Independence Day 2026: 15 अगस्त को पूरा देश 80वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है। ऐसे में आइए हम उन पॉपुलर फिल्मों के बारे में जानते हैं, जिनमें बॉलीवुड एक्टर्स ने पर्दे पर देश के महान स्वतंत्रता सेनानियों का किरदार निभाकर उनकी वीरता और संघर्ष की कहानी घर-घर पहुंचाई।
मणिकर्णिका द क्वीन ऑफ़ झांसी
कंगना रनौत ने 'मणिकर्णिका द क्वीन ऑफ़ झांसी' (2019) में रानी लक्ष्मीबाई का किरदार निभाया। इस फ़िल्म का निर्देशन और निर्माण ख़ुद अभिनेत्री ने ही किया था और उनके शानदार अभिनय के लिए उन्हें प्रतिष्ठित राष्ट्रीय पुरस्कार मिला।
विक्की कौशल ने शूजित सरकार की 2021 की फ़िल्म 'सरदार उधम' में मुख्य भूमिका निभाई थी। इस फ़िल्म में देश के असली हीरो का जलियांवाला बाग़ हत्याकांड से जुड़ाव और ओ'डायर की तलाश की कहानी दिखाई गई है। सरदार उधम सिंह एक भारतीय क्रांतिकारी थे, जिन्हें मुख्य रूप से 1940 में लंदन में पंजाब के पूर्व लेफ्टिनेंट गवर्नर माइकल ओ'डायर की हत्या करने के लिए जाना जाता है।
आज़ादी की लड़ाई लड़ने वाले भगत सिंह के किरदार में अजय देवगन की एक्टिंग अब तक की उनकी सबसे बेहतरीन परफॉर्मेंस में से एक है। भगत सिंह भारत के सबसे निडर आज़ादी के सेनानियों में से एक थे, जिन्होंने अंग्रेज़ों के अन्याय के ख़िलाफ़ लड़ाई लड़ी और आख़िरकार उस देश के लिए अपनी जान दे दी जिससे वे बहुत प्यार करते थे। भगत सिंह का किरदार निभाने के लिए अजय देवगन को 'बेस्ट एक्टर' का प्रतिष्ठित नेशनल फ़िल्म अवॉर्ड मिला।
1857 के विद्रोह पर आधारित इस बायोग्राफ़िकल ड्रामा में मंगल पांडे की ज़िंदगी को दिखाया गया है। मंगल पांडे ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी की सेना में एक भारतीय सैनिक थे, जो ब्रिटिश शासन के ख़िलाफ़ 1857 के विद्रोह से जुड़े शुरुआती लोगों में से एक बने।
आशुतोष गोवारिकर की 2010 की ऐतिहासिक ड्रामा फ़िल्म में अभिषेक बच्चन ने सूर्य सेन (जिन्हें 'मास्टरदा' के नाम से भी जाना जाता है) की भूमिका निभाई थी। एक शिक्षक से क्रांतिकारी बने सेन ने 1930 के चटगांव शस्त्रागार छापे की योजना बनाने में अहम भूमिका निभाई और युवा क्रांतिकारियों के एक समूह को ब्रिटिश शासन को चुनौती देने के लिए प्रेरित किया। बच्चन के अभिनय की समीक्षकों ने भी तारीफ़ की।
Amazon Prime Video पर रिलीज़ हुई 2024 की ऐतिहासिक ड्रामा फ़िल्म 'ऐ वतन मेरे वतन', युवा स्वतंत्रता सेनानी उषा मेहता के जीवन से प्रेरित है। उषा मेहता ने 1942 में 'भारत छोड़ो आंदोलन' के दौरान गुप्त रूप से 'कांग्रेस रेडियो' चलाया था। सारा अली खान ने उषा मेहता का किरदार निभाया है और ब्रिटिश शासन के ख़िलाफ़ उनके संघर्ष की साहसी कहानी को पर्दे पर उतारा है।