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AI सैनिकों को नहीं करेगा रिप्लेस लेकिन बदल देगा युद्ध का तरीका... लेफ्टिनेंट जनरल पुनीत आहूजा ने बताया कैसा होगा फ्यूचर सोल्जर

आज के समय में AI केवल कॉर्पोरेट कंपनियों तक सिमित नहीं है बल्कि इसका इस्तेमाल इंडियन डिफेंस फोर्स में भी बढ़ता जा रहा है, जो युद्ध के दौरान सैनिकों की मदद के लिए रामबाण साबित हो सकता है। लेकिन ऐसे में सवाल उठता है कि क्या AI के इस्तेमाल से मशीनें सैनिकों की जगह तो नहीं ले लेंगी?

Edited By: Ashwani Kumar Srivastavaअपडेटेड Sep 24, 2026 पर 6:45 PM
AI सैनिकों को नहीं करेगा रिप्लेस लेकिन बदल देगा युद्ध का तरीका... लेफ्टिनेंट जनरल पुनीत आहूजा ने बताया कैसा होगा फ्यूचर सोल्जर
AI सैनिकों को नहीं करेगा रिप्लेस... लेफ्टिनेंट जनरल पुनीत आहूजा ने बताया कैसा होगा फ्यूचर सोल्जर

आज के समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) केवल कॉर्पोरेट कंपनियों तक सिमित नहीं है बल्कि इसका इस्तेमाल इंडियन डिफेंस फोर्स में भी बढ़ता जा रहा है, जो युद्ध के दौरान सैनिकों की मदद के लिए रामबाण साबित हो सकता है। लेकिन ऐसे में सवाल उठता है कि क्या AI के ज्यादा इस्तेमाल से मशीनें सैनिकों की जगह तो नहीं ले लेंगी? इन्हीं सवालों का जवाबों का देते हुए आर्मी हेडक्वार्टर में स्ट्रैटेजिक प्लानिंग के डायरेक्टर जनरल, लेफ्टिनेंट जनरल पुनीत आहूजा (AVSM, SM, VSM) ने कहा कि AI सैनिकों की जगह नहीं लेगा, बल्कि उनके लड़ने के तरीके और उनकी क्षमताओं में बुनियादी बदलाव लाएगा।

उन्होंने यह बात News18 के DEFCON 2026 कार्यक्रम में कही। लेफ्टिनेंट जनरल आहूजा ने कहा कि भारत भविष्य की लड़ाइयों में अचानक किसी हमले या स्थिति से हैरान नहीं रह सकता। उन्होंने भविष्य की जंगों के लिए भारतीय सेना को तैयार करने के मकसद से उसमें बदलाव लाने की जरूरत पर जोर दिया।

उन्होंने कहा, "हम जिन सबसे अहम बदलावों का फायदा उठाना चाहते हैं, उनमें से एक है आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस: जैसे टारगेट का पता लगाना, निगरानी, ​​टारगेट की पहचान, लॉजिस्टिक्स और प्रेडिक्टिव मेंटेनेंस, सटीक सपोर्ट, बहुत बड़े डेटा को प्रोसेस करना और निश्चित रूप से साइबर डिफेंस।"

"लेकिन हमें यह याद रखना चाहिए कि AI सैनिक की जगह नहीं लेगा। बल्कि यह सैनिक के लड़ने के तरीके और उसकी क्षमताओं को बदल देगा।"

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