Asish Banerjee: बीरभूम में TMC दफ्तर में मृत पाए गए पश्चिम बंगाल के पूर्व डिप्टी स्पीकर आशीष बनर्जी, फंदे से लटका मिला शव

Asish Banerjee Found Dead: पश्चिम बंगाल विधानसभा के पूर्व डिप्टी स्पीकर आशीष बनर्जी का शव तृणमूल कार्यालय में फंदे से लटका मिला है। आशीष बनर्जी रविवार 16 अगस्त की सुबह बीरभूम जिले के रामपुरहाट शहर में अपने घर के पास स्थित तृणमूल कांग्रेस (TMC) के दफ्तर में मृत पाए गए

अपडेटेड Aug 16, 2026 पर 9:35 AM
Asish Banerjee Found Dead: पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के साथ विधानसभा के पूर्व डिप्टी स्पीकर आशीष बनर्जी (फाइल फोटो)

Asish Banerjee Found Dead: पश्चिम बंगाल विधानसभा के पूर्व डिप्टी स्पीकर आशीष बनर्जी रविवार (16 अगस्त) सुबह संदिग्ध हालात में मृत पाए गए। उनका शव बीरभूम जिले में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के एक कार्यालय में रविवार (16 अगस्त) सुबह फंदे से लटका मिला। पुलिस सूत्रों ने बताया कि रामपुरहाट में बनर्जी के आवास के पास स्थित पार्टी कार्यालय से एक कथित 'सुसाइड नोट' भी बरामद हुआ है।

उन्होंने बताया कि तृणमूल कांग्रेस के पूर्व विधायक बनर्जी के शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया गया है। अभी यह पता नहीं चल पाया है कि उनकी मौत किन परिस्थितियों में हुई। फिलहाल, बंगाल के आलाधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं।

एक अधिकारी ने बताया कि रामपुरहाट से तृणमूल कांग्रेस के पूर्व विधायक बनर्जी का शव उनके रामपुरहाट स्थित आवास से सटे TMC दफ्तर से बरामद किया गया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। फिलहाल, शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।


आशीष बनर्जी कौन थे?

रामपुरहाट से तृणमूल कांग्रेस के पूर्व विधायक और आशीष बनर्जी रामपुरहाट से पांच बार विधायक रह चुके हैं। साल 2001 से 2026 तक वह लगातार 25 वर्षों तक इस निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया। हालांकि, 2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में उन्हें भारतीय जनता पार्टी (BJP) के ध्रुबा साहा से हार का सामना करना पड़ा।

ममता बनर्जी के कार्यकाल के दौरान, आशीष पश्चिम बंगाल विधानसभा के डिप्टी स्पीकर रहे थे। उनकी लोकप्रियता का आलाम यह था कि रामपुरहाट से वह पांच बार विधायक चुने गए थे। 2026 के विधानसभा चुनाव में वे हार गए थे।

सुसाइड नोट में क्या लिखा?

बीरभूम के SP विदित राज भुंडेश ने 'द इंडियन एक्सप्रेस' को बताया, यह मुख्य रूप से आत्महत्या का मामला है। हमें एक सुसाइड नोट मिला है जिसमें उन्होंने लिखा है, मेरी मौत के लिए कोई जिम्मेदार नहीं है।'"  आशीष रामपुरहाट के वार्ड नंबर 5 में हत्तलापारा में रहते थे। उनके घर से सटा हुआ एक पार्टी यानी TMC ऑफिस भी था। रविवार सुबह जब वहां से उनका शव मिला, तो इलाके में भीड़ जमा हो गई। रामपुरहाट पुलिस स्टेशन की पुलिस मौके पर पहुंची। फिर शव को कब्जे में लिया और उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

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आशीष TMC के एक अनुभवी नेता थे। राज्य में तृणमूल के सत्ता में आने के बाद, उन्हें कई बार ममता की कैबिनेट में जगह मिली। वे राज्य के स्कूल शिक्षा मंत्री और कृषि मंत्री भी रहे। हालांकि, कैबिनेट में उन्हें इन पदों से बड़ी कोई जिम्मेदारी नहीं मिली। जब अनुब्रत मंडल बीरभूम जिले में TMC के अध्यक्ष थे, तब आशीष उनके सहयोगी थे। लेकिन अनुब्रत के दबदबे के कारण उन्हें जिले की राजनीति में आगे बढ़ने के सीमित मौके ही मिल पाए।

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