Delhi Air Pollution: दिवाली की सुबह दिल्ली के लोगों को प्रदूषण से राहत नहीं मिली। दिल्ली के कई इलाकों में धुंध और स्मॉग की चादर छाई रही। सुबह-सुबह राजधानी के कई इलाकों की हवा भी काफी प्रदूषित रही। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, इंडिया गेट के पास AQI 398 दर्ज किया गया, जो 400 के गंभीर स्तर के काफी करीब था। अक्षरधाम मंदिर के पास AQI 336 दर्ज किया गया, जबकि आनंद विहार में ये आंकड़ा 328 रहा। इन दोनों जगहों पर हवा की गुणवत्ता बहुत खराब श्रेणी में पाई गई। यानी दिवाली के दिन राजधानी के कई प्रमुख इलाकों में लोगों को प्रदूषित हवा में सांस लेनी पड़ी। प्रदूषण बढ़ने के कारण दिवाली के दिन भी दिल्ली की हवा लोगों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है।
400 तक पहुंचा दिल्ली का AQI
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के मुताबिक, AQI 301 से 400 के बीच होने पर हवा को बहुत खराब माना जाता है। वहीं, AQI 400 से ज्यादा होने पर हवा गंभीर श्रेणी में आ जाती है। दिवाली की सुबह दिल्ली का औसत AQI भले ही 400 के पार नहीं पहुंचा, लेकिन कई इलाकों में प्रदूषण काफी ज्यादा था। इससे साफ था कि शहर के लोगों को खराब हवा के बीच सांस लेनी पड़ रही थी।
सर्दियों में बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए दिल्ली सरकार ने भी कई कदम उठाए हैं। इसके तहत 1 नवंबर से प्रदूषण रोकने के लिए नया एक्शन प्लान लागू किया जा रहा है। सरकार की 'नो PUCC, नो फ्यूल' व्यवस्था के तहत जिन वाहनों के पास वैध प्रदूषण जांच प्रमाणपत्र नहीं होगा, उन्हें पेट्रोल-डीजल नहीं मिलेगा। इसके अलावा, दिल्ली के बाहर रजिस्टर्ड BS-VI मानकों पर खरे नहीं उतरने वाले वाहनों की राजधानी में एंट्री पर भी रोक लगाई गई है। हालांकि, CNG और इलेक्ट्रिक वाहनों को इस नियम से छूट दी गई है।
ज्यादा प्रदूषण वाली हवा में सांस लेना सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकता है। इसका असर स्वस्थ लोगों पर भी पड़ता है, जबकि पहले से सांस या दूसरी बीमारियों से जूझ रहे लोगों के लिए यह और ज्यादा खतरनाक हो सकती है। बहुत खराब हवा में लंबे समय तक रहने से सांस से जुड़ी परेशानियां बढ़ सकती हैं। वहीं लोगों घर से बाहर निकलने के समय मॉस्क लगाने की सलाह दी गई है।