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AI की बढ़ती ताकत के बीच सरकार अब बड़ा कदम उठाने की तैयारी में, जल्द ही आएगा नया कानून

डीपफेक और मिसलेबलिंग पर पहले ही नियम सख्त किए गए हैं। अब AI के ज्यादा इस्तेमाल पर नजर होगी। IT सेक्रेटरी ने कहा है कि AI पर गंभीरता से विचार जरूरी है। इस पर अतिरिक्त कदम उठाने की जरूरत है। नए कानून पर जल्द काम शुरू होगा

Edited By: Sudhanshu Dubeyअपडेटेड Jul 03, 2026 पर 2:38 PM
AI की बढ़ती ताकत के बीच सरकार अब बड़ा कदम उठाने की तैयारी में, जल्द ही आएगा नया कानून
इसके पहले केंद्रीय सूचना प्रौद्योगिकी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स मंत्री अश्विनी वैष्णव ने भी कहा था कि AI के तेजी से होते विस्तार को देखते हुए भारत को एक नए कानून की आवश्यकता पड़ सकती है

AI की बढ़ती ताकत के बीच सरकार अब बड़ा कदम उठाने की तैयारी में है। नए AI मॉडल्स की तेज एंट्री और बदलती चुनौतियों को देखते हुए सरकार AI के लिए अलग कानून लाने पर विचार कर रही है। आखिर क्या है सरकार की तैयारी, इस पर बात करते हुए सीएनबीसी-आवाज़ संवाददाता असीम मनचंदा ने कहा कि सरकार AI के लिए नए कानून पर विचार कर रही। AI मॉडल्स से जुड़ी नई चुनौतियों से निपटने के लिए नया फ्रेमवर्क बनेगा। AI रेगुलेशन के लिए मौजूदा कानून अब पर्याप्त नहीं हैं। AI के तेजी से बदलते दौर में नए नियमों की जरूरत है।

डीपफेक और मिसलेबलिंग पर पहले ही नियम सख्त किए गए हैं। अब AI के ज्यादा इस्तेमाल पर नजर होगी। IT सेक्रेटरी ने कहा है कि AI पर गंभीरता से विचार जरूरी है। इस पर अतिरिक्त कदम उठाने की जरूरत है। नए कानून पर जल्द काम शुरू होगा।

इन बातों को ध्यान में रखतेहुए सरकार नई AI पॉलिसी तैयार करेगी। रोजाना नए AI मॉडल लॉन्च हो रहे हैं। ChatGPT, Claude, DeepSeek, Maythos जैसे मॉडल तेजी से दायरा बढ़ा रहे हैं। सरकार इस बात को ध्यान में रखते हुए AI पर नए कानून बनाने की तैयारी में हैं।

इसके पहले केंद्रीय सूचना प्रौद्योगिकी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स मंत्री अश्विनी वैष्णव ने भी कहा था कि AI के तेजी से होते विस्तार को देखते हुए भारत को एक नए कानून की आवश्यकता पड़ सकती है। उन्होंने कहा कि मौजूदा आईटी अधिनियम वर्ष 2000 में लागू किया गया था। तब एआई जैसी तकनीकों का वर्तमान स्वरूप अस्तित्व में नहीं था।

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