Barapullah Phase-3 elevated Corridor: दिल्लीवासी बारापुला फेज III एलिवेटेड कॉरिडोर का लंबा इंतजार आखिरकार पूरा हो गया है। इस एलिवेटेड कॉरिडोर की मदद से मयूर विहार-नोएडा से एम्स की दूरी 45 मिनट से घटकर मात्र 15 मिनट रह जाएगी। यह फ्लाईओवर पूर्वी और दक्षिणी दिल्ली को न सिर्फ पास लाएगा, बल्कि दिल्लीवासियों को ट्रैफिक के जंजाल से राहत भी देगा। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को बारापुला फेज-III एलिवेटेड कॉरिडोर का उद्घाटन किया।
शाह ने मुकरबा चौक अंडरपास का भी उद्घाटन किया और मोदी मिल-सावित्री सिनेमा फ्लाईओवर और लोनी अंडरपास का शिलान्यास किया। इन चार इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स पर कुल मिलाकर 1,941 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। इस मौके पर दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि नीति, नियोजन और कार्यान्वयन के स्तर पर केंद्र और दिल्ली सरकार के बीच बेहतर तालमेल से शहर में बुनियादी विकास को नई गति मिल रही है।
उन्होंने कहा, "आज समर्पित प्रोजेक्ट्स सिर्फ सड़कें, फ्लाईओवर और अंडरपास नहीं हैं, बल्कि लाखों दिल्लीवासियों का समय बचाने, कनेक्टिविटी सुधारने, यात्रा को आसान बनाने और उनकी जीवन की क्वालिटी बढ़ाने से जुड़ी जरूरी सुविधाएं हैं।"
बारापुला फेज-III कॉरिडोर मयूर विहार फेज-I या नोएडा से सराय काले खां होते हुए अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) तक सिग्नल-फ्री कनेक्टिविटी देगा। साथ ही, इससे मुख्य रूट्स पर ट्रैफिक का दबाव कम होगा। इसे मौजूदा बारापुला नेटवर्क से जोड़ा गया है और इसमें अलग-अलग दिशाओं में ट्रैफिक के आने-जाने के लिए नौ लूप हैं। पीडब्लूडी मंत्री परवेश वर्मा ने कहा कि पैदल चलने वालों और साइकिल चलाने वालों के लिए अलग-अलग सुविधाएं बनाई गई हैं।
इस प्रोजेक्ट में लगभग एक दशक की देरी हो गई थी, लेकिन पिछले साल विभाग का कार्यभार संभालने के बाद वर्मा ने इसे नए सिरे से आगे बढ़ाया। मुकरबा चौक अंडरपास, जिसका मंगलवार को उद्घाटन हुआ, आउटर रिंग रोड पर यातायात को बेहतर बनाने के लिए बनाया गया है। इसमें दो गाड़ियों के अंडरपास और एक पैदल चलने वालों के अंडरपास हैं और इससे हर दिन लगभग 15,800 गाड़ियों का आना-जाना आसान होने की उम्मीद है।
इस अंडरपास से बादली और रोहिणी से आजादपुर और जहांगीरपुरी की ओर जाने वाला ट्रैफिक मुकरबा चौक इंटरचेंज में घुसे बिना ही इस रास्ते से जा सकेगा। हैदरपुर बादली मोड़ मेट्रो स्टेशन के पास पैदल चलने वालों और नॉन-मोटराइज्ड ट्रैफिक के लिए एक अलग अंडरपास भी बनाया गया है। साउथ दिल्ली के सांसद रामवीर सिंह बिधूड़ी ने कहा, “सरकार का मकसद दिल्ली के बुनियादी ढांचे को इस तरह से विकसित करना है जिससे लोगों का रोजाना आना-जाना सीधे तौर पर बेहतर हो, समय बचे और यात्रा अधिक आसान हो।”