शाहरुख की ‘स्वदेस’ को-स्टार गायत्री का शाही आशियाना क्यों है इतना खास? 9 मंजिल में छिपी हैं ऐसी लग्जरी सुविधाएं, देखकर रह जाएंगे दंग
शाहरुख खान की ‘स्वदेस’ में गीता बनकर पहचान बनाने वाली गायत्री ओबेरॉय भले ही फिल्मों से दूर हैं, लेकिन उनकी आलीशान जिंदगी अब चर्चा में है। मुंबई के जुहू में समुद्र किनारे बना उनका नौ मंजिला घर अपनी भव्यता और अनोखी डिजाइन से लोगों का ध्यान खींच रहा है। इसमें लग्जरी की हर खास सुविधा मौजूद है
75 हजार वर्गफुट में फैला यह नौ मंजिला घर किसी शानदार निजी रिसॉर्ट जैसा महसूस होता है।
शाहरुख खान की चर्चित फिल्म ‘स्वदेस’ में गीता का किरदार निभाकर पहचान बनाने वाली गायत्री ओबेरॉय भले ही लंबे समय से फिल्मों की दुनिया से दूर हैं, लेकिन उनकी जिंदगी का अंदाज आज भी लोगों का ध्यान खींचता है। अभिनय छोड़ने के बाद गायत्री ने रियल एस्टेट कारोबारी विकास ओबेरॉय के साथ अपनी पारिवारिक जिंदगी को प्राथमिकता दी। अब वह मुंबई के पॉश जुहू इलाके में बने अपने बेहद आलीशान और अनोखे घर को लेकर चर्चा में हैं। समुद्र के किनारे बना यह विशाल घर सिर्फ अपने आकार की वजह से खास नहीं है, बल्कि इसकी डिजाइन, खुली जगहों, प्राकृतिक रोशनी और लग्जरी सुविधाओं ने भी इसे खास बना दिया है।
करीब 75 हजार वर्गफुट में फैला यह नौ मंजिला घर किसी शानदार निजी रिसॉर्ट जैसा महसूस होता है।यहां निजी थिएटर, जिम, स्पा से लेकर रूफटॉप इन्फिनिटी पूल तक मौजूद है। सबसे दिलचस्प बात यह है कि घर को सिर्फ दिखावे के लिए नहीं, बल्कि परिवार, मेहमानों और बड़े आयोजनों को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है।
9 मंजिलों में फैला सपनों का घर
समंदर के सामने बना यह घर करीब 75 हजार वर्गफुट में फैला है और इसमें कुल नौ मंजिलें हैं। इसे मशहूर इतालवी वास्तुकार पिएरो लिसोनी ने डिजाइन किया है। ओबेरॉय परिवार ने इस घर का सपना करीब 2015 में देखना शुरू किया था। डिजाइन में खुली जगह, प्राकृतिक रोशनी और परिवार की निजता का खास ध्यान रखा गया है। घर को इस तरह तैयार किया गया है कि बड़ा होने के बावजूद यह सिर्फ दिखावे की जगह न लगे, बल्कि परिवार के रोजमर्रा के जीवन के लिए भी आरामदायक रहे।
घर में आने के लिए दो रास्ते
घर में दो अलग प्रवेश द्वार और गोलाकार ड्राइववे है। इसके अलावा दो अलग सीढ़ियां बनाई गई हैं। इनमें से एक मेहमानों के लिए है, जबकि दूसरी निजी इस्तेमाल के लिए रखी गई है। वास्तुकार पिएरो लिसोनी के मुताबिक, घर का हर कोना सोच-समझकर तैयार किया गया है। उनका कहना है कि उन्हें सीढ़ियों का डिजाइन खास तौर पर पसंद है और इसी वजह से दोनों सीढ़ियों को अलग पहचान दी गई है।
बेसमेंट में जिम से लेकर निजी थिएटर तक
घर की दो बेसमेंट मंजिलों को पार्किंग और आराम से जुड़ी सुविधाओं के लिए इस्तेमाल किया गया है। इनमें निजी जिम, शानदार स्पा और 12 लोगों के बैठने की क्षमता वाला निजी थिएटर भी मौजूद है। यानी घर से बाहर निकले बिना ही व्यायाम, आराम और फिल्म देखने जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं।
मेहमानों के लिए पूरा इंतजाम
ग्राउंड फ्लोर से तीसरी मंजिल तक का बड़ा हिस्सा मेहमानों और आयोजनों को ध्यान में रखकर बनाया गया है। यहां बड़े सामाजिक आयोजन, डिनर और अन्य कार्यक्रम आसानी से किए जा सकते हैं। गायत्री ने बताया कि 2025 की शुरुआत में उन्होंने 65 मेहमानों के लिए बैठकर डिनर आयोजित किया था। यह कार्यक्रम एपिक फाउंडेशन के लिए रखा गया था।
ऊपर जाते ही बढ़ जाती है निजता
घर की सबसे दिलचस्प बात यह है कि जैसे-जैसे मंजिल ऊपर जाती है, माहौल और निजी होता जाता है। ऊपरी हिस्सों में परिवार के लिए लाउंज और रोजमर्रा के जीवन से जुड़े कमरे बनाए गए हैं। इस तरह घर के निचले हिस्से में मेहमानों के लिए रौनक रहती है, जबकि ऊपर का हिस्सा परिवार के सुकून और निजी जिंदगी के लिए रखा गया है।
छत पर ऐसा पूल, जहां सामने सिर्फ समंदर
इस आलीशान घर की सबसे आकर्षक जगहों में से एक है इसका रूफटॉप इन्फिनिटी पूल। यहां से अरब सागर का शानदार नजारा दिखाई देता है। समंदर को घर की खूबसूरती का सिर्फ हिस्सा नहीं, बल्कि पूरे डिजाइन का अहम तत्व बनाया गया है। घर की कई जगहों से बाहर का समुद्री दृश्य दिखाई देता है।
विकास ओबेरॉय चाहते थे घर चले होटल की तरह
विकास ओबेरॉय की एक खास इच्छा थी कि घर की व्यवस्था किसी शानदार बुटीक होटल की तरह हो। शुरुआत में गायत्री को यह विचार पसंद नहीं आया, क्योंकि उनका मानना था कि घर आखिर घर ही होना चाहिए। लेकिन समय के साथ उन्हें भी महसूस हुआ कि घर की व्यवस्था वाकई बेहद व्यवस्थित और कुशल है।
ऐसी रसोई जहां बड़े शेफ भी बना सकें खाना
घर में मोल्टेनी की डिजाइन की हुई बड़ी रसोई भी है। इसे खास तौर पर बड़े आयोजनों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। विकास की इच्छा थी कि जरूरत पड़ने पर विदेशों से शेफ बुलाकर यहां खाना तैयार कराया जा सके और बड़े स्तर पर चैरिटी डिनर आयोजित किए जा सकें।
करोड़ों का घर, लेकिन सजावट में सादगी
इतने बड़े घर के बावजूद इसके अंदरूनी हिस्सों को जरूरत से ज्यादा चमकदार या भड़कीला नहीं बनाया गया है। यहां हल्के रंग, संगमरमर, लकड़ी और प्राकृतिक बनावट वाली चीजों का इस्तेमाल किया गया है। कुछ जगहों पर चमकीले रंगों के जरिए घर में थोड़ी गर्माहट और जीवंतता जोड़ी गई है।
दीवारों पर सिर्फ वही कला, जो दिल को पसंद आई
ओबेरॉय दंपति के कला संग्रह की भी इस घर में खास जगह है। यहां एम.एफ. हुसैन, रविंदर रेड्डी और मंजित बावा जैसे चर्चित कलाकारों की कृतियां मौजूद हैं। दिलचस्प बात यह है कि उन्होंने घर की हर दीवार को पेंटिंग से भरने के बजाय चुनिंदा कलाकृतियां ही लगाई हैं। गायत्री के मुताबिक, उन्होंने पिछले पांच से सात वर्षों में यात्राओं और नीलामियों के दौरान वही कलाकृतियां खरीदीं, जो उन्हें वास्तव में पसंद आईं।