Tiger Shroff Firing Case: फिल्म अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग के मामले में जांच के दौरान कई अहम जानकारियां सामने आने की बात कही जा रही है। सूत्रों के मुताबिक, वारदात में कथित रूप से शामिल आरोपियों ने फायरिंग से पहले करीब 10 दिनों तक अभिनेता की गतिविधियों और उनके आने-जाने के समय पर नजर रखी थी। आरोपियों ने कथित तौर पर टाइगर श्रॉफ के घर और जिम की भी रेकी की थी। बताया जा रहा है कि सोशल मीडिया पर पैपराज़ी और ब्लॉगर्स के वीडियो से आरोपियों को उन जगहों का पता लगाने में मदद मिली, जहां अभिनेता अक्सर जाते थे।
10 दिनों तक टाइगर श्रॉफ की गतिविधियों पर नजर
सूत्रों के अनुसार, आरोपी फायरिंग की घटना से पहले अभिनेता की दिनचर्या और उनके शेड्यूल पर नजर रख रहे थे। बताया जा रहा है कि उन्होंने यह पता लगाने की कोशिश की कि टाइगर श्रॉफ किन जगहों पर जाते हैं और उनकी आवाजाही का सामान्य समय क्या रहता है। जांच एजेंसियां इस पहलू की पड़ताल कर रही हैं कि कथित रेकी किस उद्देश्य से की गई थी और वारदात की योजना बनाने में इसकी क्या भूमिका रही।
सोशल मीडिया वीडियो से जुटाई जानकारी?
सूत्रों का दावा है कि आरोपियों ने सोशल मीडिया पर मौजूद पैपराजी और ब्लॉगर्स के वीडियो का इस्तेमाल कर उन जगहों की पहचान की, जहां टाइगर श्रॉफ अक्सर आते-जाते थे। इन वीडियो के जरिए अभिनेता की गतिविधियों और उनके नियमित ठिकानों से जुड़ी जानकारी जुटाए जाने की आशंका है। हालांकि, सोशल मीडिया वीडियो से जानकारी जुटाने और उसका इस्तेमाल कथित वारदात की योजना में किए जाने की बातों की आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है।
WhatsApp और Signal के जरिए हैंडलर्स से संपर्क का दावा
जांच से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, आरोपी कथित तौर पर WhatsApp और Signal के जरिए अपने हैंडलर्स के लगातार संपर्क में थे। यह भी दावा किया गया है कि वारदात वाली जगह की लोकेशन आरोपियों के साथ इन्हीं मैसेजिंग ऐप के जरिए शेयर की गई थी। पुलिस अब कथित संपर्कों और आरोपियों के बीच हुई बातचीत से जुड़े पहलुओं की जांच कर सकती है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि फायरिंग की योजना किसने बनाई और इसमें अन्य लोगों की क्या भूमिका थी।
कोटा रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार हुए तीन आरोपी
इस मामले में राजस्थान पुलिस और एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स ने 17, 18 और 22 साल के तीन आरोपियों को राजस्थान के कोटा रेलवे स्टेशन पर गिरफ्तार किया है। तीनों कथित तौर पर मुंबई के जुहू इलाके में टाइगर श्रॉफ की कार पर हुई फायरिंग के बाद फरार चल रहे थे। ये लोग ट्रेन से यात्रा कर रहे थे। गिरफ्तारी के बाद अब जांच का फोकस कथित रेकी, वारदात की योजना और आरोपियों के संपर्कों पर है। पुलिस जांच से यह स्पष्ट हो सकेगा कि फायरिंग के पीछे किसका हाथ था और आरोपियों को निर्देश देने में कथित हैंडलर्स की क्या भूमिका रही।
रविवार शाम मुंबई के जुहू इलाके में अज्ञात हमलावरों ने टाइगर श्रॉफ की कार पर गोलीबारी की थी। इस घटना में अभिनेता सुरक्षित बच गए। जबकि उनका चालक और एक अन्य व्यक्ति घायल हो गए। सोशल मीडिया में वायरल हुए एक पोस्ट में लॉरेंस बिश्नोई गिरोह ने हमले की जिम्मेदारी ली है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सोमवार को कहा कि मुंबई पुलिस अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर गोलीबारी की घटना में शामिल लोगों और उनके आकाओं का पता लगाएगी और इस तरह की घटनाओं को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
फडणवीस ने नागपुर में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में पत्रकारों से कहा कि पुलिस को आरोपियों की पहचान के संबंध में अहम सुराग मिले हैं। उन्हें जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि आरोपी महाराष्ट्र के बाहर, संभवत: विदेश से काम कर रहे हैं। उन्हें पकड़ने के लिए पुलिस दूसरे राज्यों के साथ समन्वय करेगी। मुंबई पुलिस केंद्रीय एजेंसियों की मदद भी लेगी।