यश की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘टॉक्सिक: ए फेयरी टेल फॉर ग्रोन-अप्स’ आखिरकार सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है। फिल्म को लेकर रिलीज से पहले ही जबरदस्त माहौल बना हुआ था और फैंस लंबे समय से इसका इंतजार कर रहे थे। गीतू मोहनदास के निर्देशन में बनी इस एक्शन फिल्म से दर्शकों को काफी उम्मीदें थीं। हालांकि, रिलीज के बाद सामने आ रहे शुरुआती एक्स रिएक्शन ने फिल्म की तस्वीर थोड़ी बदल दी है। कई दर्शकों और रिव्यूअर्स को फिल्म की कहानी और स्क्रीनप्ले खास पसंद नहीं आया। एडिटिंग और लंबी रफ्तार को लेकर भी शिकायतें देखने को मिल रही हैं।
दूसरी ओर, यश की दमदार स्क्रीन प्रेजेंस और फिल्म के शानदार विजुअल्स की जमकर तारीफ हो रही है। यानी फिल्म को लेकर राय बंटी हुई है। अब देखना दिलचस्प होगा कि शुरुआती प्रतिक्रियाओं के बाद ‘टॉक्सिक’ बॉक्स ऑफिस पर दर्शकों को कितना आकर्षित कर पाती है।
1.5 स्टार देकर रिव्यूअर ने कहा- ‘तीन घंटे की सजा’
BINGED ने ‘टॉक्सिक’ को सिर्फ 1.5/5 स्टार दिए हैं। रिव्यू में फिल्म की करीब तीन घंटे की लंबाई को लेकर खास नाराजगी देखने को मिली। रिव्यूअर के मुताबिक, फिल्म खत्म होने तक दर्शक यह सोचने पर मजबूर हो सकते हैं कि आखिर उन्होंने अपने तीन घंटे क्यों दिए।
कहानी ने किया सबसे ज्यादा निराश
फिल्म को लेकर सबसे बड़ी शिकायत इसकी कहानी और स्क्रीनप्ले को लेकर सामने आ रही है। Venky Reviews ने भी इसे 1.5/5 रेटिंग दी और कहा कि तकनीकी तौर पर मजबूत होने के बावजूद फिल्म की कहानी बिखरी हुई महसूस होती है। कई जगह किरदारों को ठीक से स्थापित नहीं किया गया और कहानी का फ्लो भी कमजोर बताया गया।
यश की एंट्री और विजुअल्स ने बचाई लाज
जहां कहानी पर सवाल उठ रहे हैं, वहीं यश की दमदार स्क्रीन प्रेजेंस को फिल्म का मजबूत पक्ष माना जा रहा है। बड़े स्तर पर शूट किए गए विजुअल्स, प्रोडक्शन डिजाइन और कुछ एक्शन सीन्स ने दर्शकों को प्रभावित किया है। यानी फिल्म की चमक-दमक तो पसंद आई, लेकिन कहानी उतना असर नहीं छोड़ पाई।
पहले हाफ ने दर्शकों का धैर्य तोड़ा?
एक एक्स यूजर Ranjith RNS ने फिल्म के पहले हाफ को बेहद थकाऊ बताया। उनके मुताबिक, एडिटिंग इतनी उलझी हुई है कि कई सीन्स कहानी को आगे बढ़ाने के बजाय खिंचते हुए महसूस होते हैं। इमोशनल कनेक्शन की कमी को भी उन्होंने फिल्म की बड़ी कमजोरी बताया।
‘टॉक्सिक’ को बताया ‘बहुत बड़ा गड़बड़झाला’
Thyview ने फिल्म के तकनीकी पक्ष की तारीफ करने के बावजूद कहानी के ट्रीटमेंट पर कड़ा रिएक्शन दिया। उनके अनुसार फिल्म में महत्वाकांक्षा तो काफी बड़ी दिखाई देती है, लेकिन कमजोर लेखन और उलझी हुई कहानी उस कोशिश पर पानी फेर देती है।
हर रिव्यू खराब नहीं, कुछ को पसंद आया अंदाज
ऐसा नहीं है कि ‘टॉक्सिक’ को हर तरफ से नकार दिया गया हो। Jashwanth Reddy ने फिल्म को 2.5/5 रेटिंग देते हुए इसे उतार-चढ़ाव से भरी एक ठीक-ठाक फिल्म बताया। उन्होंने विजुअल्स, बड़े प्रोडक्शन स्केल और यश के प्रदर्शन को सराहा, हालांकि कहानी की कमजोर पकड़ का जिक्र भी किया।
क्या सिर्फ यश के दम पर चलेगी फिल्म?
शुरुआती प्रतिक्रियाओं से फिलहाल तस्वीर मिली-जुली लेकिन आलोचना की तरफ ज्यादा झुकी नजर आ रही है। यश का स्टारडम, शानदार विजुअल्स और भव्य एक्शन लोगों को आकर्षित कर रहे हैं, लेकिन कहानी, एडिटिंग, रफ्तार और इमोशनल कनेक्शन पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। अब असली परीक्षा बॉक्स ऑफिस पर होगी, क्या यश का स्टार पावर इन कमियों पर भारी पड़ेगा?