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Delhi Metro News: दिल्ली मेट्रो के ये 5 स्टेशन बंद, घर से निकलने से पहले देख लें ट्रैफिक एडवाइजरी

CJP Parliament March: आज यानी 20 जुलाई को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संसद तक प्रस्तावित मार्च को देखते हुए सेंट्रल सेक्रेटेरिएट मेट्रो स्टेशन आम जनता के लिए बंद कर दिया गया है। दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) ने एक पोस्ट में बताया कि सुरक्षा कारणों से जनपथ, राजीव चौक, पटेल चौक, सेंट्रल सेक्रेटेरिएट और सेवा तीर्थ मेट्रो स्टेशनों को अगले आदेश तक बंद कर दिया गया है

Akhilesh Nath Tripathiअपडेटेड Jul 20, 2026 पर 10:22 AM
Delhi Metro News: दिल्ली मेट्रो के ये 5 स्टेशन बंद, घर से निकलने से पहले देख लें ट्रैफिक एडवाइजरी
CJP Parliament March: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के विरोध मार्च के मद्देनजर पांच मेट्रो स्टेशनों को बंद कर दिया गया है

CJP Parliament March: दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) ने सोमवार (20 जुलाई) को सुरक्षा कारणों से राजीव चौक, जनपथ, पटेल चौक, केंद्रीय सचिवालय और सेवा तीर्थ मेट्रो स्टेशनों को अगले आदेश तक बंद कर दिया है। यह कदम कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की ओर से निकाले जा रहे विरोध मार्च के मद्देनजर उठाया गया है। डीएमआरसी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जारी एक पोस्ट में कहा कि अगले आदेश तक ये पांचों मेट्रो स्टेशन बंद रहेंगे। CJP ने शिक्षा क्षेत्र में सुधार की मांग को लेकर संसद के मानसून सत्र के पहले दिन सोमवार को संसद तक विरोध मार्च निकालने का आह्वान किया है।

इस बीच, दिल्ली पुलिस ने व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की है। साथ ही उन्होंने बताया कि इस विरोध मार्च के लिए कोई अनुमति नहीं ली गई है। संसद के मानसून सत्र और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रस्तावित ‘चलो संसद’ मार्च को देखते हुए सोमवार को दिल्ली पुलिस अत्यधिक सतर्क है। जंतर-मंतर, संसद और अन्य प्रमुख स्थानों के आसपास भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। नई दिल्ली जिले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी है।

अनशन पर अड़े वांगचुक, रखीं ये शर्तें

सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने सोमवार को कहा कि उनकी भूख हड़ताल प्रस्तावित 'संसद चलो' मार्च के बाद भी जारी रहेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह अपना अनशन तभी समाप्त करेंगे, जब सरकार शिक्षा व्यवस्था में हाल में हुई विफलताओं की जिम्मेदारी स्वीकार करेगी या राजनीतिक दलों के नेता उन्हें यह भरोसा देंगे कि इस मुद्दे को संसद में उठाया जाएगा।

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