल्म हेरिटेज में शिवेंद्र सिंह जी हैं जो इसका काम कर रहे हैं। ये ले गए इसको इटली में, भाईसाहब बोलोग्ना एक जगह है, शहर का नाम हैं, वाह एक बहुत बड़ा आंगन है। जैसे बड़े-बड़े शहरो में बीच में एक आंगन होता है ना, वाहा पर 2000 इटालियन, रात के 11 बजे से सुबह 3 बजे तक शोले देखा।"

इस कल्ट क्लासिक फ़िल्म की बात करें तो यह 15 अगस्त 1975 को रिलीज़ हुई थी। रमेश सिप्पी के निर्देशन में बनी यह फ़िल्म भारतीय सिनेमा के इतिहास की सबसे असरदार और मशहूर फ़िल्मों में से एक बन गई। इसे जी.पी. सिप्पी ने प्रोड्यूस किया था और इसकी कहानी मशहूर लेखक जोड़ी सलीम खान और जावेद अख्तर (जिन्हें सलीम-जावेद के नाम से जाना जाता है) ने लिखी थी।

फ़िल्म की कहानी रिटायर्ड पुलिस अफ़सर ठाकुर बलदेव सिंह (संजीव कुमार) के इर्द-गिर्द घूमती है, जो बेरहम डाकू गब्बर सिंह (अमजद खान) को पकड़ने के लिए दो छोटे-मोटे अपराधियों, जय और वीरू (अमिताभ बच्चन और धर्मेंद्र) को काम पर रखते हैं। हेमा मालिनी ने बेबाक मिज़ाज वाली बसंती का किरदार निभाया, जबकि जया भादुड़ी ने शांत और गरिमापूर्ण विधवा राधा की भूमिका निभाई।

फ़िल्म में कई यादगार सहायक कलाकार भी थे, जिनमें ए.के. हंगल, सत्येन कप्पू, मैक मोहन, सचिन, जगदीप, असरानी, ​​विजू खोटे, केष्टो मुखर्जी, हेलेन और सचिन पिलगांवकर शामिल थे।

फ़िल्म का संगीत आर.डी. बर्मन ने तैयार किया था और गाने के बोल आनंद बख्शी ने लिखे थे। इसके साउंडट्रैक में हिंदी सिनेमा के कुछ सबसे सदाबहार गाने शामिल थे, जैसे 'ये दोस्ती हम नहीं तोड़ेंगे', 'होली के दिन', 'कोई हसीना जब रूठ जाती है', 'महबूबा महबूबा' और 'जब तक है जान'।

कर्नाटक के रामनगर के पथरीले इलाकों में बड़े पैमाने पर शूट की गई यह फ़िल्म एक महत्वाकांक्षी प्रोडक्शन थी, जिसमें एक्शन, ड्रामा, रोमांस, कॉमेडी और ट्रेजेडी का मिश्रण था। जो लोग नहीं जानते, उन्हें बता दें कि रिलीज़ के समय इस फ़िल्म को देखने के लिए थिएटर में कोई दर्शक नहीं आया और इसे लगभग फ्लॉप घोषित कर दिया गया था। लेकिन जल्द ही लोगों की बातचीत और चर्चाओं के ज़रिए यह सुपर-हिट बन गई और थिएटर में सबसे लंबे समय तक चलने वाली कुछ फ़िल्मों में से एक बन गई, साथ ही इसे 'कल्ट स्टेटस' भी मिला। बाद में इस फ़िल्म के डायलॉग, किरदार और संगीत पॉपुलर कल्चर का अहम हिस्सा बन गए।

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