Delhi Weather: भीषण गर्मी और उमस से दिल्ली का हाल बेहाल, जानें कब मिलेगी राहत...IMD ने बताया

Delhi Weather: उत्तर भारत में भीषण गर्मी और उमस से लोगों का हाल बेहाल है। रविवार को दिल्ली में पिछले दो साल की सबसे गर्म सुबह दर्ज की गई। वहीं मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों में बारिश और तेज हवाओं की संभावना जताते हुए लोगों को मौसम में बदलाव के लिए सतर्क रहने की सलाह दी है

अपडेटेड Jun 28, 2026 पर 10:26 PM
दिल्ली के सफदरजंग मौसम केंद्र में न्यूनतम तापमान 31.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया

Delhi Weather: उत्तर भारत में रहने वाले लोग इस समय भीषण गर्मी और उमस से प है। वहीं रविवार को दिल्ली में पिछले दो वर्षों की सबसे गर्म सुबह दर्ज की गईइस दौरान न्यूनतम तापमान 31.1 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जबकि अधिकतम तापमान 41.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। गर्म मौसम की वजह से लोगों को दिनभर काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। इससे पहले 14 जून 2024 को दिल्ली में न्यूनतम तापमान 33.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। वहीं मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों में बारिश के साथ तेज हवाएं चलने का अनुमान लगाया है।

दिल्ली में आज कितना रहा तापमान

PTI के मुताबिक, दिल्ली के सफदरजंग मौसम केंद्र में न्यूनतम तापमान 31.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 3.2 डिग्री अधिक था। वहीं, अधिकतम तापमान 41.8 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 4.6 डिग्री ज्यादा है। शाम 5:30 बजे शहर में सापेक्ष आर्द्रता (रिलेटिव ह्यूमिडिटी) 44 प्रतिशत दर्ज की गई। दिल्ली के अन्य मौसम केंद्रों पर भी अधिकतम तापमान काफी ऊंचा रहा। पालम में 42 डिग्री सेल्सियस, लोधी रोड में 42.1 डिग्री, रिज में 42.6 डिग्री और आयानगर में 41.8 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया। वहीं, भारतीय मौसम विभाग (IMD) के सभी पांच प्रमुख मौसम केंद्रों पर न्यूनतम तापमान सामान्य से अधिक दर्ज किया गया।


मानसून में हो रही देरी

मौसम एक्सपर्ट के अनुसार, दिल्ली में बढ़ी गर्मी और उमस की मुख्य वजह मानसून के आने में हो रही देरी है। साथ ही सूखी और नमी वाली हवाओं के एक साथ असर करने से तापमान और आर्द्रता दोनों में काफी बढ़ोतरी हुई है, जिससे लोगों को तेज गर्मी और उमस का सामना करना पड़ रहा है। स्काईमेट के वाइस प्रेसिडेंट महेश पलावत ने कहा, “आमतौर पर मानसून 27-28 जून के आसपास दिल्ली पहुंच जाता है। इसके बाद तापमान में गिरावट आती है और नमी बढ़ने लगती है। लेकिन इस साल मानसून के करीब एक सप्ताह देरी से पहुंचने की संभावना है। पाकिस्तान की ओर से आने वाली सूखी पश्चिमी हवाएं तापमान को बढ़ाए हुए हैं, जबकि अरब सागर से आने वाली दक्षिण-पश्चिमी हवाएं दिल्ली में नमी बढ़ा रही हैं।”

उन्होंने आगे कहा, “जब सूखी और नमी वाली हवाएं आपस में मिलती हैं तो बादल तो बनते हैं, लेकिन अच्छी बारिश के लिए पर्याप्त नमी नहीं होती। आमतौर पर शाम 4 या 5 बजे तक बादल बनते हैं, लेकिन तब तक दिन का सबसे अधिक तापमान पहले ही दर्ज हो चुका होता है। यही वजह है कि वास्तविक तापमान के साथ-साथ ‘महसूस होने वाला’ तापमान भी बहुत ज्यादा बना हुआ है।”

कब तक आ सकता है मानसून

उन्होंने आगे कहा कि अगर मौसम की स्थिति अनुकूल रही तो मानसून 30 जून या 1 जुलाई तक पूर्वी उत्तर प्रदेश, 2 या 3 जुलाई तक उत्तराखंड और करीब 4 जुलाई तक दिल्ली पहुंच सकता है। उन्होंने यह भी बताया, “अगले कुछ दिनों में एक छोटा साइक्लोनिक सर्कुलेशन बनने की संभावना है, जिसकी वजह से कुछ इलाकों में बारिश हो सकती है।” मौसम विभाग के अनुसार, सोमवार से शुक्रवार के बीच दिल्ली में कई जगहों पर गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना है। मौसम को देखते हुए मंगलवार और बुधवार के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। इस दौरान लोगों को बदलते मौसम और खराब मौसम की स्थिति को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

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