Katrina Kaif: बॉडी शेमिंग मामले में कैटरीना कैफ के सपोर्ट में आए पाकिस्तानी एक्टर अली जफर, बोले- 'कोई परफेक्ट नहीं होता'

Katrina Kaif: 'मेरे ब्रदर की दुल्हन' में कैटरीना कैफ के साथ नजर आ चुके पाकिस्तानी एक्टर अली जफर ने प्रेग्नेंसी के बाद बॉडी-शेमिंग का शिकार हुईं एक्ट्रेस का सपोर्ट किया है। उन्होंने पुरुषों से अपील करते हुए कहा कि वे सुंदरता के पैमानों पर सवाल उठाएं और लोगों के साथ थोड़ी सहानुभूति दिखाएं।

अपडेटेड Sep 17, 2026 पर 10:36 AM
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अली ने 2010 में 'तेरे बिन लादेन' से बॉलीवुड में डेब्यू किया। बाद में उन्होंने 'मेरे ब्रदर की दुल्हन', 'लंदन, पेरिस, न्यूयॉर्क' और 'चश्मे बद्दूर' जैसी फिल्मों में काम किया। एक सिंगर-सॉन्गराइटर के तौर पर उन्होंने कई हिंदी फिल्मों में गाने भी गाए, जिनमें 'उल्लू दा पट्ठा', 'मधुबाला' और 'नहीं रे नहीं' शामिल हैं।

Katrina Kaif: अली जफर ने अपनी फिल्म 'मेरे ब्रदर की दुल्हन' की को-स्टार कैटरीना कैफ के बॉडी-शेमिंग के खिलाफ आवाज उठाई है। उन्होंने पुरुषों से अपील की है कि वे महिलाओं पर थोपे जाने वाले सुंदरता के पैमानों पर सवाल उठाएं। ऑनलाइन वायरल हुए एक वीडियो में पाकिस्तानी एक्टर-सिंगर ने कैटरीना के प्रेग्नेंसी के बाद के लुक पर सोशल मीडिया पर हो रहे कमेंट पर प्रतिक्रिया दी और लोगों से सहानुभूति रखने को कहा।

कैटरीना कैफ की बॉडी-शेमिंग पर अली जफर

अली ने कहा कि उन्होंने ऐसी पोस्ट देखी हैं, जिनमें कैटरीना के पहले और अब के लुक की तुलना की जा रही थी। उन्होंने कहा कि वह सालों से ऐसी ट्रोलिंग के खिलाफ बोलते रहे हैं, जिसमें उनकी पाकिस्तानी साथी माहिरा खान और अन्य लोगों को निशाना बनाया गया था।


एक्टर ने कहा, "हम सभी को अपने अंदर झांकने की जरूरत है। खासकर एक पुरुष के तौर पर अगर मैं इस बारे में बात कर रहा हूं, तो मुझे लगता है कि हमारे लिए अपने अंदर देखना और जरूरी सुधार करना बहुत जरूरी है। हम सभी ने जिंदगी में गलतियां की हैं। कोई भी परफेक्ट नहीं है। लेकिन उन गलतियों को पहचानना और उन्हें सुधारना जरूरी है। लेकिन अगर हम पुरुषों के बीच बात करें तो पुरुष होने के नाते हमें जो विशेषाधिकार (privilege) मिलता है और जिस तरह से हम एक महिला, उसके शरीर, उसके सोचने और जीने के तरीके को देखते हैं- अगर वह हमारे बनाए पैमानों पर खरी नहीं उतरती तो हम तुरंत उस महिला को नीचा दिखाने लगते हैं।"

'हमें लोगों के काइंड होना चाहिए'

अली ने महिलाओं और पुरुषों दोनों पर थोपे जाने वाले सुंदरता के पैमानों के बारे में भी बात की। उन्होंने कहा, "यह गलत है। चीजों को देखने का यह सही तरीका नहीं है। हर व्यक्ति अपनी-अपनी मुश्किलों से गुजर रहा होता है और हमें नहीं पता होता कि कोई और किन हालात से गुजर रहा है। इसलिए, हमें लोगों के प्रति दयालु, सहानुभूति रखने वाला, समझने वाला, स्वीकार करने वाला और सराहना करने वाला होना चाहिए।

अगर पहले की बात करें तो पुराने जमाने में महिलाओं के शरीर को लेकर सोच अलग थी। फिर एक समय आया जब महिलाओं से 'जीरो फिगर' की उम्मीद की जाने लगी और पुरुषों से भी 'सिक्स-पैक एब्स' की उम्मीदें अवास्तविक हैं। वे सेहत के लिए अच्छे नहीं हैं। दूसरों की हमेशा आलोचना करना सेहत के लिए अच्छा नहीं है।

एक्टर ने आगे कहा कि वे सभी इंसान हैं और हममें एक-दूसरे के प्रति अच्छा व्यवहार करने की क्षमता है।" उन्होंने अपनी बात खत्म करते हुए कहा, "हम सभी का एक अतीत होता है। अगर मैं कभी किसी के लुक्स के आधार पर उसकी आलोचना करूं तो मुझे शर्म आएगी। हम सभी को अपने अंदर झांकना चाहिए और पुरुषों के तौर पर हमें खुद को सुधारना चाहिए कि हमें ऐसा नहीं करना चाहिए। हर महिला की अपनी जिंदगी होती है। उसने क्या-क्या सहा है, उसका अतीत, वर्तमान या भविष्य कैसा रहा है—उसे अपनी जिंदगी जीने दें और आप अपनी जिंदगी जिएं।"

कैटरीना कैफ का हालिया पब्लिक अपीयरेंस

कैटरीना कैफ ने पिछले साल नवंबर में अपने पति विक्की कौशल के साथ बेटे विहान का स्वागत किया था। हाल ही में वह मुकेश और नीता अंबानी के गणपति सेलिब्रेशन में नजर आईं। सोशल मीडिया यूजर्स ने उनकी प्रेग्नेंसी से पहले और बाद की तस्वीरें शेयर कीं और उनके लुक पर कमेंट किए।

अगस्त में फिल्ममेकर कू कू कोहली की प्रेयर मीट में नजर आने के बाद कैटरीना कैफ को बॉडी-शेमिंग का भी सामना करना पड़ा था। एक्ट्रेस शिवालिका ओबेरॉय उनके सपोर्ट में आईं और लिखा, "क्या हो गया है, इसका क्या मतलब है?! यह मदरहुड है!"

अली जफर के बॉलीवुड करियर के बारे में

अली ने 2010 में 'तेरे बिन लादेन' से बॉलीवुड में डेब्यू किया। बाद में उन्होंने 'मेरे ब्रदर की दुल्हन', 'लंदन, पेरिस, न्यूयॉर्क' और 'चश्मे बद्दूर' जैसी फिल्मों में काम किया। एक सिंगर-सॉन्गराइटर के तौर पर उन्होंने कई हिंदी फिल्मों में गाने भी गाए, जिनमें 'उल्लू दा पट्ठा', 'मधुबाला' और 'नहीं रे नहीं' शामिल हैं।

बाद में भारत-पाकिस्तान के बीच खराब हुए राजनीतिक माहौल का असर उनके बॉलीवुड करियर पर पड़ा। 2016 में हुए उरी हमले के बाद, महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना ने भारत में काम करने वाले पाकिस्तानी कलाकारों पर बैन लगाने की मांग की थी।

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