फिल्म: हैवान
फिल्म: हैवान
डायरेक्टर: प्रियदर्शन
कास्ट: सैफ अली खान, अक्षय कुमार, बोमन ईरानी, श्रिया पिलगांवकर, सैयामी खेर, मोहनलाल, असरानी, शारिब हाशमी
रेटिंग: 4/5
Haiwaan Movie Review: साइकोलॉजिकल थ्रिलर की कहानी कहने का एक नया दौर शुरू हो रहा है, जहां डर सिर्फ खून-खराबे या बड़े ट्विस्ट से नहीं, बल्कि दिमाग और इंस्टिंक्ट के खेल से पैदा होगा। प्रियदर्शन की ‘हैवान’ इसी बदलते अंदाज की तरफ एक दिलचस्प कदम है। मलयालम फिल्म ‘ओप्पम’ से कहानी का बेस लेने के बावजूद फिल्म सिर्फ रीमेक बनकर नहीं रह जाती, बल्कि अपने ट्रीटमेंट और किरदारों के जरिए इसे नया एहसास देती है। अक्षय कुमार का खतरनाक परशुराम और सैफ अली खान का नेत्रहीन श्याम जब आमने-सामने आते हैं, तो मुकाबला ताकत का नहीं, बल्कि सोच, सुनने और सर्वाइवल का बन जाता है। यही बात ‘हैवान’ को आज की बाकी थ्रिलर्स से अलग करती है और फिल्म शुरू होते ही कई सवाल छोड़ देती है।
पुरानी कहानी, नया अंदाज
‘ओप्पम’ से निकली ‘हैवान’ की कहानी भले ही नई नहीं है, लेकिन इसका हिंदी ट्रीटमेंट इसे फ्रेश बनाता है। आजकल की कई थ्रिलर्स जहां हर कुछ मिनट में ट्विस्ट परोसने की कोशिश करती हैं, ‘हैवान’ थोड़ा ठहरकर कहानी को खोलती है। फिल्म आपको सबकुछ बताने के बजाय इतना दिखाती है कि आप खुद आगे का अंदाजा लगाने लगें।
अक्षय का सबसे अलग विलन रोल
अक्षय कुमार का किरदार परशुराम उनकी आम हीरो वाली इमेज से बिल्कुल उलट है। वह चीखता नहीं, ज्यादा एक्सप्रेशन नहीं देता, लेकिन स्क्रीन पर आते ही माहौल बदल जाता है। उनकी खामोशी और कंट्रोल्ड बॉडी लैंग्वेज इस विलन को अलग बनाती है। हाल की फिल्मों में अक्षय को एक्शन हीरो के तौर पर देखने के बाद उन्हें इस तरह के डार्क रोल में देखना निश्चित तौर पर दिलचस्प है।
सैफ का सर्वाइवल गेम
सैफ अली खान का श्याम कहानी को दूसरी ताकत देता है। वह देख नहीं सकता, लेकिन उसकी सुनने की क्षमता और इंस्टिंक्ट उसे हर पल अलर्ट रखते हैं। फिल्म की दिलचस्पी यहीं बढ़ती है कि दर्शक भी कई बार श्याम की तरह सिर्फ आवाज और आहट के भरोसे सीन को समझने की कोशिश करता है। अक्षय का परशुराम जहां खतरा है, वहीं श्याम उस खतरे को महसूस करने वाला किरदार है।
थ्रिलर में क्या है अलग?
‘हैवान’ को ‘अंधाधुन’, ‘फ्रेडी’ या हाल की साइकोलॉजिकल थ्रिलर्स की लाइन में रख सकते हैं, लेकिन इसका गेम थोड़ा अलग है। यहां सिर्फ यह सवाल नहीं है कि अगला ट्विस्ट क्या होगा, बल्कि यह भी है कि कौन किसे देख रहा है और कौन किसकी चाल समझ पा रहा है। प्रियदर्शन इसी बिल्ड-अप का इस्तेमाल करते हैं और बड़े खुलासों को जल्दी सामने नहीं आने देते।
सपोर्टिंग कास्ट और म्यूजिक
पहल चौधरी का ट्रैक कहानी में इमोशन जोड़ता है, लेकिन उनके किरदार के बारे में ज्यादा बताना फिल्म का मजा कम कर सकता है। सैयामी खेर, श्रिया पिलगांवकर, बोमन ईरानी और शारिब हाशमी कहानी को सपोर्ट करते हैं। असरानी की मौजूदगी भावुक पल देती है। प्रीतम का बैकग्राउंड स्कोर खासकर तनाव वाले सीन्स में असर बढ़ाता है, जबकि ‘मेरे हीरो हैं’ और ‘रंगियारा’ कहानी के मूड को अलग-अलग रंग देते हैं।
देखें या नहीं
कुल मिलाकर, ‘हैवान’ हर मोड़ पर अपना राज खोलने के बजाय आपको अंदाजा लगाने का मौका देती है। अक्षय का डार्क अवतार, सैफ का अलग किरदार और प्रियदर्शन का ट्रीटमेंट इसे एक फ्रेश थ्रिलर बनाते हैं। कहानी ‘ओप्पम’ से जुड़ी है, लेकिन एहसास नया है। आखिर में सवाल बस एक की इस खेल में असली हैवान कौन है? जिसे जानने के लिए आपको यह दिलचस्प फिल्म देखनी होगी।
हिंदी में शेयर बाजार, स्टॉक मार्केट न्यूज़, बिजनेस न्यूज़, पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App डाउनलोड करें।