आईवीएफ-फ्रॉड केस में फिल्ममेकर विक्रम भट्ट विक्रम भट्ट को गिरफ्तार कर लिया गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, राजस्थान पुलिस और मुंबई पुलिस ने मिलकर यह गिरफ्तारी की। हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक,विक्रम भट्ट को 7 दिसंबर 2025 को 30 करोड़ रुपये की ठगी के एक केस में गिरफ्तार किया गया। उदयपुर के भूपालपुरा थाने में दर्ज FIR के अनुसार, डॉ. अजय मुर्डिया ने आरोप लगाया है कि विक्रम भट्ट ने अपनी पत्नी श्वेतांबरी भट्ट, बेटी कृष्णा भट्ट और कुछ अन्य लोगों के साथ मिलकर उन्हें कई फिल्म परियोजनाओं में 30 करोड़ रुपये से अधिक निवेश करने के लिए राज़ी किया। इनमें एक बायोपिक भी शामिल थी, जो डॉ. मुर्डिया की दिवंगत पत्नी की ज़िंदगी पर आधारित बताई गई थी। आरोप है कि उन्हें 200 करोड़ रुपये तक का रिटर्न देने का वादा किया गया था।
जारी हुआ था लुकआउट नोटिस
डॉ. मुर्डिया का कहना है कि उन्होंने जो पैसा किस्तों में दिया था, उसके बाद कई फिल्म प्रोजेक्ट्स बीच में ही रोक दिए गए। कुछ फिल्मों को तो बिना उन्हें वादा किया गया क्रेडिट या कोई रिटर्न दिए ही रिलीज़ कर दिया गया। FIR में कुल आठ लोगों के नाम शामिल हैं—विक्रम भट्ट, उनकी पत्नी श्वेतांबरी भट्ट, बेटी कृष्णा भट्ट, को-प्रोड्यूसर महबूब अंसारी, दिनेश कटारिया और साथ ही मुदित बटन, गंगेश्वरलाल श्रीवास्तव और अशोक दुबे। इनमें से कुछ लोगों को पहले ही पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है। विक्रम भट्ट ने इन सभी आरोपों को झूठा बताया है। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि FIR “गुमराह करने वाली” है और जो दस्तावेज़ जमा किए गए हैं, वे भी नकली हो सकते हैं। उनका कहना है कि उन्हें हाल तक इस शिकायत की जानकारी भी नहीं थी। भट्ट का दावा है कि जब डॉ. मुर्डिया ने फंड देना बंद किया, तभी प्रोजेक्ट्स रुक गए। उन्होंने कहा कि उनके पास अपनी बेगुनाही साबित करने के लिए कॉन्ट्रैक्ट और बातचीत से जुड़े सारे सबूत मौजूद हैं।
उन्होंने यह भी दावा किया कि जिन फिल्मों का काम रुका हुआ है, उनमें काम करने वाले क्रू और टेक्नीशियन को अब तक भुगतान नहीं किया गया है। इसमें विराट नाम का एक प्रोजेक्ट भी शामिल है। भट्ट का आरोप है कि यह शिकायत असल में उन पेमेंट्स की जिम्मेदारी से बचने की कोशिश है। मुंबई पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि राजस्थान पुलिस सोमवार को बांद्रा कोर्ट में ट्रांजिट रिमांड के लिए आवेदन करेगी। अधिकारी ने यह भी कहा कि विक्रम भट्ट, उनकी पत्नी श्वेतांबरी भट्ट और छह अन्य लोगों पर उदयपुर के इंदिरा ग्रुप ऑफ कंपनीज़ के फाउंडर डॉ. अजय मुर्डिया से 30 करोड़ रुपये की ठगी करने का आरोप है। इस मामले में दो आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है।
हिंदी में शेयर बाजार, स्टॉक मार्केट न्यूज़, बिजनेस न्यूज़, पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App डाउनलोड करें।