बिहार में नदियों और जलाशयों में जमा गाद (सिल्ट) अब राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण में काम आएगी। इसके लिए केंद्र सरकार और बिहार सरकार ने 'नदी संजीवनी' योजना के तहत एक समझौता किया है। इस योजना का मकसद नदियों और जलस्रोतों से वैज्ञानिक तरीके से गाद निकालना और उसके इस्तेमाल से सड़क निर्माण की जरूरतें पूरी करना है। सरकार का मानना है कि इससे नदियों की पानी ले जाने की क्षमता बढ़ेगी, जल निकासी बेहतर होगी और बाढ़ के खतरे को कम करने में मदद मिल सकती है। साथ ही, हाईवे बनाने के लिए किसानों के खेतों की उपजाऊ मिट्टी का इस्तेमाल करने की जरूरत भी कम होगी। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) और बिहार सरकार के बीच इस संबंध में MoU हो चुका है।
