मौसम विभाग (आईएमडी) की खराब मौसम की चेतावनी को देखते हुए 19 जुलाई से अमरनाथ यात्रा और माता वैष्णो देवी यात्रा को कुछ समय के लिए रोक दिया गया है। अमरनाथ यात्रा को पहलगाम और बालटाल, दोनों मार्गों से अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। प्रशासन ने यह फैसला श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एहतियात के तौर पर लिया है।
कश्मीर के मंडल आयुक्त अंशुल गर्ग ने बताया कि 19 जुलाई से बालटाल और नुनवान-चंदनवाड़ी बेस कैंप से किसी भी श्रद्धालु को आगे जाने की अनुमति नहीं होगी। यह आदेश उन सभी यात्रियों पर लागू होगा, जो इन बेस कैंपों में मौजूद हैं। मौसम सामान्य होने तक उन्हें आगे बढ़ने की इजाजत नहीं दी जाएगी। अधिकारियों के अनुसार, अगले कुछ दिनों तक खराब मौसम की संभावना को देखते हुए यह कदम उठाया गया है। प्रशासन ने कहा कि यात्रा मार्ग की सुरक्षा का पूरा आकलन करने के बाद ही आगे का फैसला लिया जाएगा।
कश्मीर के मंडल आयुक्त अंशुल गर्ग ने कहा कि यात्रा मार्ग की सुरक्षा और मौसम की स्थिति का पूरी तरह आकलन करने के बाद ही अमरनाथ यात्रा दोबारा शुरू करने का फैसला लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि यात्रा कब शुरू होगी, इसका निर्णय मौके के हालात और मौसम को लेकर जारी होने वाली अगली आधिकारिक सलाह के आधार पर किया जाएगा।
इस साल बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालु
यात्रा पर अस्थायी रोक ऐसे समय लगाई गई है, जब इस साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु अमरनाथ यात्रा में शामिल हुए हैं। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, अब तक 3.7 लाख से अधिक श्रद्धालु पवित्र अमरनाथ गुफा में बाबा बर्फानी के दर्शन कर चुके हैं। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, पिछले कुछ वर्षों में अमरनाथ यात्रा में आमतौर पर 3 लाख से कुछ अधिक श्रद्धालु शामिल होते रहे हैं। वहीं, 2024 में यह संख्या 5 लाख के पार पहुंच गई थी, जो हाल के वर्षों में सबसे अधिक मानी गई।
वैष्णो देवी यात्रा भी अस्थायी रूप से रोकी गई
खराब मौसम की चेतावनी को देखते हुए माता वैष्णो देवी यात्रा भी कुछ समय के लिए रोक दी गई है। जम्मू प्रशासन ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है, क्योंकि इलाके में मौसम खराब रहने की आशंका है। प्रशासन ने अमरनाथ और वैष्णो देवी यात्रा पर जाने की योजना बना रहे श्रद्धालुओं से फिलहाल अपनी यात्रा टालने की अपील की है। साथ ही कहा है कि वे केवल सरकारी और आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें। अधिकारियों के अनुसार, मौसम सामान्य होने और यात्रा मार्ग की सुरक्षा जांच पूरी होने के बाद ही दोनों यात्राएं दोबारा शुरू करने का फैसला लिया जाएगा।