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बीएचयू में बन रहा ₹57.66 करोड़ का हाईटेक गर्ल्स हॉस्टल, 1200 छात्राओं को मिलेगा वाई-फाई, लिफ्ट और मिनी क्लिनिक का तोहफा

बनारस के काशी हिंदू विश्वविद्यालय में छात्राओं के लिए आधुनिक सुविधाओं से लैस और सुरक्षा के लिहाज से बेहतर एक हाईटेक हॉस्टल तैयार किया जा रहा है। इस छात्रावास में 1200 छात्राएं रह सकेंगी। इस हॉस्टल में लिफ्ट और सीसीटीवी होगा। छात्राओं के अलावा उनके अभिभावक भी यहां रुक पाएंगे।

MoneyControl Newsअपडेटेड Oct 15, 2026 पर 5:34 PM
बीएचयू में बन रहा ₹57.66 करोड़ का हाईटेक गर्ल्स हॉस्टल, 1200 छात्राओं को मिलेगा वाई-फाई, लिफ्ट और मिनी क्लिनिक का तोहफा
हाईटेक सुविधाओं वाले इस हॉस्टल में डाइनिंग हॉल, वाई फाई, रीडिंग रूम, कैफेटेरिया सहित कई सुविधाएं होंगी।

काशी हिंदू विश्वविद्यालय में गर्ल्स स्टूडेंट्स के लिए हाईटेक हॉस्टल तैयार किया जा रहा है। इस हॉस्टल में 1200 स्टूडेंट्स रह सकेंगे। हाईटेक सुविधाओं वाले इस हॉस्टल में डाइनिंग हॉल, वाई फाई, रीडिंग रूम, कैफेटेरिया सहित कई सुविधाएं होंगी। छात्राओं की सुरक्षा के लिहाज से यहां CCTV कैमरे भी लगाए जाएंगे। इसके अलावा इस हॉस्टल में लिफ्ट की सुविधा भी होगी। अगले साल यानी 2027 तक 1200 बेड की क्षमता वाले इस हॉस्टल का निर्माण काम पूरा हो जाएगा।

केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (CPWD) इसके निर्माण का काम कर रहा है। फिलहाल 1200 बेड वाले इस हॉस्टल का 76% काम पूरा भी हो गया है। बाकी बचे काम को भी तय समय में पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। बीएचयू में निर्माणधीन इस हॉस्टल पर 57.66 करोड़ रुपये खर्च हो रहे हैं। बताते चलें की फरवरी 2024 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसकी आधारशिला रखी थी। वाराणसी के डीएम सतेन्द्र कुमार ने बताया की 1200 बेड वाले इस छात्रावास में 5 ब्लॉक होंगे। इसमें से 1 ब्लॉक और 1 डाइनिंग ब्लॉक का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो गया है। बाकी बचे 2 हॉस्टल ब्लॉक के निर्माण का काम भी अगले साल मार्च महीने तक पूरा हो जाएगा।

बड़े और हवादार कमरे

इस हॉस्टल में बड़े और हवादार कमरे होंगे। छात्राओं के अलावा उनके अभिभावक भी यहां रुक पाएं इसके लिए गेस्ट रूम का निर्माण भी होगा। इतना ही नहीं हॉस्टल में सोशल स्पेस और मिनी क्लिनिक की सुविधा भी होगी। ताकि इमरजेंसी के वक्त छात्राओं को चिकित्सीय सुविधाएं भी हॉस्टल के अंदर ही मिल सकें। महिला महाविद्यालय कैम्पस में निर्माणधीन यह महिला छात्रावास बीएचयू में मौजूद छात्रावासों से काफी हाईटेक होगा। जिसमें छात्र बेहतर फील कर पाएंगे।

हजारों छात्राओं को सीधा फायदा

इस हॉस्टल के निर्माण के बाद दूर दराज से यूनिवर्सिटी में पढ़ने आने वाली छात्राओं को कैम्पस के अंदर ही सुरक्षित और बेहतर आवासीय सुविधाएं मिलेंगी। बताते चलें कि फिलहाल हॉस्टल की कमी के कारण कई ऐसी छात्राएं हैं जो कैम्पस के बाहर निजी हॉस्टल में रहती है। इन हॉस्टल में उन्हें ज्यादा पैसे भी खर्च करने पड़ते है। एक आंकड़े के मुताबिक, यूनिवार्सिटी के आस पास के निजी हॉस्टल में रहने के लिए छात्राओं को 7000 से 9000 रुपये प्रति महीना खर्च करना होता है। हालांकि कैम्पस के अंदर वो आधे से कम कीमत पर बेहतर सुविधाओं का फायदा लें सकेंगी।

वाराणसी से अभिषेक जायसवाल की रिपोर्ट

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