Indian film industry: कर्नाटक सरकार करने जा रही सिनेमा कर्मियों का कल्याण, फिल्म टिकटों और टीवी चैनलों को लेकर बनाई ये योजना

Indian film industry: श्रम मंत्री संतोष लाड ने पिछले साल विधानसभा को जानकारी दी थी कि भारत में हर साल 2.2 अरब टिकट खरीदे जाते है, और अकेले कर्नाटक में दर्शक हर साल फिल्म देखने पर लगभग 4 करोड़ रुपये खर्च करते हैं।

अपडेटेड Sep 27, 2025 पर 11:15 AM
कर्नाटक सरकार करने जा रही सिनेमा कर्मियों का कल्याण

Indian film industry: श्रम विभाग के अनुसार, कर्नाटक सरकार ने सिनेमा टिकटों और टेलीविजन चैनलों पर 2 प्रतिशत टैक्स लगाने के लिए मसौदा नियम जारी किए हैं, जिससे प्राप्त राशि को सिनेमा श्रमिकों के कल्याण के लिए उपयोग में लाया जाएगा। सरकार के इस फैसले से सिनेकर्मी काफी खुश हैं।

राज्य सरकार ने 24 सितंबर को जारी एक अधिसूचना में कहा कि मल्टीप्लेक्स थिएटरों सहित सभी सिनेमाघरों के सिनेमा टिकटों पर दो प्रतिशत टैक्स और कर्नाटक राज्य में संचालित टेलीविजन मनोरंजन चैनलों के कुल लेनदेन पर दो प्रतिशत उपकर (cess) लगाया जाएगा।

ये मसौदा नियम पिछले साल लागू किए गए कर्नाटक सिने और सांस्कृतिक कार्यकर्ता (कल्याण) अधिनियम के अंतर्गत आते हैं। इस अधिनियम में एक समर्पित सामाजिक सुरक्षा और कल्याण कोष के निर्माण का प्रावधान है, जिसका वित्तपोषण फिल्म टिकटों और सदस्यता शुल्क पर 1-2 प्रतिशत उपकर के माध्यम से किया जाएगा।


मसौदा नियमों के अनुसार, 18 से 60 वर्ष की आयु के सिने और सांस्कृतिक कार्यकर्ताओं को सरकार के साथ पंजीकरण कराना अनिवार्य है। इस नियम के अंतर्गत न केवल अभिनेता, संगीतकार और नर्तक शामिल हैं, बल्कि कुशल, अकुशल, शारीरिक या पर्यवेक्षक भूमिकाओं में लगे व्यक्ति भी शामिल हैं।

पंजीकृत सिने कार्यकर्ता कई प्रकार के लाभों के हकदार होंगे, जिनमें दुर्घटना बीमा, प्राकृतिक मृत्यु (अंतिम संस्कार व्यय सहित) की स्थिति में सहायता, बच्चों के लिए शैक्षिक सहायता, मातृत्व सहायता और पेंशन शामिल हैं।

अधिनियम में श्रम मंत्री की अध्यक्षता में कर्नाटक सिने एवं सांस्कृतिक कार्यकर्ता कल्याण बोर्ड के गठन का भी प्रावधान है, जिसकी बैठक मसौदा नियमों के अनुसार प्रत्येक तीन माह में कम से कम एक बार अवश्य होनी चाहिए।

नया उपकर कर्नाटक सिने एवं सांस्कृतिक कार्यकर्ता सामाजिक सुरक्षा एवं कल्याण कोष में जाएगा। इस कोष में पंजीकृत सिने एवं सांस्कृतिक कार्यकर्ताओं द्वारा दिए गए योगदान, अनुदान सहायता, उपहार,दान, बोर्ड द्वारा किए गए किसी भी निवेश या शेयर पर लाभ,ब्याज,लाभांश आदि से भी धन प्राप्त होगा। सरकार सिने एवं सांस्कृतिक कार्यकर्ताओं के लिए एक शिकायत निवारण तंत्र भी स्थापित करेगी।

सरकार सिने एवं सांस्कृतिक कार्यकर्ताओं के लिए एक शिकायत निवारण तंत्र भी स्थापित करेगी।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।