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AI-Proof प्रोफेशन्स की पहचान करेगा वाणिज्य मंत्रालय, पीयूष गोयल ने जो कहा उसके मायने समझिए

AI-proof professions: केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि मोदी सरकार ऐसे प्रोफेशन्स की पहचान कर रही है जिन पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का कम असर पड़ेगा। इसमें उन क्षेत्रों पर ध्यान दिया जा रहा है, जहां तकनीक इंसानों की जगह लिए बिना उनकी कार्यक्षमता बढ़ा सकती है

Akhilesh Nath Tripathiअपडेटेड Oct 24, 2026 पर 3:21 PM
AI-Proof प्रोफेशन्स की पहचान करेगा वाणिज्य मंत्रालय, पीयूष गोयल ने जो कहा उसके मायने समझिए
AI-proof professions: पीयूष गोयल ने वाणिज्य मंत्रालय से ऐसे पेशों की पहचान करने को कहा है जिन पर AI का असर नहीं पड़ेगा

AI-proof professions: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के तेजी से बढ़ते प्रभाव के बीच भारत सरकार भविष्य के रोजगार और कौशल की जरूरतों को ध्यान में रखकर नई रणनीति तैयार करने की दिशा में अहम काम कर रही है। मोदी सरकार ऐसे प्रोफेशन्स की पहचान कर रही है जिन पर AI का कम असर पड़ेगा। इसमें उन क्षेत्रों पर ध्यान दिया जा रहा है, जहां टेक्नोलॉजी इंसानों की जगह लिए बिना उनकी कार्यक्षमता बढ़ा सकती है। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि उन्होंने अपने मंत्रालय से ऐसे पेशों और क्षेत्रों की पहचान करने को कहा है, जो AI के बढ़ते इस्तेमाल के बावजूद मानव श्रम, रचनात्मकता और पारंपरिक कौशल के कारण प्रासंगिक बने रह सकते हैं।

मंत्री ने बताया कि भारत की विशाल आबादी और रोजगार की जरूरतों को देखते हुए इस पहल का उद्देश्य ऐसे क्षेत्रों पर ध्यान देना है, जहां तकनीक इंसानों को पूरी तरह विस्थापित करने के बजाय उनकी उत्पादकता बढ़ाने में मदद करे। जर्मनी में भारतीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी शोधकर्ताओं और छात्रों को संबोधित करते हुए गोयल ने कहा कि भारत को उन क्षेत्रों पर विशेष ध्यान देना चाहिए, जहां उसकी मानव कौशल उसे वैश्विक स्तर पर अलग पहचान दिला सकते हैं। उन्होंने हस्तशिल्प, हथकरघा, पाक-कला और पर्यटन जैसे क्षेत्रों का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत इन क्षेत्रों में दुनिया का नेतृत्व करने की क्षमता रखता है।

AI से नौकरियों पर असर के बीच सरकार की तैयारी

AI के विस्तार से दुनिया भर में रोजगार के स्वरूप में बदलाव की आशंका जताई जा रही है। कई कामों में स्वचालन बढ़ रहा है। वहीं नए तकनीकी कौशल और रोजगार के अवसर भी पैदा हो रहे हैं। ऐसे में भारत जैसे बड़ी श्रमशक्ति वाले देश के लिए यह समझना महत्वपूर्ण हो गया है कि किन क्षेत्रों में मानव भागीदारी लंबे समय तक अहम बनी रह सकती है। पीयूष गोयल ने कहा कि उन्होंने अपने मंत्रालय से 'AI-प्रूफ प्रोफेशन' यानी ऐसे पेशों की पहचान करने को कहा है, जो AI के कारण पूरी तरह अप्रासंगिक होने की आशंका से अपेक्षाकृत सुरक्षित रह सकते हैं।

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